बलौदाबाजार के व्यापारियों का फूटा गुस्सा, जनदर्शन में कलेक्टर के सामने रखीं 4 बड़ी मांगेंआग, चोरी, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या से परेशान कारोबारियों ने कहा- “आश्वासन बहुत मिले, अब कार्रवाई चाहिए”
बलौदा बाजार। बलौदाबाजार शहर के व्यापारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। लगातार बढ़ती आगजनी की घटनाएं, बाजार में चोरी की वारदातें, अतिक्रमण और पार्किंग की अव्यवस्था से जूझ रहे व्यापारियों ने मंगलवार को जनदर्शन में पहुंचकर प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की नगर इकाई के अध्यक्ष लक्ष्मी साहू के नेतृत्व में व्यापारी प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कुलदीप शर्मा से मुलाकात कर शहर के व्यापारिक माहौल को प्रभावित कर रही प्रमुख समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन जमीन पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दिए। ऐसे में अब व्यापारियों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालेगा।
आगजनी की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
व्यापारियों ने कलेक्टर को बताया कि हाल के महीनों में शहर के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। सबसे बड़ी समस्या यह है कि शहर में तत्काल अग्निशमन सुविधा उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में फायर स्टेशन नगर क्षेत्र से लगभग 8 किलोमीटर दूर स्थित है। इसके अलावा फायर ब्रिगेड को पानी की आपूर्ति भी दूरस्थ स्थान से करनी पड़ती है, जिससे आपात स्थिति में कीमती समय नष्ट हो जाता है। व्यापारियों का कहना है कि यदि नगर क्षेत्र में ही फायर स्टेशन मौजूद होता तो आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता था और नुकसान काफी कम होता। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बलौदाबाजार शहर में तत्काल फायर स्टेशन स्थापित किया जाए। साथ ही नगरपालिका को निर्देशित कर आपातकालीन स्थिति में पानी के टैंकरों की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बाजार में बढ़ती चोरी से दहशत
व्यापारियों ने शहर में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में बताया गया कि बाजार क्षेत्र में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। कई मामलों में आरोपियों का पता नहीं चल पाया है, जबकि कुछ मामलों में कार्रवाई की गति धीमी होने से अपराधियों के हौसले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि रात के समय दुकानों और गोदामों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है। इससे व्यापारियों के बीच असुरक्षा का माहौल बन रहा है। इसी को देखते हुए चेंबर ऑफ कॉमर्स ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि आधुनिक निगरानी व्यवस्था से अपराधों की रोकथाम और जांच दोनों में मदद मिलेगी।
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस चौकी की मांग
व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए शहर के कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी पुलिस व्यवस्था की मांग भी रखी। उनके अनुसार मवेशी बाजार, भैंसा पसरा, पुराना बस स्टैंड और रामसागर तालाब क्षेत्र ऐसे इलाके हैं जहां पुलिस की नियमित मौजूदगी जरूरी है। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि इन क्षेत्रों में पुलिस चौकी स्थापित की जाए या फिर स्थायी पुलिस बल की तैनाती की जाए। इसके अलावा रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने और लगातार पेट्रोलिंग वाहन संचालित करने की भी मांग की गई। उनका मानना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी तो चोरी, असामाजिक गतिविधियों और कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं में कमी आएगी।
अतिक्रमण और पार्किंग ने बढ़ाई व्यापारियों की परेशानी
बलौदाबाजार का मुख्य बाजार लंबे समय से अतिक्रमण और पार्किंग संकट से जूझ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि मुख्य मार्गों पर अवैध कब्जों और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रशासन को कई व्यावहारिक सुझाव भी दिए हैं।
पार्किंग के लिए मवेशी बाजार का उपयोग
व्यापारियों ने प्रस्ताव रखा कि मवेशी बाजार क्षेत्र में निर्मित बाउंड्रीवाल वाले स्थान को पार्किंग जोन के रूप में विकसित किया जाए। यदि ऐसा होता है तो बाजार क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा और ग्राहकों को पार्किंग की सुविधा मिल सकेगी।
सब्जी विक्रेताओं का व्यवस्थित पुनर्वास
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में सब्जी विक्रेताओं के लिए दो चबूतरे और शेड का निर्माण किया गया था। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि सब्जी विक्रेताओं को वहां व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित किया जाए, जिससे सड़क किनारे लगने वाली अव्यवस्थित दुकानों से राहत मिल सके।
मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग
चेंबर ने मुख्य मार्गों से ठेले, शेड और अन्य अस्थायी अतिक्रमणों को स्थायी रूप से हटाने की मांग की। व्यापारियों का कहना है कि सड़कें अतिक्रमण मुक्त होने पर एक ओर यातायात व्यवस्था सुधरेगी और दूसरी ओर ग्राहकों को वाहन पार्क करने के लिए पर्याप्त स्थान मिलेगा।
चेंबर ऑफ कॉमर्स के लिए भवन और भूमि की मांग
व्यापारियों ने केवल बाजार संबंधी समस्याएं ही नहीं उठाईं, बल्कि संगठन की आवश्यकताओं को भी प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने मांग की कि छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज को बाजार क्षेत्र के समीप भूमि और भवन उपलब्ध कराया जाए। व्यापारियों का कहना है कि यदि संगठन का अपना कार्यालय होगा तो व्यापारियों, ग्राहकों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। इसके अलावा विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों, बैठकों और जनहित के कार्यक्रमों को भी व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
थोक व्यापार के लिए अलग स्थान की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बलौदाबाजार में थोक व्यापार के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिया। व्यापारियों का कहना है कि शहर में थोक कारोबार की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन उचित स्थान और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए प्रशासन से थोक व्यापार के लिए अलग और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार हो सके और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
“आश्वासन बहुत मिले, अब समाधान चाहिए”
चेंबर अध्यक्ष लक्ष्मी साहू ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब व्यापारियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखी हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी तत्कालीन राजस्व मंत्री एवं विधायक टंकराम वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन तथा तत्कालीन कलेक्टर दीपक सोनी को इन मुद्दों से अवगत कराया जा चुका है। पूर्व अध्यक्ष जुगल भट्टर और अन्य व्यापारियों की मौजूदगी में भी कई बार ज्ञापन सौंपे गए थे। नई कार्यकारिणी के गठन के बाद भी इस विषय पर चर्चा और पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी। लक्ष्मी साहू ने कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा शासन और प्रशासन का सहयोग करता रहा है। विभिन्न सामाजिक और प्रशासनिक अभियानों में भी व्यापारियों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। इसलिए अब प्रशासन को भी व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करनी चाहिए।
व्यापारियों को प्रशासन से बड़ी उम्मीद
जनदर्शन में हुई इस मुलाकात के दौरान व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करेगा। व्यापारियों का मानना है कि यदि फायर स्टेशन, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, अतिक्रमण और थोक बाजार जैसी समस्याओं का समाधान हो जाता है तो बलौदाबाजार का व्यापारिक वातावरण काफी बेहतर हो जाएगा।
शहर के विकास से जुड़ा है व्यापार
जानकारों का मानना है कि किसी भी शहर की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र उसका बाजार होता है। यदि व्यापारियों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलता है तो इसका सीधा लाभ पूरे शहर को मिलता है। बलौदाबाजार के व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल उनके निजी हितों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास से भी सीधे जुड़े हुए हैं। अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर है कि व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है और कब तक इन समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं।























