पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल, चोरों के टारगेट में पुलिस आरक्षक, चोर आरक्षकों को ही क्यो बना रहा शिकार? पढ़िए…
Baloda Bazar Crime News: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार शहर में चोरी की लगातार घटनाएं बढ़ती जा रही है। चोरों ने पिछले 14 दिनों में चार चोरियों को अंजाम दिया है। इसमें दो चोरियां पुलिस को टारगेट कर आरक्षकों के घर या फिर उनसे संबंधित है। इन घटनाओं के पीछे नशा की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है। इधर लगातार हो रही चोरी की घटना से पुलिसिंग और पुलिस की पेट्रोलिंग और गस्त पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
Baloda Bazar Crime News: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार में 10 जून को हुई हिंसक घटनाओं और आगजनी के मामले की विवेचना और आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस व्यस्त है। इस घटना में बड़ी संख्या में शहर में लगे सर्विलांस कैमरा और सीसीटीवी को आरोपियों ने प्रदर्शन के दौरान तोड़ दिया था। इसका फायदा चोर और बदमाश उठा रहे हैं। लगातार चोरी की घटना को अंजाम दे रहे हैं। पिछले 14 दिनों की बात करें तो पुलिस लाइन में पदस्थ एक महिला आरक्षक के किराए के मकान और एक पुरुष आरक्षक को टारगेट कर उसकी बाइक की चोरी कर चुके हैं। वही दो चोरियां लटुआ रोड और नवीन शाला के पास हुई है। सभी चोरियों में एक ही चीज कॉमन है कि चोरों ने वाहनों की चोरी किया है। हालांकि इस दौरान पुलिस ने शराब और शराब पीने वालों पर कार्यवाही जरूर की है लेकिन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने में अब भी पुलिस नाकाम साबित हुई है। यही वजह है कि लगातार हो रही चोरी से लोगों के मन में भय उत्पन्न हो गया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि चोरी की संख्या में वृद्धि हुई है इस पर जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराधी इन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं जल्द ही इन पर कार्रवाई होगी। उन्होंने युवाओं में बढ़ रहे व्यसन पर भी कार्रवाई करने और नशे की गिरफ्त से युवाओं और नाबालिगों को बाहर निकालने के लिए सामाजिक संस्थाओं की मदद लेने की बात कही। –विजय अग्रवाल, एसपी बलौदाबाजार-भाटापारा
इनकी बाइक हुई चोरी
- पहली घटना – राहुल पुरेना ने शिकायत दर्ज कराई है कि लटुआ रोड में टेंट हाउस के सामने उसने अपनी मोटरसाइकिल होंडा शाइन सीजी 22 एस 5171 खड़ी किया था जिसे अज्ञात चोरों ने चोरी कर लिया।
- दूसरी घटना – पुलिस लाइन में पदस्थ महिला आरक्षक सत्य पैकरा ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई की 9 जुलाई को दोपहर 2:00 बजे वह अपनी एक्टिवा सीजी 22 जेड 7052 नगर पालिका के पास अपने किराए के मकान में खड़ी की थी जहां से चोरी हो गई।
- तीसरी घटना – सिविल लाइन निवासी वरुण नेताम ने एफआईआर दर्ज कराई है कि 10 जुलाई की रात वह अपने दोस्त को छोड़ने नवीन शाला के पास गया था जहां से उसकी सीडी डीलक्स सीजी 22 टी 8918 चोरी हो गई।
- चौथी घटना – पुलिस लाइन में पदस्थ जगमोहन कोसले ने फिर दर्ज कराई की वह 4 जुलाई को रिसदा रोड लोहिया नगर मस्जिद के सामने ऑटो स्टैंड में अपनी मोटर साइकिल पल्सर सीजी 22 जेड 7159 को कड़ी किया था जहां से चोरी हो गई।
फल फूल रहा नशे अवैध कारोबार
बलौदा बाजार में नशे का कारोबार फल फूल रहा है। शराब की तस्करी के लिए बलौदा बाजार जिला गढ़ बनता जा रहा है। साथ ही सुख नशे भी यहां के युवाओं और बच्चों को परोसा जा रहा है। इसके कारण छोटे-छोटे बच्चे भी अब नशे की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। दशहरा मैदान हो या फिर हाई स्कूल का मैदान, शहर के अलग-अलग जगह पर स्थित तालाब के किनारे भी नशेड़ी दिन रात जमे रहते हैं। स्कूलों के सामने मनचले युवकों का जमावड़ा भी देखने को मिल रहा है। स्कूल खुलते ही पुलिस द्वारा चलाई जाने वाला अभियान मजनू भी इन मजनू बंद है।
चाकू बाजी की घटना में हुई बढ़ोतरी
युवाओं में नशा इतना हावी हो चुका है कि छोटी-छोटी विवादों पर अब वे चाकू बाजी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पिछले दिनों लड़की से छेड़खानी के नाम पर विवाद में दो युवकों ने एक युवक को चाकू मार दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। शिकायत पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर हालांकि आरोपी को गिरफ्तार की लेकिन आरोपी के मन में पुलिस का कोई खौफ दिखाई नहीं दिया। वहीं चोरी के मामले की बात करें तो अब भी पुलिस के हाथ खाली हैं। वहीं नशे की गिरफ्त में फंस चुके यहां के युवा अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लगातार आपराधिक गतिविधियों और चोरी को अंजाम दे रहे हैं। वहीं पुलिस ऐसे अपराधों पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है।
शराब कोचियों से पुलिस और आबकारी विभाग का साठगांठ
बलौदा बाजार में सर्वाधिक नशा शराब का है। यही वजह है की गली मोहल्लों में भी अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। अवैध शराब पर कार्यवाही करने की पूरी जिम्मेदारी आबकारी विभाग की रहती है, लेकिन देखने में यह आया है कि आबकारी विभाग के वेयरहाउस में घुसकर ही शराब तस्कर आबकारी उपनिरीक्षक के साथ मारपीट और सरकारी काम में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं इसे समझ आता है कि किस तरह से शराब तस्करों और कोचियों का मनोबल आबकारी अधिकारियों ने बढ़ा कर रखे हुए हैं। वहीं पुलिस विभाग में एक ही जिले में पिछले कई सालों से जमे कर्मचारियों का भी शराब कोचिया के साथ साठ गांठ होने का असर दो दिन पहले पुलिस द्वारा निकाली गई आरोपियों की जुलूस में देखने को मिला। जहां आरोपियों के मन में पुलिस का खौफ होना तो दूर हुए वे हंसते मुस्कुराते नजर आए।
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