



बेमेतरा की सेवा सहकारी समिति सैगोना में 800 बोरी खाद की हेराफेरी का बड़ा घोटाला उजागर! ऑडिट में सामने आई गड़बड़ी, प्रशासन ने दिए जांच के आदेश। पढ़ें पूरी खबर!
बेमेतरा खाद घोटाला: ऑडिट में बड़ा फर्जीवाड़ा, प्रबंधक पर उठे सवाल, प्रशासन सख्त
अरुण पुरेना, बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले की सेवा सहकारी समिति सैगोना में एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जिसमें 800 से अधिक बोरी खाद की हेराफेरी का मामला सामने आया है। इस खाद की कीमत 6 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। यह मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम ऑडिट के दौरान उजागर हुआ, जिसमें यूरिया, डीएपी और अन्य खाद के स्टॉक और वितरण में भारी गड़बड़ी पाई गई।
ऑडिट रिपोर्ट के सामने आते ही जिले के सहकारिता और कृषि विभाग में हड़कंप मच गया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह हेराफेरी हो रही थी? और क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
बेमेतरा खाद घोटाला: कैसे उजागर हुआ 800 बोरी खाद का घोटाला?
हर साल की तरह इस बार भी सेवा सहकारी समिति सैगोना का वित्तीय वर्ष का ऑडिट किया गया। खाद सत्यापन के दौरान POS मशीन और भौतिक स्टॉक मिलान में भारी गड़बड़ी पाई गई, और 800 बोरी खाद स्टॉक व वितरण में गड़बड़ी पाई गई। जिससे स्पष्ट होता है कि यह घोटाला एक दिन का नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा था। समिति प्रबंधक की लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए उच्च अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक:
✔ यूरिया और डीएपी खाद के स्टॉक में बड़ा हेरफेर किया गया।
✔ समिति के रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया।
इतनी बड़ी गड़बड़ी के सामने आते ही समिति प्रबंधक योगेश पटेल और खाद प्रभारी की भूमिका संदिग्ध हो गई।
पहले भी विवादों में रहा है समिति प्रबंधक, अब बचाव की कोशिश
गौर करने वाली बात यह है कि समिति प्रबंधक योगेश पटेल का यह पहला घोटाला नहीं है।
✔ इससे पहले भी धान खरीदी में गड़बड़ी को लेकर उन पर कई बार नोटिस जारी हो चुका है।
✔ लगातार अनियमितताओं के बावजूद वह 7-8 वर्षों से पद पर बने हुए हैं।
✔ अब खाद घोटाले में फंसने के बाद उन्होंने खुद को बचाने के लिए खाद प्रभारी को नोटिस जारी कर दिया।
अब सवाल यह उठता है कि अगर समिति प्रबंधक अपनी जिम्मेदारी सही से निभा रहे थे, तो यह घोटाला हुआ कैसे?
प्रशासन ने लिया संज्ञान, दो विभागों ने शुरू की जांच
इस बड़े घोटाले को देखते हुए सहकारिता और कृषि विभाग ने तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
✔ सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त एके सिंह ने निर्देश दिए हैं कि नोडल अधिकारी खाद का भौतिक सत्यापन करें और जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपें।
✔ कृषि विभाग के उपसंचालक मोरध्वज डड़सेना ने भी असिस्टेंट डायरेक्टर को मौके पर जाकर जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या घोटालेबाजों पर होगी कार्रवाई या फिर होगा खेल?
इस घोटाले के उजागर होने के बाद किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि यह खाद उन्हीं के लिए आई थी, लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। अब सवाल यह है कि:
✔ क्या समिति प्रबंधक और खाद प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी?
✔ क्या सहकारी समितियों में और भी बड़े घोटाले छिपे हुए हैं?
✔ क्या यह घोटाला सिर्फ दिखाने भर का है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है?
बेमेतरा के किसान अब इस मामले में जल्द से जल्द न्याय चाहते हैं और प्रशासन की कार्रवाई पर नजरें टिकाए बैठे हैं।
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