कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: 17 बोतल ह्यूमिक एसिड जब्त, 2 समितियों समेत 4 कृषि केंद्रों को नोटिस,जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों पर सघन जांच अभियान जारी, अनियमितता मिलने पर कार्रवाई तेज खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग…
बलौदा बाजार। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने जिले भर में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के दौरान मंगलवार को कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न सहकारी समितियों और कृषि सेवा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर 17 बोतल ह्यूमिक एसिड जब्त करते हुए दो सहकारी समितियों और दो कृषि सेवा केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले में संचालित खाद, बीज एवं उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रोहांसी समिति में दस्तावेज नहीं मिले, 17 बोतल ह्यूमिक एसिड जब्त
जानकारी के अनुसार विकासखंड पलारी में उर्वरक निरीक्षक सुचिन वर्मा द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रोहांसी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान समिति में उपलब्ध ह्यूमिक एसिड से संबंधित आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेजों की अनुपलब्धता को गंभीर अनियमितता मानते हुए विभागीय अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध 17 बोतल (500 एमएल) ह्यूमिक एसिड जब्त कर लिया। साथ ही समिति प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
छेरकापुर समिति में स्टॉक और मशीन रिकॉर्ड में अंतर
निरीक्षण अभियान के दौरान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति छेरकापुर की भी जांच की गई। यहां भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरक स्टॉक और पॉस मशीन में दर्ज मात्रा के बीच अंतर पाया गया। रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण में असमानता मिलने के बाद विभाग ने समिति को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि खाद वितरण और भंडारण से जुड़े रिकॉर्ड में पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जाएगी।
देवसुन्द्रा के दो कृषि केंद्र भी जांच के दायरे में
ग्राम देवसुन्द्रा में संचालित मुन्ना कृषि सेवा केंद्र और देव कृषि केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि दोनों विक्रेताओं द्वारा उर्वरक विक्रय से संबंधित नियमित जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। नियमित प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने को विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है। इसके चलते दोनों कृषि सेवा केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
दतान और पलारी में भी हुई जांच
निरीक्षण दल ने ग्राम दतान स्थित वेद कृषि सेवा केंद्र तथा डबल लॉक पलारी का भी निरीक्षण किया। यहां अधिकारियों ने स्टॉक, वितरण व्यवस्था और अभिलेखों की जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विभाग ने संबंधित संचालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार रिकॉर्ड संधारित करने और किसानों को पारदर्शी तरीके से उर्वरक वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सकरी में भी पहुंची निरीक्षण टीम
विकासखंड बलौदाबाजार के उर्वरक निरीक्षक लोकनाथ दिवान ने ग्राम सकरी स्थित साहू ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की गई तथा विक्रेता को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उड़नदस्ता दल करेगा औचक निरीक्षण
उप संचालक कृषि दीपक नायक ने बताया कि जिले में उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के लिए जिला एवं अनुविभाग स्तर पर विशेष उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं। ये दल जिले के थोक और फुटकर विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे और जहां भी अनियमितता मिलेगी वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो, इसके लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।
जिले को मिला 85 हजार मे.टन से अधिक उर्वरक लक्ष्य
कृषि विभाग के अनुसार खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले को कुल 85 हजार 430 मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसमें विभिन्न प्रकार के उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले को प्राप्त लक्ष्य के अनुसार—
* यूरिया : 42,930 मीट्रिक टन
* डीएपी : 16,500 मीट्रिक टन
* पोटाश : 3,500 मीट्रिक टन
* एसएसपी : 8,000 मीट्रिक टन
* एनपीके : 14,500 मीट्रिक टन
कुल मिलाकर जिले के लिए 85,430 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है।
35 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण
विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक 35 हजार 800 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। भंडारित उर्वरकों में—
* यूरिया : 19,414 मीट्रिक टन
* डीएपी : 4,315 मीट्रिक टन
* पोटाश : 2,062 मीट्रिक टन
* एसएसपी : 4,896 मीट्रिक टन
* एनपीके : 5,113 मीट्रिक टन शामिल हैं।
किसानों तक पहुंच चुका 12 हजार मीट्रिक टन उर्वरक
खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों को उर्वरकों का वितरण भी लगातार जारी है। विभाग के अनुसार अब तक कुल 12 हजार 216 मीट्रिक टन उर्वरक किसानों को वितरित किया जा चुका है। वितरण के आंकड़ों में—
* यूरिया : 6,348 मीट्रिक टन
* डीएपी : 1,864 मीट्रिक टन
* पोटाश : 618 मीट्रिक टन
* एसएसपी : 1,258 मीट्रिक टन
* एनपीके : 2,128 मीट्रिक टन शामिल हैं।
समितियों में पर्याप्त भंडारण का दावा
कृषि विभाग का कहना है कि वर्तमान में केवल सहकारी समितियों में ही लगभग 25 हजार 976 मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण उपलब्ध है। किसानों की मांग को देखते हुए लगातार नई खेप भी मंगाई जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है और आवश्यकता अनुसार किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।
किसानों के हितों पर विशेष फोकस
खरीफ सीजन में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही कालाबाजारी, स्टॉक छिपाने और रिकॉर्ड में गड़बड़ी जैसी शिकायतें सामने आने लगती हैं। इसे देखते हुए कृषि विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले भर में लगातार निरीक्षण, निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। जिले में चल रही यह कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। कृषि विभाग ने सभी विक्रेताओं, समितियों और उर्वरक केंद्रों को नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है।




















