हरदी पंचायत में पति का राज? सरपंच-सचिव ने लगाए उपसरपंच पति और पंच पतियों पर हस्तक्षेप के आरोप, एफआईआर की मांग

हरदी पंचायत विवाद: सरपंच-सचिव ने लगाए उपसरपंच पति और पंच पतियों पर हस्तक्षेप के आरोप, एफआईआर की मांग (Chhattisgarh Talk)
हरदी पंचायत विवाद: सरपंच-सचिव ने लगाए उपसरपंच पति और पंच पतियों पर हस्तक्षेप के आरोप, एफआईआर की मांग (Chhattisgarh Talk)

बलौदाबाजार जिले की हरदी ग्राम पंचायत में उपसरपंच पति और पंच पतियों पर पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप व वित्तीय दबाव के आरोप लगे हैं। सरपंच और सचिव ने एफआईआर की मांग की, वहीं दूसरी ओर सचिव और सरपंच पर भी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की गई है।

बलौदाबाजार जिले की ग्राम पंचायत हरदी में उप सरपंच के पति और कुछ पंच पतियों पर पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप करने का आरोप सामने आया है। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने जिला मुख्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के पास आवेदन देकर इन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।


हरदी पंचायत विवाद: महिला पंचायत पदाधिकारियों को अधिकार, लेकिन स्थानीय हस्तक्षेप जारी

छत्तीसगढ़ की पंचायती राज व्यवस्था में महिला पंचायत पदाधिकारियों के लिए 50% आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इस आरक्षण का उद्देश्य महिला अधिकारियों को पंचायत के कामकाज में सक्षम बनाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। भारत सरकार तथा छत्तीसगढ़ राज्य के पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा के तहत पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को कामकाज में निर्णय लेने और क्रियान्वयन का अधिकार दिया गया है।

अपर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पत्र क्रमांक पंचायत/विविध/2010 में स्पष्ट निर्देश है कि पंच पतियों और सरपंच के पतियों को पंचायत बैठक या कार्य संचालन में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं है। लेकिन ग्राम पंचायत हरदी में उप सरपंच के पति परदेशी निषाद और पंच पति माखन प्रजापति, मुकेश प्रजापति, बंसीलाल पटेल और कृष्ण कुमार द्वारा इन नियमों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है।


हर पंचायत बैठक में हस्तक्षेप

सरपंच सोमनाथ पटेल और पंचायत सचिव के अनुसार, उप सरपंच पति एवं पंच पतियों द्वारा हर सामान्य सभा की बैठक में भाग लेकर पंचायत के कामकाज को प्रभावित किया जा रहा है। इसका नकारात्मक असर पंचायत के निर्णय लेने और योजनाओं के कार्यान्वयन पर पड़ रहा है।

सरपंच-सचिव ने बताया कि इससे न सिर्फ पंचायत के कामकाज में बाधा आती है, बल्कि मानसिक रूप से पंचायत अधिकारियों और सरपंच पर भी दबाव बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि उप सरपंच के पति एवं अन्य पंच पति खुलेआम नियमों की अवहेलना कर रहे हैं और पंचायत प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं।


हरदी पंचायत विवाद: जिला प्रशासन के पास आवेदन

सरपंच और सचिव ने इस मामले में जिला मुख्यालय पहुंचकर जिला कलेक्टर को आवेदन दिया। आवेदन में कहा गया कि पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप रोकने और उचित कार्रवाई करने की तत्काल जरूरत है। साथ ही आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक, अनुभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बलौदाबाजार के साथ-साथ पुलिस थाना लवन में भी भेजी गई है। सरपंच ने स्पष्ट किया कि एफआईआर दर्ज कराना आवश्यक है ताकि पंचायत कार्य स्वतंत्र रूप से और व्यवस्थित तरीके से चल सके।

हरदी पंचायत विवाद: सरपंच-सचिव ने लगाए उपसरपंच पति और पंच पतियों पर हस्तक्षेप के आरोप, एफआईआर की मांग | वहीं दूसरी ओर सचिव और सरपंच पर भी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की गई (Chhattisgarh Talk)
हरदी पंचायत विवाद: सरपंच-सचिव ने लगाए उपसरपंच पति और पंच पतियों पर हस्तक्षेप के आरोप, एफआईआर की मांग | वहीं दूसरी ओर सचिव और सरपंच पर भी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की गई (Chhattisgarh Talk)

फर्जी हाजिरी और वित्तीय दबाव

सरपंच-सचिव के आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि उप सरपंच पति एवं पंच पतियों द्वारा लगातार चल रही योजनाओं पर फर्जी हाजिरी दर्ज करने का दबाव डाला जाता है। विशेष रूप से “विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन योजना” के तहत चल रहे कार्यों में सभी पंचों और पंच पतियों से नियमित हाजिरी की मांग की जाती है।

सरपंच ने बताया कि होली पर्व के पूर्व मासिक बैठक में उप सरपंच पति और पंच पतियों द्वारा प्रत्येक पंच को ‘सहयोग राशि’ का होली खर्च देने की मांग की गई। जब पंचायत सचिव ने इसका विरोध किया और असमर्थता जताई, तो उसके खिलाफ फर्जी शिकायत करने की धमकी दी गई।

इससे यह स्पष्ट होता है कि पंचायत के पारंपरिक नियमों का उल्लंघन केवल बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि वित्तीय दबाव और धमकियों के माध्यम से पंचायत के कामकाज को प्रभावित किया जा रहा है।


पंचायत कार्यों पर गंभीर प्रभाव

ग्राम पंचायत हरदी में चल रही घटनाओं का असर सीधे तौर पर योजनाओं और कार्यों के क्रियान्वयन पर पड़ रहा है।

सरपंच ने बताया कि पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी लगातार दबाव में हैं, जिससे वे अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं। ऐसे हालात में विकास योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन और जनता को लाभ पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

विशेष रूप से, रोजगार और आजीविका मिशन जैसी योजनाओं में फर्जी हाजिरी और दबाव के कारण कार्य में विलंब और वित्तीय अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।


प्रशासन और पुलिस के सामने मांग

सरपंच और सचिव ने अपने आवेदन में स्पष्ट मांग की है कि उप सरपंच के पति और पंच पतियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि पंचायत के नियमों और अधिनियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो पंचायत के कामकाज में और अधिक अव्यवस्था होगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा बढ़ेगी।


पंचायतों में महिला अधिकारों की रक्षा

ग्राम पंचायत हरदी की स्थिति इस बात की याद दिलाती है कि महिला पंचायत पदाधिकारियों को दिए गए अधिकारों की रक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। पंचायती राज अधिनियम और संबंधित सरकारी निर्देशों के बावजूद जब स्थानीय हस्तक्षेप जारी रहता है, तो प्रशासन की भूमिका और भी अहम हो जाती है। सरपंच और पंचायत सचिव की मांग स्पष्ट है कि पंचायत की स्वतंत्रता और महिला अधिकारियों के अधिकार सुनिश्चित किए जाएं। केवल आदेशों का पालन कराना ही नहीं, बल्कि एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई करना भी आवश्यक है।


हरदी पंचायत में पतियों राज?

सरपंच और पंचायत सचिव द्वारा जिला प्रशासन को प्रस्तुत आवेदन में कहा गया है कि उप सरपंच पति और कुछ पंच पतियों द्वारा लगातार पंचायत के कामकाज में हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरपंच ने यह भी बताया कि होली पर्व से पहले मासिक बैठक में प्रत्येक पंच से ‘सहयोग ₹ राशि’ का होली खर्च देने की मांग की गई थी, जिसे पंचायत सचिव ने असमर्थता जताई, जिसके बाद उनके खिलाफ फर्जी शिकायत की धमकी दी गई। इस स्थिति में पंचायत का कामकाज स्वतंत्र और व्यवस्थित ढंग से संचालित नहीं हो पा रहा है, इसलिए एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की मांग की गई है।

दूसरी ओर उप सरपंच पति और पंच पतियों ने जिला कलेक्टर के पास शिकायत दर्ज कराते हुए ग्राम पंचायत हरदी की सचिव पूजा वर्मा और सरपंच सोमनाथ पटेल पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने बिना पंचायत प्रतिनिधियों की स्वीकृति के विकास कार्यों के लिए राशियों का आहरण किया और फर्जी बिल-बाउचर प्रस्तुत कर ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को गुमराह किया। उन्होंने सचिव को हटाने की मांग करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ठोस विकास कार्य नहीं हुए और भविष्य में और भी अप्रिय घटनाओं की संभावना है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि पूजा वर्मा को हटाकर उनके स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति की जाए।


ग्राम पंचायत हरदी में उप सरपंच पति और कुछ पंच पतियों द्वारा पंचायत के कामकाज में लगातार हस्तक्षेप और वित्तीय दबाव डालने के आरोप ने प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों के बीच तनाव पैदा कर दिया है। सरपंच और सचिव ने जिला प्रशासन से एफआईआर दर्ज कराने और उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि पंचायत के कामकाज को स्वतंत्र और व्यवस्थित रूप से चलाया जा सके। वहीं उप सरपंच पति और पंच पतियों ने सचिव पूजा वर्मा और सरपंच पर आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है।

इस पूरे विवाद से स्पष्ट होता है कि ग्राम पंचायत के संचालन में नियमों का पालन और पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और अधिकारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी होगी। यही कदम न केवल कार्य संचालन को सुचारू बनाएगा, बल्कि पंचायत प्रणाली की साख और ग्रामीण जनता का विश्वास भी बनाए रखेगा।

📍बलौदाबाजार से चंदू वर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट

चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
✉️ chhattisgarhtalk@gmail.com | ☎️ +91 9111755172


हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े- Join Now

  • विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 9111755172

-टीम छत्तीसगढ़ टॉक न्यूज़ (Chhattisgarh Talk News)

छत्तीसगढ़ टॉक की रिपोर्टिंग फिर सच, ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा, करोड़ों का ट्रांजेक्शन, आरोपी हाईटेक

महिला प्रधानपाठिका निलंबित: Chhattisgarh Talk की खबर का असर

छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम की खबर का असर: Indian Oil ने पीड़ित को दिया 20 लाख रुपय का चेक, Chhattisgarh Talk को किया धन्यवाद, जानिए मामला

छत्तीसगढ़ टॉक की खबर का बड़ा असर: कलेक्टर ने बनाई जांच समिति, जल संकट से जूझते ग्रामीणों की आवाज बनी छत्तीसगढ़ टॉक!

Chhattisgarh Talk की खबर का असर: तहसीलदार कुणाल सेवईया निलंबित, किसान आत्महत्या प्रयास मामले में बड़ा एक्शन!


आप किस जेनरेशन का हिस्सा हैं? जानिए हर पीढ़ी की विशेषताएँ और योगदान

https://chhattisgarhtalk.com/the-collector-made-a-big-impact-of-the-news-of-chhattisgarh-talk-the-inquiry-committee-became-the-voice-of-the-villagers-struggling-with-water-crisis/

error: Content is protected !!