शराब घोटाले की जांच पहुंची बलौदाबाजार: ACB-EOW की दबिश से मचा हड़कंप, कारोबारी के ठिकानों से अहम दस्तावेज जब्त
कान्हा विहार स्थित शराब कारोबारी के घर और ठिकानों पर छापेमारी…कई घंटे चली जांच, वित्तीय रिकॉर्ड और लेनदेन की खंगाली गई फाइलें….शराब घोटाले से जुड़े संभावित कनेक्शन की तलाश में जुटी जांच एजेंसियां
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच अब बलौदाबाजार तक पहुंचती दिखाई दे रही है। शनिवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की संयुक्त टीम ने जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शराब कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के बाद शहर में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई शहर के कान्हा विहार इलाके में स्थित शराब कारोबारी अहिंदर के निवास और उससे जुड़े अन्य ठिकानों पर की गई। सुबह से शुरू हुई कार्रवाई कई घंटों तक चली, जिसमें अधिकारियों ने कारोबारी के व्यवसाय, आय-व्यय और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की।
सुबह-सुबह पहुंची जांच एजेंसियों की टीम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार सुबह अचानक ACB और EOW के अधिकारियों की टीम कान्हा विहार पहुंची। टीम ने पहुंचते ही संबंधित परिसर को अपने नियंत्रण में लिया और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कारोबारी और उससे जुड़े लोगों से पूछताछ भी की। जांच टीम ने कार्यालयीन दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, रजिस्टर, लेनदेन से संबंधित कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का बारीकी से परीक्षण किया। जैसे ही छापेमारी की खबर फैली, आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुटने लगी और पूरे इलाके में हलचल का माहौल बन गया।
वित्तीय रिकॉर्ड पर रहा जांच एजेंसियों का फोकस
सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों का विशेष ध्यान कारोबारी के वित्तीय लेनदेन और व्यवसायिक गतिविधियों पर रहा। टीम ने आय के स्रोत, व्यावसायिक संबंध, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और अन्य आर्थिक गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड की विस्तृत पड़ताल की। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिन्हें एजेंसियों ने महत्वपूर्ण मानते हुए अपने कब्जे में लिया है। जब्त किए गए दस्तावेजों का अब तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण किया जाएगा।
शराब घोटाले से कनेक्शन तलाशने की कोशिश
सूत्रों की मानें तो कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े संभावित संबंधों की जांच करना है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कारोबारी के वित्तीय लेनदेन और संपर्कों का कोई संबंध राज्य में सामने आए शराब घोटाले से तो नहीं है। जांच एजेंसियां कारोबारी के विभिन्न व्यावसायिक नेटवर्क, संपर्कों और आर्थिक गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। इसी आधार पर जब्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
गौरतलब है कि बलौदाबाजार जिले का नाम इससे पहले भी शराब कारोबार और आबकारी विभाग से जुड़े मामलों में चर्चा में आ चुका है। जिले में आबकारी विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ भी पूर्व में कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में शनिवार को हुई यह छापेमारी जांच के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। माना जा रहा है कि एजेंसियां शराब कारोबार से जुड़े आर्थिक लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
दस्तावेजों से खुल सकते हैं कई राज
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेजों और रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। एजेंसियां बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन, कारोबारी संबंधों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही हैं। यदि जांच में कोई अनियमितता या अवैध वित्तीय गतिविधियां सामने आती हैं तो आने वाले दिनों में मामले में नई कार्रवाई भी हो सकती है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
हालांकि छापेमारी को लेकर ACB और EOW की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां फिलहाल पूरे मामले में गोपनीयता बरत रही हैं और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई हैं। इसी वजह से कार्रवाई के उद्देश्य, बरामद दस्तावेजों की प्रकृति और आगे की दिशा को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल जांच एजेंसियों ने जिन दस्तावेजों और रिकॉर्ड को जब्त किया है, उनकी गहन जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। बलौदाबाजार में हुई यह कार्रवाई इस बात का संकेत मानी जा रही है कि शराब घोटाले की जांच अब और गहराई तक पहुंच रही है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और दस्तावेजों के विश्लेषण से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन, कारोबार जगत और आम लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। सभी को अब जांच एजेंसियों की आधिकारिक रिपोर्ट और संभावित खुलासों का इंतजार है।























