शोभा बराड़िया की अट्ठाई तपस्या पूर्ण, फरसगांव में श्रद्धाभाव से हुआ पारणा

शोभा बराड़िया की अट्ठाई तपस्या पूर्ण, फरसगांव में श्रद्धाभाव से हुआ पारणा
शोभा बराड़िया की अट्ठाई तपस्या पूर्ण, फरसगांव में श्रद्धाभाव से हुआ पारणा
शोभा बराड़िया की अट्ठाई तपस्या पूर्ण, फरसगांव में श्रद्धाभाव से हुआ पारणा
जैन धर्म की तपस्या परंपरा में आस्था, संयम और आत्मसाधना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए केशकाल की बेटी शोभा हरीश बराड़िया ने श्रद्धापूर्वक अट्ठाई तपस्या पूर्ण की।
रामकुमार भारद्वाज फरसगांव :- जैन धर्म की तपस्या परंपरा में आस्था, संयम और आत्मसाधना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए केशकाल की बेटी शोभा हरीश बराड़िया ने श्रद्धापूर्वक अट्ठाई तपस्या पूर्ण की। इस पावन अवसर पर सोमवार को फरसगांव स्थित उनके निवास (सामुदायिक भवन) में विधि-विधान के साथ पारणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, परिजन एवं श्रद्धालु शामिल हुए और तपस्विनी का अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
   पारणा कार्यक्रम में केशकाल जिनशासन महिला मंडल की सभी सदस्याएँ विशेष रूप से उपस्थित रहीं। महिला मंडल द्वारा भक्ति, स्तवन एवं मंगल गीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई, जिससे संपूर्ण वातावरण धर्ममय, भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान महावीर के सिद्धांतों एवं जैन धर्म की तपस्या परंपरा का स्मरण करते हुए इस अवसर को अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
    इस अवसर पर शोभा बराड़िया के परिजनों ने कहा कि अट्ठाई तपस्या केवल उपवास नहीं, बल्कि आत्मसंयम, श्रद्धा, धैर्य और आध्यात्मिक साधना का श्रेष्ठ स्वरूप है। परिवार के लिए यह अत्यंत गर्व और सौभाग्य का क्षण है। उन्होंने कहा कि शोभा जी की यह तपस्या पूरे परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत है और इससे युवा पीढ़ी को धर्म एवं संस्कारों के प्रति सकारात्मक संदेश मिलेगा।
   कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने तपस्विनी शोभा बराड़िया के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा निरंतर धर्म आराधना की मंगलकामनाएँ कीं। पारणा के पश्चात श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया तथा पूरे आयोजन का समापन मंगलकामनाओं और धार्मिक उल्लास के वातावरण में हुआ।
error: Content is protected !!