सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी: गिरौदपुरी पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को किया गिरफ्तार
जालासाजो ने छात्रावास अधिक्षक और पुलिस विभाग के ऑपरेटर पद में नौकरी लगाने का झांसा देकर बेरोजगार युवकों को बनाया शिकार पहुंचे सलाखों के पीछे
बलौदाबाजार: सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दो जालसाजों को गिरौदपुरी पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपियों ने छात्रावास अधिक्षक और पुलिस विभाग के ऑपरेटर पद में नौकरी लगाने के नाम पर प्रार्थियों से करीब ₹4,90,500 की ठगी की थी।
फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर ऐंठे लाखों रुपए
मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम बरेली निवासी प्रार्थी नंदकुमार साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी के अनुसार, उसने छात्रावास अधीक्षक और उसके मित्र अजीत कुमार ने पुलिस मुख्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान मार्च 2024 में आरोपियों ने उनसे संपर्क किया और ऊंचे रसूख का हवाला देते हुए नौकरी लगवाने का लालच दिया।
साजिश के तहत आरोपियों ने दोनों युवाओं को रेलवे विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) थमा दिया और बदले में कुल 4 लाख 90 हजार 500 रुपए वसूल लिए। नियुक्ति पत्र फर्जी निकलने पर पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में चौकी गिरौदपुरी पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। अपराध क्रमांक 281/2024 के तहत धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (कूटरचना), और 120बी, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया।
गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- नरेंद्र मनहर (44 वर्ष) – निवासी: ग्राम तालदेवरी, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा।
- कुनाल उर्फ हीरा दिवाकर – निवासी: ग्राम तालदेवरी, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा।
न्यायालय में पेश
चौकी प्रभारी अश्वनी पड़वार नेतृत्व में गिरौदपुरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेशकर जेल भेज दिया गया है।























