बलौदाबाजार के अमोदी गांव में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बरगद के पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जोक नदी कटाव, सीसी सड़क, नाली निर्माण, स्कूल उन्नयन सहित कई मुद्दों पर दिए निर्देश, कसडोल स्वास्थ्य केंद्र का भी किया निरीक्षण।
बलौदाबाजार जिले में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच संवाद का एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब नवपदस्थ कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने ग्राम पंचायत अमोदी में बरगद के विशाल पेड़ के नीचे जनचौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। गांव के बीच खुले वातावरण में आयोजित इस जनचौपाल में ग्रामीणों ने बिना किसी औपचारिकता के अपनी समस्याएं रखीं और कलेक्टर ने भी पूरी गंभीरता से हर मुद्दे को सुना। अधिकारियों की मौजूदगी में कई मामलों में मौके पर ही निर्देश दिए गए, जिससे ग्रामीणों को त्वरित समाधान की उम्मीद जगी। जनचौपाल की शुरुआत गांव के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों द्वारा स्वागत के साथ हुई। इसके बाद कलेक्टर सीधे लोगों के बीच बैठ गए और एक-एक कर समस्याएं सुनीं। यह दृश्य ग्रामीणों के लिए भी अलग अनुभव था, क्योंकि अक्सर प्रशासनिक बैठकें कार्यालयों तक सीमित रहती हैं, लेकिन इस बार प्रशासन खुद गांव के बीच पहुंचा।
जोक नदी के कटाव से बचाव के लिए तटबंध की मांग
जनचौपाल में ग्राम पंचायत अमोदी के सरपंच लक्ष्मी नारायण सागर ने गांव से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि गांव जोक नदी के किनारे स्थित है, जिसके कारण हर वर्ष बरसात के समय नदी के तेज बहाव से मिट्टी का कटाव होता है। इससे खेतों और आबादी क्षेत्र को नुकसान का खतरा बना रहता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए तटबंध निर्माण की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि तटबंध बन जाए तो हर साल होने वाले कटाव और नुकसान से काफी हद तक राहत मिल सकती है। कलेक्टर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कीचड़ से परेशान गलियां, सीसी सड़क और नाली की मांग
गांव की गलियों में बरसात और रोजमर्रा के पानी के कारण कीचड़ की समस्या भी जनचौपाल में प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि कई जगहों पर पक्की सड़क और नाली नहीं होने के कारण पानी भर जाता है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने सीसी सड़क निर्माण और जल निकासी के लिए नाली बनाने की मांग रखी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव की बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रस्ताव तैयार कर कार्यवाही की जाए।
स्कूल उन्नयन और सांस्कृतिक आयोजन के लिए भूमि की मांग
गांव के लोगों ने शिक्षा से जुड़ा मुद्दा भी उठाया। ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला को मिडिल स्कूल में उन्नयन करने की मांग की, ताकि बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे गांव न जाना पड़े। इसके साथ ही गांव में आयोजित होने वाली धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा नवधा रामायण के लिए स्थायी भूमि सुरक्षित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। ग्रामीणों का कहना था कि हर वर्ष इस आयोजन के लिए स्थान तय करने में कठिनाई होती है, इसलिए स्थायी व्यवस्था जरूरी है। कलेक्टर ने इन मांगों पर भी संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई करने की बात कही।
राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश
जनचौपाल में कई ग्रामीणों ने नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य यही है कि समस्याओं का समाधान समय पर और पारदर्शी तरीके से हो।
जल जीवन मिशन और जल संरक्षण पर जोर
जनचौपाल के दौरान कलेक्टर ने गांव में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल्द ही हर घर तक नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। साथ ही उन्होंने जल संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया और गांवों में वाटर हार्वेस्टिंग जैसे उपायों को अपनाने की बात कही। उनका कहना था कि पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्षा जल संचयन बेहद जरूरी है।
गांव की व्यवस्थाओं का निरीक्षण
जनचौपाल के बाद कलेक्टर ने गांव की विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सार्वजनिक शौचालय, उचित मूल्य की दुकान, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति और प्राथमिक शाला का जायजा लिया। स्कूल में पहुंचकर उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई तथा सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों से सहज संवाद कर उन्होंने उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित भी किया। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत दिलीप यादव को आवास की चाबी भी सौंपी गई। यह क्षण उनके परिवार के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि लंबे समय से अपने घर का सपना देख रहे परिवार को अब पक्का घर मिलने जा रहा है।
स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था पर सख्त नाराजगी
गांव दौरे के दौरान कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसडोल का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फैली अव्यवस्था को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। अस्पताल में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि अजगल्ले को फटकार लगाई गई और जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को सुधारने के सख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल लोगों के जीवन से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जगह होती है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मरीजों को बेहतर इलाज और स्वच्छ वातावरण मिलना जरूरी है।
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ा भरोसा
बरगद के पेड़ के नीचे आयोजित इस जनचौपाल ने प्रशासन और ग्रामीणों के बीच दूरी कम करने का काम किया। खुले माहौल में हुई चर्चा ने यह संदेश दिया कि प्रशासन लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और समाधान करने के लिए तैयार है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब अधिकारी खुद गांव में आकर समस्याएं सुनते हैं तो उम्मीद और भरोसा दोनों बढ़ता है। अमोदी में लगी यह जनचौपाल केवल समस्याएं सुनने का मंच नहीं रही, बल्कि यह प्रशासन और जनता के बीच संवाद का मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई। गांव के बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर हुई इस बैठक ने यह दिखा दिया कि समाधान की शुरुआत अक्सर जमीन से ही होती है।
📍बलौदाबाजार से केशव साहू की ग्राउंड रिपोर्ट
चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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