छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 11 स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश शुरू, 3 डिप्लोमा और 8 स्नातक कोर्स में मिलेगा मौका
सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ, रेडियोलॉजी, डायलिसिस, मेडिकल लैब और ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बना सकते हैं करियर
चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख से जुड़े 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। इन पाठ्यक्रमों में तीन डिप्लोमा और आठ स्नातक स्तर के कोर्स शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी प्रवेश प्रक्रिया, पात्रता और अन्य जरूरी दिशा-निर्देशों की जानकारी चिकित्सा शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://cgdme.in पर प्राप्त कर सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवाओं से जुड़े उन तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलेगा, जिनकी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खास बात यह है कि इन कोर्सों में रेडियोलॉजी, मेडिकल लेबोरेटरी, डायलिसिस, एनेस्थीसिया, ऑपरेशन थिएटर और ऑप्टोमेट्री जैसे अलग-अलग कार्यक्षेत्र शामिल हैं।
तीन डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश
डिप्लोमा स्तर पर तीन पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, डायलिसिस टेक्नोलॉजी तथा मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को अस्पतालों में उपयोग होने वाली तकनीकों और संबंधित कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाता है।
आठ स्नातक पाठ्यक्रमों का विकल्प
स्नातक स्तर पर कुल आठ पाठ्यक्रमों में प्रवेश का अवसर मिलेगा। इनमें बैचलर ऑफ फिजिशियन एसोसिएट्स, बैचलर ऑफ साइंस हेल्थ इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी, बैचलर्स ऑफ डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री तथा बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस शामिल हैं।
अस्पतालों में इन क्षेत्रों की होती है अहम भूमिका
इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यक्षेत्रों में अवसर तलाशने का रास्ता खुल सकता है।
रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी: इस क्षेत्र में एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच प्रक्रियाओं से संबंधित तकनीकी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाता है। अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी: चिकित्सा जांच के लिए नमूनों की जांच, पैथोलॉजी लैब, ब्लड बैंक और शोध प्रयोगशालाओं में तकनीकी कार्य इस क्षेत्र से जुड़े हैं।
एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी: ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होने वाले उपकरणों की तैयारी, संचालन में सहयोग और एनेस्थीसिया से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका होती है। अस्पतालों के शल्य कक्ष, गहन चिकित्सा इकाई और आपातकालीन सेवाओं में इस क्षेत्र का महत्व है।
डायलिसिस टेक्नोलॉजी: गुर्दे से संबंधित बीमारियों के उपचार में डायलिसिस प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। डायलिसिस इकाइयों और किडनी रोग विभागों में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों की आवश्यकता रहती है।
ऑप्टोमेट्री: आंखों की दृष्टि जांच, चश्मे के नंबर का परीक्षण और दृष्टि संबंधी सेवाओं से जुड़ा यह क्षेत्र नेत्र अस्पतालों तथा दृष्टि जांच केंद्रों में अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा फिजिशियन एसोसिएट्स, हेल्थ इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट और रेडिएशन थेरेपी जैसे पाठ्यक्रम भी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के अलग-अलग तकनीकी और सहायक कार्यों के लिए तैयार करने पर केंद्रित हैं।
आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना जरूर पढ़ें
प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन जमा करने अथवा शुल्क का भुगतान करने से पहले आधिकारिक प्रवेश अधिसूचना का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने की सलाह दी गई है। पात्रता, आवेदन की अंतिम तिथि, आवश्यक दस्तावेज, शुल्क और चयन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मान्य होगी। अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://cgdme.in पर जाकर प्रवेश से संबंधित नवीनतम सूचना देख सकते हैं।
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– टीम छत्तीसगढ़ टॉक न्यूज़ (Chhattisgarh Talk News)






























