गौधाम  में सत प्रतिशत छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित गौ सेवक की नियुक्ती की उठी मांग 

गौधाम  में सत प्रतिशत छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित गौ सेवक की नियुक्ती की उठी मांग 
गौधाम  में सत प्रतिशत छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित गौ सेवक की नियुक्ती की उठी मांग 
गौधाम  में सत प्रतिशत छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित गौ सेवक की नियुक्ती की उठी मांग
पशु पालन विभाग का काम कर रहे गौ सेवक निश्चित मानदेय के लिए तरसे, कलेक्टर को मुख्य्मंत्री विष्णु देव साय और गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित गौ सेवक संघ की एक महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग बलौदाबाजार के परिसर में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर से जुटे गौ सेवकों ने मवेशियों की दुर्दशा और अपने हक की आवाज बुलंद की। सभा के बाद संघ के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल के नाम एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें पूरी करने की गुहार लगाई।

​बेसहारा मवेशी और हादसों का सफर

​बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज न तो गांवों में और न ही शहरों में मवेशियों के लिए कोई सुरक्षित छाया है। बेजुबान जानवर कड़कती धूप और खुले आसमान के नीचे सड़कों के किनारे बैठने को मजबूर हैं। इसके चलते आए दिन दर्दनाक हादसे हो रहे हैं। कभी तेज रफ्तार वाहन इन मवेशियों को कुचल देते हैं, तो कभी सड़क पर बैठे इन मवेशियों को बचाने के चक्कर में इंसानों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। चिंताजनक बात यह है कि दिनों-दिन मवेशियों की संख्या घटती जा रही है, जो एक गंभीर संकट का संकेत है। अब वक्त आ गया है कि शासन-प्रशासन के साथ-साथ आम जनता भी मवेशियों के संरक्षण के लिए आगे आए।

​26 सालों का संघर्ष, पर हाथ खाली

प्रदेश अध्यक्ष सोमनाथ यादव ने कहा कि प्रशिक्षित गौ सेवक की नियुक्ती पंचायत कर्मी के समान पंचायत के अनुमोदन से 1998 से लेकर 2006 तक किया हैं, और तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी के कृषि और पशुपालन मंत्री ननकी राम कंवर से निश्चित मानदेय देने की घोषणा कि थीं। इतने साल बीत जानें के बाद यह घोषणा कागजों से बाहर नही आ सकी हैं। जबकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद से गौसेवक पशु पालन विभाग का कार्य टीकाकरण, बाधियाकरण, पशु संगणना कृत्रिम गर्भाधान, टेकिंग , प्राथमिक उपचार का कार्य करते आ रहा है, विभाग का ढांचा इन्हीं के कंधों पर टिका है, लेकिन बदले में इन्हें आज तक इनका उचित हक नहीं मिला।

​ गौ धाम योजना से बंधी नई उम्मीद

​संघ ने पुरजोर मांग की है कि वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार ने मवेशियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए जो महत्वाकांक्षी गौ धाम योजना शुरू की है, उसमें इन अनुभवी और प्रशिक्षित गौ सेवकों को प्राथमिकता दी जाए। योजना के तहत होने वाली नियुक्तियों में शत-प्रतिशत प्रशिक्षित गौ सेवकों को शामिल कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाए, ताकि मवेशियों की बेहतर देखभाल हो सके और गौ सेवकों को रोजगार मिल सके।

​बैठक में ये रहे उपस्थित

​इस प्रदेश स्तरीय बैठक और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से संघ के प्रदेश महामंत्री कैलाश साहू, प्रदेश महामंत्री, केशव साहू प्रदेश मीडिया प्रभारी,हीरा यादव, राकेश वर्मा, ज़िला अध्यक्ष, गोविंद भगत, प्रेम कुमार बोस, रामप्रसाद, देवी प्रसाद, अघनु राम, भरत सिंह, रामावतार, संतोष वर्मा, शिवकुमार, आजूराम, सूर्यकांत, विनोद सिंह, छोटन राम भगत, नानसाय पैकरा, जोधन भगत, यशवंत साव,शिवनाथ साय, लाजरूस, गोविन्द भगत, प्रभात प्रजापति,सुखसागर, महेश निषाद, सेवक राम, डाकेश साहू, परमानंद साहू, जयकुमार, ओमप्रकाश, कुशाल सिंह, नंद कुमार, गोवर्धन लाल, श्यामाचरण, झंकार पडवार महेश निषाद, भागवत  प्रसाद,जगदीश रजक, सुनिल कुमार, जीतराम बनर्जी, मकरध्वज सोनवानी, मोहित साहू, सुरेश कुमार, कुशाल सिंग, ओमप्रकाश साहू जयकुमार मिरी, परमानंद  साहू सहित भारी संख्या में प्रदेशभर के प्रशिक्षित गौ सेवक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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