कोर्ट ने दुष्कर्म  करने वाले पांचो आरोपियों को सुनाई सजा

कोर्ट ने दुष्कर्म  करने वाले पांचो आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
कोर्ट ने दुष्कर्म  करने वाले पांचो आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
कोर्ट ने दुष्कर्म  करने वाले पांचो आरोपियों को सुनाई सजा
सहेली के घर छोड़ने के बहाने जंगल ले जाकर साथियों के  साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले आरोपीयों को विशेष न्यायालय ने सुनाई उम्रकैद की सजा
रामकुमार भारद्वाज कोंडागांव :- कोण्डागांव जिले के केशकाल थाना क्षेत्र के आंवरी गांव में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोण्डागांव विशेष न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। मामले में मुख्य आरोपी नंदकुमार पटेल को उम्रकैद और चार अन्य आरोपियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है।

कपड़ा सिलाई मशीन खरीदने गईं थीं युवती

मामले के अनुसार, 9 अगस्त 2024 को पीड़िता अपनी दो सहेलियों के साथ कपड़ा सिलाई मशीन खरीदने के लिए केशकाल गई थी। शाम करीब 6 बजे वह बोलेरो वाहन से ग्राम बेड़मा पहुंची। यहां से उसकी एक सहेली अपने घर चली गई। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिचित कमलेश नेताम को फोन कर घर छोड़ने के लिए कहा।

क्या पुरा मामला

आरोप के अनुसार, कमलेश नेताम अपने साथी नंदकुमार पटेल के साथ मोटरसाइकिल से बेड़मा पहुंचा। इसके बाद दोनों पीड़िता और उसकी सहेली को साथ लेकर पेट्रोल भराने के लिए सिंगनपुर गए। पेट्रोल भराने के बाद जब पीड़िता ने घर छोड़ने की बात कही तो दोनों उसे घर ले जाने के बजाय ग्राम आंवरी के केकती प्लाट की ओर ले गए।
पुलिस के अनुसार, वहां पहुंचने के बाद कमलेश नेताम ने अपने अन्य साथियों सोनाराम मरकाम, महेंद्र मरकाम और लक्ष्मीनाथ नेताम को बुलाया। आरोप है कि सभी आरोपियों ने पीड़िता और उसकी सहेली को पकड़ लिया। पीड़िता की सहेली किसी तरह वहां से बचकर निकल गई, जिसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस ने किया पड़ताल

घटना के बाद पीड़िता किसी तरह गांव के स्कूल के पास पहुंची, जहां उसके परिजन उसे घर लेकर गए। डर और सामाजिक दबाव के कारण उसने तत्काल घटना की जानकारी नहीं दी। बाद में 27 अगस्त 2024 को उसने अपने परिजनों को घटना के बारे में बताया, जिसके बाद 29 अगस्त 2024 को केशकाल थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस जांच के बाद पांचों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विशेष न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी माना।
लोक अभियोजक हेमंत गोस्वामी 
कोर्ट ने नंदकुमार पटेल को धारा 70(1) बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं कमलेश नेताम, लक्ष्मीनाथ नेताम, महेंद्र मरकाम और सोनाराम मरकाम को 20-20 साल के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।
लोक अभियोजक हेमंत गोस्वामी ने बताया कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी पाया। कोर्ट ने पीड़िता को 51 हजार रुपये प्रतिकर राशि देने का आदेश भी दिया है। इसके अलावा शासन की योजना के तहत पीड़िता को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
error: Content is protected !!