पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था

पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था
पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था

पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था

वन्यप्राणी शिकार मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई जंगली सुअर के मांस बिक्री के आरोप भेजे गए जेल

बलौदाबाजार: वन्यप्राणियों के अवैध शिकार और मांस व्यापार पर बलौदाबाजार वन विभाग ने शिकंजा कसते हुए ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। बिलाड़ी गांव में दबिश देकर विभाग ने जंगली सुअर के मांस की बिक्री करते और उसे खरीदने वाले कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी (DFO) पंकज कुमार कमल के दिशा-निर्देशन में की गई।

मुखबिर की सूचना पर रेड, मौके से उपकरण और मांस बरामद

25 अगस्त को वन विभाग को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि ग्राम बिलाड़ी निवासी छब्बीलाल सारथी के घर पर जंगली सुअर का मांस बेचा जा रहा है। सूचना मिलते ही अर्जुनी वन परिक्षेत्र की टीम ने तत्काल गांव में दबिश दी।

​रेड के दौरान अजय सारथी नामक युवक को बाड़ी की मेढ़ के पास से प्लास्टिक की बोरी, तराजू, मांस काटने का औजार (कट्टा) और लकड़ी के गुटके के साथ पकड़ा गया। बोरी की जांच करने पर उसमें अवैध जंगली सुअर का मांस बरामद हुआ।

कुत्ते की मदद से शिकार, खरीदारों पर भी गाज

पूछताछ में आरोपी अजय सारथी ने खुलासा किया कि उसके चाचा छब्बीलाल सारथी ने कोनी-बेंचा डैम के पास जंगल में पालतू कुत्ते की मदद से जंगली सुअर के बच्चे का शिकार किया था। इसके बाद दोनों मिलकर मांस के छोटे-छोटे टुकड़े कर बेच रहे थे। वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकारियों के साथ-साथ मांस खरीदने वाले 5 अन्य ग्राहकों को भी नामजद कर गिरफ्तार कर लिया।

गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज, सभी आरोपी जेल दाखिल

मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 (संशोधित 2022) की विभिन्न सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज (POR क्रमांक 16428/25) किया गया है। जप्ती और पंचनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद सभी 7 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 26 अगस्त को उन्हें बलौदाबाजार जिला जेल भेज दिया गया है।

कार्रवाई करने वाली टीम

इस सफल कार्रवाई में अर्जुनी परिक्षेत्र अधिकारी पार्थ शर्मा, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी भगवत प्रसाद श्रीवास, भरत लाल साहू, वन परिसर रक्षक संदीप माथुर और प्रवीण कुमार आदिले की सराहनीय भूमिका रही।

​वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव अपराधों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने आम जनता से भी शिकार और अवैध व्यापार से जुड़ी सूचनाएं तुरंत साझा करने की अपील की है।

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