कश्मीर आतंकी हमले के शहीद भूपेंद्र भैना के परिवार को अब भी मदद का इंतजार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन कर जाना हाल

कश्मीर आतंकी हमले के शहीद भूपेंद्र भैना के परिवार को अब भी मदद का इंतजार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन कर जाना हाल
कश्मीर आतंकी हमले के शहीद भूपेंद्र भैना के परिवार को अब भी मदद का इंतजार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन कर जाना हाल
कश्मीर आतंकी हमले के शहीद भूपेंद्र भैना के परिवार को अब भी मदद का इंतजार, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन कर जाना हाल
तीन दिन बाद भी आर्थिक सहायता नहीं मिलने का परिजनों का दावा
अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके परिवार के सदस्य, आर्थिक तंगी से जूझ रहा है परिवार
सारंगढ़-बिलाईगढ़।जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम छुईहा निवासी भूपेंद्र भैना के परिवार का दर्द कम होने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के तीन दिन बाद भी परिजनों का दावा है कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता राशि उन्हें अब तक प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों संकटों से गुजर रहा है। इधर, परिवार को सांत्वना देने नेताओं और जनप्रतिनिधियों का उनके घर पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी फोन पर परिजनों से बात कर गहरा शोक व्यक्त किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

अंतिम बार बेटे और भाई का चेहरा भी नहीं देख सके

मृतक भूपेंद्र भैना की बहन अन्नू ने बताया कि परिवार को अपने भाई के अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हुए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनका तीन वर्षीय भतीजा मानस भी अपने पिता को आखिरी बार नहीं देख सका। उन्होंने बताया कि परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। घर की थोड़ी-सी कृषि भूमि भी करीब 30 हजार रुपये में गिरवी रखी हुई है। रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में परिवार को सरकार से घोषित सहायता का इंतजार है।
रिपोर्टर: पीड़ित परिवार से मिलने गए थे, क्या कुछ जानकारी?
पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय बोले: आज बिलाईगढ़ विधानसभा के छुईहा गांव हम पहुंचे। हमारे साथ पूरे कांग्रेस के नेतागण भी साथ रहे। बहुत ही दुखी घटना है। एक गरीब श्रमिक भूपेंद्र भैना जी को आतंकवादियों ने कुलगाम में गोली मार के हत्या कर दी। यह आतंकवादियों के द्वारा कायरना घटना है। मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ।
​परिवारजनों से मिलने के बाद पता चला है कि जम्मू-कश्मीर की सरकार ने ₹16 लाख और राज्य सरकार ने ₹20 लाख देने की घोषणाएं की हैं, यह पर्याप्त नहीं है। गरीब हैं, असहाय हैं, पीड़ित हैं और इस सरकार ने इतनी भी संवेदना नहीं दिखाई कि इस गरीब के बच्चे को, एक आदिवासी बेटा को छत्तीसगढ़ ला सके। पीड़ित परिवार दुखी हैं कि अपने बेटा को ना देख पाए और वहीं जला दिए गए।
छत्तीसगढ़ में दो-दो हमारे बेटे—एक दीपक रात्रे जी (चंद्रपुर विधानसभा के बुंदेली गांव के) और एक बिलाईगढ़ के छुईहा गांव के बेटा भूपेंद्र भैना जी। आज मैं भूपेंद्र भैना के परिवारजनों से मिला, उनके दुख को समझा, साझा किया, तब मेरे को पता चला कि उनके घर में चूल्हे जलने की स्थिति नहीं है। हमने कुछ आर्थिक मदद भी की है।
​लेकिन इस सरकार से हम मांग करते हैं कि उस परिवार को कम से कम ₹1 करोड़ दिया जाए, परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाए, और वो छोटे बच्चे हैं जो 3 साल होने जा रहे हैं, उनको इनकी पूरी शिक्षा और चिकित्सा का खर्चा सरकार वहन करे।
और देश के प्रधानमंत्री और देश के गृह मंत्री अमित शाह जी से कहना चाहूंगा कि 12 साल होने जा रहा है और आप देश से आतंकवाद खत्म नहीं कर पा रहे हैं। यह तो निश्चित ही आपकी असफलता है। हम मांग करते हैं कि नैतिकता के आधार पर आपको इस्तीफा दे देनी चाहिए।
​इस छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को भी मैं मांग करता हूँ, तत्काल इसकी मांगों को पूरा करें और नहीं तो इस देश के, इस घटना की जिम्मेदारी, जवाबदारी कि आपको आप समझें कि यह आपकी जिम्मेदारी है सुरक्षा देना, लोगों की जान-माल की रक्षा करना और इसमें कहीं न कहीं आपकी चूक हुई है। और आज पूरे बिलाईगढ़ इस घटना से दुखित हैं, पूरे छत्तीसगढ़ दुखित हैं। यह बहुत बड़ी घटना है और ऐसा घटना बार-बार पुनरावृत्ति न हो।
रिपोर्टर: पूर्व मुख्यमंत्री जी से भी बात हुई है, क्या जानकारी?
​चन्द्रदेव: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय भूपेश बघेल जी ने परिवारजनों से आज दुर्भाष में बात की, उनकी पीड़ा समझे और उन्हें संबल दी और हर संभव मदद करने का भरोसा दिलाया। कल दीपक बैज जी प्रदेश अध्यक्ष जी भी बात की और भरोसा दिलाने… विपक्ष, पूरे कांग्रेस पार्टी आज पीड़ित परिवार के साथ है और मैं भूपेश बघेल जी को, दीपक बैज जी को और पूरे कांग्रेस पार्टी को इस अवसर में खड़े रहने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।
भूपेश बघेल ने फोन कर जताया शोक
रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवार से फोन पर बातचीत की। उन्होंने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। भूपेश बघेल ने परिजनों से उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।
कांग्रेस नेताओं ने पहुंचकर दी सांत्वना
पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। चंद्रदेव राय ने कहा कि ऐसी दुखद घड़ी में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
प्रशासन ने किया दौरा, लेकिन मदद का इंतजार
घटना के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हुआ। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने मृतक के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। प्रशासन ने परिवार की सहायता और समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। इसके बावजूद परिजनों का कहना है कि अब तक उन्हें घोषित आर्थिक सहायता की राशि नहीं मिली है। उनका कहना है कि केवल आश्वासन मिले हैं, लेकिन आर्थिक मदद अभी तक उनके खाते में नहीं पहुंची।
सरकार ने की है सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले में जान गंवाने वाले दोनों मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी अलग से सहायता राशि देने का ऐलान किया है। हालांकि परिजनों का कहना है कि घोषणा के बावजूद अब तक उन्हें कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है।
एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी की मांग
पूर्व विधायक चंद्रदेव राय ने राज्य सरकार से मांग की है कि भूपेंद्र भैना के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मृतक के तीन वर्षीय पुत्र मानस भैना की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार उठाए। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को विशेष राहत पैकेज देना चाहिए।
पूरे प्रदेश की नजर सरकार के अगले कदम पर
भूपेंद्र भैना की शहादत ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया है। एक ओर परिवार अपने बेटे को खोने के गम से उबर नहीं पा रहा है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक संकट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
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