ChhattisgarhTalk.com की खबर का असर: निपनिया धान उपार्जन केंद्र में रेत-कंकड़ मिलाकर धान में हेराफेरी करने वाला प्रभारी बर्खास्त

ChhattisgarhTalk.com की खबर का असर: निपनिया धान उपार्जन केंद्र में रेत-कंकड़ मिलाकर धान में हेराफेरी करने वाला प्रभारी बर्खास्त (Chhattisgarh Talk)
ChhattisgarhTalk.com की खबर का असर: निपनिया धान उपार्जन केंद्र में रेत-कंकड़ मिलाकर धान में हेराफेरी करने वाला प्रभारी बर्खास्त (Chhattisgarh Talk)

बलौदाबाजार के निपनिया धान उपार्जन केंद्र में धान के बोरों में रेत मिलाकर हेराफेरी का मामला सामने आया। खरीदी प्रभारी को सेवा से बर्खास्त किया गया।

बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी में गड़बड़ी के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई कर दी है। ChhattisgarhTalk.com में प्रकाशित खबर और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद जिला प्रशासन ने जांच कर धान खरीदी प्रभारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। मामला भाटापारा विकासखंड के निपनिया धान उपार्जन केंद्र से जुड़ा है, जहां उपार्जित धान के बोरों में रेत, कंकड़ और धूल-मिट्टी मिलाकर वजन बढ़ाने का आरोप सामने आया था। वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने संयुक्त जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी पाए गए धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन को सेवा से पृथक कर दिया गया है।


वायरल वीडियो से खुला था पूरा खेल

कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें धान के बोरों में रेत और कंकड़ मिलाने का आरोप लगाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद किसानों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला था। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संयुक्त जांच दल गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू कराई। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर धान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया।


जांच में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा

संयुक्त जांच दल ने जब उपार्जन केंद्र में रखे धान का भौतिक सत्यापन किया तो कई गंभीर तथ्य सामने आए। जांच रिपोर्ट के अनुसार केंद्र में रिकॉर्ड की तुलना में 137.20 क्विंटल धान अधिक पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन द्वारा हमालों के माध्यम से बड़ी मात्रा में धान के बोरों में रेत मिलाई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार लगभग 5300 कट्टों में प्रत्येक बोरी में 2 से 3 किलोग्राम तक रेत मिलाई गई थी। जांच अधिकारियों का कहना है कि रेत मिलाने के बाद उसके बराबर लगभग 132 क्विंटल धान की हेराफेरी कर व्यक्तिगत लाभ लेने की कोशिश की गई। यह मामला सरकारी खरीदी प्रणाली में गबन और गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है।

Chhattisgarh Talk की खबर: निपनिया धान उपार्जन केंद्र में बड़ा घोटाला: धान के बोरों में रेत-कंकड़ मिलाने का वीडियो वायरल, जांच में चौंकाने वाले खुलासे


प्रशासन ने दिखाई सख्ती

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। उपायुक्त सहकारिता द्वारा जांच प्रतिवेदन के आधार पर धान खरीदी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई। प्रतिवेदन में यह स्पष्ट उल्लेख किया गया कि प्रभारी ने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती और सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग किया। इसके आधार पर संबंधित प्राधिकृत अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 की धारा 55 (1) के तहत कार्रवाई करते हुए कर्मचारी सेवा नियम 2018 के नियम क्रमांक 16 के अंतर्गत धान खरीदी प्रभारी को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया।

निपनिया धान खरीदी केंद्र घोटाला: रेत मिलाकर धान में हेराफेरी, प्रभारी बर्खास्त (Chhattisgarh Talk)
निपनिया धान खरीदी केंद्र घोटाला: रेत मिलाकर धान में हेराफेरी, प्रभारी बर्खास्त (Chhattisgarh Talk)

धान खरीदी व्यवस्था पर उठे सवाल

निपनिया उपार्जन केंद्र में सामने आया यह मामला केवल एक कर्मचारी की लापरवाही तक सीमित नहीं माना जा रहा। इस घटना ने धान खरीदी केंद्रों की निगरानी व्यवस्था और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

किसानों का कहना है कि यदि समय रहते वीडियो सामने नहीं आता तो यह गड़बड़ी शायद कभी उजागर नहीं हो पाती। कई किसानों ने मांग की है कि जिले के अन्य धान उपार्जन केंद्रों की भी जांच कराई जाए ताकि ऐसी अनियमितताओं पर पूरी तरह रोक लग सके।


किसानों में नाराजगी, सख्त कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि धान खरीदी व्यवस्था किसानों की मेहनत और आजीविका से जुड़ी है। ऐसे में यदि खरीदी केंद्रों पर इस तरह की हेराफेरी होती है तो इसका सीधा असर किसानों पर पड़ता है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भी जांच कर कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों इसके लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।


मीडिया रिपोर्ट के बाद तेज हुई कार्रवाई

स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर चर्चा तब तेज हुई जब ChhattisgarhTalk.com में इस घोटाले को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर सामने आने के बाद प्रशासन पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ा और जांच प्रक्रिया तेज हुई।

इसके बाद प्रशासन ने जांच कर दोषी पाए गए प्रभारी के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की।


आगे भी हो सकती है जांच

हालांकि प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन कई लोगों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर रेत मिलाने का काम अकेले किसी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं हो सकता। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है और इस मामले में अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच हो सकती है।


पारदर्शिता बनाए रखने की चुनौती

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था राज्य की सबसे बड़ी सरकारी प्रक्रियाओं में से एक है। लाखों किसान हर साल अपनी उपज सरकारी उपार्जन केंद्रों में बेचते हैं। ऐसे में निपनिया उपार्जन केंद्र में सामने आया यह मामला प्रशासन के लिए चेतावनी की तरह देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में भी इस तरह की अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। फिलहाल जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है। किसानों और स्थानीय लोगों की नजर अब इस बात पर है कि क्या इस मामले में आगे भी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है या नहीं।

📍बलौदाबाजार से चंदू वर्मा और सत्यनारायण पटेल की ग्राउंड रिपोर्ट

चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
✉️ chhattisgarhtalk@gmail.com | ☎️ +91 9111755172


हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े- Join Now

  • विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 9111755172

-टीम छत्तीसगढ़ टॉक न्यूज़ (Chhattisgarh Talk News)

छत्तीसगढ़ टॉक की रिपोर्टिंग फिर सच, ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा, करोड़ों का ट्रांजेक्शन, आरोपी हाईटेक

महिला प्रधानपाठिका निलंबित: Chhattisgarh Talk की खबर का असर

छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम की खबर का असर: Indian Oil ने पीड़ित को दिया 20 लाख रुपय का चेक, Chhattisgarh Talk को किया धन्यवाद, जानिए मामला

छत्तीसगढ़ टॉक की खबर का बड़ा असर: कलेक्टर ने बनाई जांच समिति, जल संकट से जूझते ग्रामीणों की आवाज बनी छत्तीसगढ़ टॉक!

Chhattisgarh Talk की खबर का असर: तहसीलदार कुणाल सेवईया निलंबित, किसान आत्महत्या प्रयास मामले में बड़ा एक्शन!


आप किस जेनरेशन का हिस्सा हैं? जानिए हर पीढ़ी की विशेषताएँ और योगदान

https://chhattisgarhtalk.com/the-collector-made-a-big-impact-of-the-news-of-chhattisgarh-talk-the-inquiry-committee-became-the-voice-of-the-villagers-struggling-with-water-crisis/

Manendrgarh News :  श्री सिंह ने कहा- रमन सिंह की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने छत्तीसगढ़ की जनता को धोखा दिया है और क्या कहा पढ़िये.. अब छत्तीसगढ़ की खुशहाल जनता राज्य में परिवर्तन नहीं चाहती है और चीख चीख कर कह रही है भूपेश है तो भरोसा है,

error: Content is protected !!