बलौदाबाजार जिला अस्पताल में नशे में ड्यूटी करता मिला ड्रेसर, वीडियो सामने आते ही प्रशासन सख्त कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, सिविल सर्जन ने थमाया सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस

बलौदाबाजार जिला अस्पताल में नशे में ड्यूटी करता मिला ड्रेसर, वीडियो सामने आते ही प्रशासन सख्त कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, सिविल सर्जन ने थमाया सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस (Chhattisgarh Talk)
बलौदाबाजार जिला अस्पताल में नशे में ड्यूटी करता मिला ड्रेसर, वीडियो सामने आते ही प्रशासन सख्त कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, सिविल सर्जन ने थमाया सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस (Chhattisgarh Talk)
बलौदाबाजार जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल.रात 11 बजे ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिला कर्मचारी, पहले भी मिल चुके थे 4 नोटिस, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, सिविल सर्जन ने थमाया सेवा समाप्ति का अंतिम नोटिस….
बलौदाबाजार:  जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था और कर्मचारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मरीजों की जिंदगी से जुड़े इस संवेदनशील स्थान पर एक ड्रेसर के ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाए जाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
Chhattisgarhtalk.com के संपादक चंद्रकांत वर्मा के पास पहुंचे वीडियो में जिला अस्पताल में पदस्थ ड्रेसर तिकेंद्र कांत नशे की हालत में दिखाई दे रहा है। वीडियो में कर्मचारी ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा है और लड़खड़ाते हुए नजर आ रहा है। पूछताछ के दौरान कर्मचारी द्वारा शराब पीने की बात स्वीकार करने की बात भी सामने आई है। मामले की जानकारी तत्काल कलेक्टर कुलदीप शर्मा को दी गई, जिस पर उन्होंने गंभीरता दिखाते हुए पूरे मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।

बलौदाबाजार जिला अस्पताल में रात 11 बजे ड्यूटी के दौरान सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई 2026 की रात करीब 11 बजे जिला अस्पताल बलौदाबाजार में रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान यह पूरा मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि ड्यूटी पर तैनात ड्रेसर तिकेंद्र कांत शराब के नशे में इतना अधिक था कि वह सामान्य स्थिति में काम करने में सक्षम नहीं था। अस्पताल जैसे आपातकालीन संस्थान में इस तरह की लापरवाही से मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और ऐसे कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

मरीजों की जान से खिलवाड़ पर उठे सवाल

जिला अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। खासकर रात के समय आने वाले गंभीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है। ऐसे में अगर कोई स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाया जाता है तो यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात कर्मचारियों से जिम्मेदारी और संवेदनशील व्यवहार की उम्मीद की जाती है। इस तरह की घटना से मरीजों और उनके परिजनों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।

कलेक्टर ने लिया संज्ञान, जांच के निर्देश

वीडियो सामने आने के बाद मामले की जानकारी बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा को दी गई। कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है। प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

सिविल सर्जन ने जारी किया अंतिम चेतावनी नोटिस

मामले में जिला अस्पताल प्रबंधन ने भी त्वरित कार्रवाई की है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक वर्मा ने ड्रेसर तिकेंद्र कांत को अंतिम चेतावनी और सेवा समाप्ति की कार्यवाही की सूचना वाला नोटिस जारी किया है।
सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा 11 जुलाई 2026 को जारी पत्र क्रमांक 2866/जि.चि./2026 में कर्मचारी से दो दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि कर्मचारी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

पहली बार नहीं, पहले भी मिल चुके हैं नोटिस

सिविल सर्जन कार्यालय के अनुसार यह मामला कर्मचारी की पहली गलती नहीं है। इससे पहले भी कार्य में सुधार और अनुशासन बनाए रखने के लिए उसे चार बार कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें शामिल हैं—

  • 29 दिसंबर 2025
  • 10 जनवरी 2026
  • 20 मई 2026
  • 09 जुलाई 2026
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि कर्मचारी 8 जुलाई 2026 और फिर 10 जुलाई 2026 को रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान शराब के नशे की स्थिति में पाया गया। लगातार चेतावनी के बाद भी सुधार नहीं होने पर अब अस्पताल प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है।

दो दिन में देना होगा जवाब

सिविल सर्जन द्वारा जारी नोटिस में कर्मचारी को अंतिम अवसर देते हुए निर्देश दिया गया है कि वह दो दिवस के भीतर अपना स्पष्ट और संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे। यदि जवाब नहीं दिया जाता या जवाब असंतोषजनक पाया जाता है, तो यह माना जाएगा कि कर्मचारी को अपने पक्ष में कुछ नहीं कहना है और उसके खिलाफ सेवा समाप्ति सहित अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप

जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगह पर सामने आई इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ड्यूटी में लापरवाही, अनुशासनहीनता या मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब जांच रिपोर्ट पर नजर

फिलहाल प्रशासनिक जांच और कर्मचारी के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की निगरानी और अनुशासन व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। जिला अस्पताल में सामने आया यह मामला सिर्फ एक कर्मचारी की लापरवाही नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक चेतावनी है कि मरीजों की जिंदगी से जुड़े स्थानों पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता सबसे जरूरी है.
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