गिरौदपुरी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, 1150 पुलिस बल और 50 सीसीटीवी कैमरों से होगी कड़ी निगरानी

गिरौदपुरी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में, 1150 पुलिस बल और 50 सीसीटीवी कैमरों से होगी कड़ी निगरानी

बलौदा बाजार। संत शिरोमणि बाबा गुरुघासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम में 22 से 24 फरवरी तक आयोजित होने वाले संत समागम एवं गुरुदर्शन मेले की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मेले को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ जुटा हुआ है। इसी क्रम में कलेक्टर दीपक सोनी और पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने गुरुवार को गिरौदपुरी पहुंचकर तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने मेला परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कर सुविधाओं की स्थिति देखी। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार व्यवस्थाएं और बेहतर हों, ताकि देश-प्रदेश से आने वाले श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर लौटें।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर

इस बार मेले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुल 1150 पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है। मेला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनका सीधा फीड मुख्य कंट्रोल रूम में रहेगा। यहां से पूरी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा 9 अलग-अलग कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए आठ अलग-अलग दिशाओं में वाहन पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। तीन दिनों तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही मेला क्षेत्र में शराब और मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा, जिससे धार्मिक माहौल बना रहे और कानून-व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।

चिकित्सा और आपातकालीन सेवाओं की व्यापक तैयारी

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेला परिसर में 8 स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। एक मोबाइल मेडिकल यूनिट लगातार सक्रिय रहेगी। इसके अलावा 10 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल और 10 एंबुलेंस तैनात रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 8 अग्निशमन वाहन भी उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 9 हेल्थ कैंप संचालित किए जाएंगे, जहां प्राथमिक उपचार से लेकर आवश्यक दवाओं की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो।

स्वच्छता और पेयजल की व्यापक व्यवस्था

मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए 550 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 100 अस्थायी शौचालय, 16 चलित शौचालय और 80 स्थायी शौचालय की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 55 स्नानागार बनाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। पेयजल आपूर्ति के लिए 250 अस्थायी टेप नल कनेक्शन और 48 पानी टैंकर लगाए जाएंगे। विद्युत आपूर्ति निर्बाध बनी रहे, इसके लिए 18 ट्रांसफार्मर और 10 जनरेटर की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने साफ-सफाई, जल निकासी और कचरा प्रबंधन को लेकर नगर पालिका और स्वच्छग्राहियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है।

दाल-भात केंद्र और जनसुविधाओं में इजाफा

श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस बार 220 स्वयं सहायता समूहों का चयन दाल-भात केंद्र संचालन के लिए किया गया है। इससे स्थानीय समूहों को रोजगार का अवसर मिलेगा और श्रद्धालुओं को सुलभ दर पर भोजन उपलब्ध होगा। प्रशासन ने हेलीपेड, जैतखाम, गुरु मंदिर मार्ग, छाता पहाड़ और बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। भीड़ को नियंत्रित रखने और सुचारू आवागमन के लिए ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया गया है। वायरलेस सेट, बैरिकेडिंग और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

जनभागीदारी से सफल आयोजन का लक्ष्य

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला केवल प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि जनआस्था का उत्सव है। इसलिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायत, स्वास्थ्य, बिजली, लोक निर्माण, पुलिस और नगर पालिका सहित सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रशासन का उद्देश्य है कि संत समागम और गुरुदर्शन मेला शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और यादगार बने। व्यापक सुरक्षा इंतजाम, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल और यातायात प्रबंधन को देखते हुए इस बार मेला और अधिक सुव्यवस्थित रूप में नजर आएगा। अब श्रद्धालुओं की आमद शुरू होने के साथ गिरौदपुरी धाम पूरी तरह आस्था और भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है। जिला प्रशासन की तैयारी यह संकेत दे रही है कि इस बार का आयोजन भव्य होने के साथ-साथ सुरक्षित और अनुशासित भी रहेगा।

error: Content is protected !!