एक पौधा मां के नाम, पर्यावरण के नाम: विश्व पर्यावरण दिवस पर बलौदाबाजार में चला हरियाली का महाअभियान, कालेज परिसर में लगाए गए लगभग 100 पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश,एक पौधा मां के नाम, मां के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण का अनूठा संगम…
बलौदा बाजार। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बलौदाबाजार में प्रकृति संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का अनूठा संदेश देखने को मिला। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और विद्यार्थियों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान लगभग 100 पौधे रोपे गए, जिससे कॉलेज परिसर हरियाली की नई पहचान की ओर बढ़ता दिखाई दिया।
मां के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण का अनूठा संगम
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान केवल पौधारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण का एक सार्थक प्रयास है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सके। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर न केवल प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई, बल्कि समाज को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
जनप्रतिनिधियों ने संभाली हरियाली अभियान की कमान
कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। उनके साथ रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कमलेश जांगड़े तथा राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने भी पौधे लगाए। सभी जनप्रतिनिधियों ने पौधारोपण के बाद लोगों से पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। उनका कहना था कि केवल पौधा लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है।
“पेड़ बचेंगे तो भविष्य बचेगा”
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते तापमान, घटते भूजल स्तर और बदलते मौसम चक्र ने प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है और प्रत्येक नागरिक को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। खेतों, बाड़ियों, नदी-नालों, तालाबों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर व्यक्ति साल में केवल एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल कर ले, तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
शहर और गांव दोनों में हरियाली बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हरियाली केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरों में भी बड़े पैमाने पर पौधारोपण की आवश्यकता है। जानकारी का मानना है कि शहरों में बढ़ती गर्मी, वायु प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और आवासीय क्षेत्रों में अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना जरूरी है।
कॉलेज परिसर में दिखा उत्साह
दाऊ कल्याण शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। पौधारोपण के दौरान सभी ने पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया। कॉलेज परिसर में लगाए गए पौधों में छायादार, फलदार और पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। इससे भविष्य में परिसर का वातावरण और अधिक स्वच्छ तथा हरित बनेगा।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला प्रशासन, वन विभाग, भारत स्काउट एवं गाइड तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं
विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। पौधारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, जैव विविधता की रक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
जलवायु परिवर्तन के दौर में बढ़ी जिम्मेदारी
वर्तमान समय में पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना कर रही है। बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखना अब पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है। DFO धमसील का मानना है कि वृक्षारोपण इस चुनौती से निपटने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। पेड़ न केवल कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, बल्कि वातावरण को शुद्ध रखने, भूजल संरक्षण और जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हर पौधा बने भविष्य की उम्मीद
बलौदाबाजार में विश्व पर्यावरण दिवस पर लगाए गए ये पौधे केवल हरियाली बढ़ाने का प्रयास नहीं हैं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद भी हैं। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान ने लोगों को यह संदेश दिया है कि प्रकृति और मां दोनों जीवन का आधार हैं। जिस तरह हम अपनी मां का सम्मान करते हैं, उसी तरह प्रकृति की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले, यही उम्मीद पर्यावरण प्रेमियों और आम नागरिकों की है। क्योंकि पेड़ सिर्फ धरती को नहीं सजाते, बल्कि जीवन को भी बचाते हैं।






















