लवन में प्रशासनिक सख्ती, कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निरीक्षण में खुली लापरवाही की परत

लवन में प्रशासनिक सख्ती, कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निरीक्षण में खुली लापरवाही की परत (Chhattisgarh Talk)
लवन में प्रशासनिक सख्ती, कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निरीक्षण में खुली लापरवाही की परत (Chhattisgarh Talk)

लवन तहसील कार्यालय में लंबित प्रकरणों पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जताई नाराजगी, ऑर्डर शीट लंबित रखने पर नोटिस के निर्देश, स्वामी आत्मानंद स्कूल का भी किया निरीक्षण, परीक्षा व्यवस्था पर दिया पारदर्शिता का संदेश

बलौदाबाजार जिले के लवन में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश उस समय सामने आया जब कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने तहसील कार्यालय और स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राजस्व कार्यों की स्थिति, कार्यालयीन व्यवस्था और परीक्षा संचालन की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय में लंबित मामलों को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट नाराजगी जताई। राजस्व प्रकरण में आरआई की रिपोर्ट आने के ढाई महीने बाद भी ऑर्डर शीट पूरी नहीं किए जाने को गंभीर लापरवाही माना गया और संबंधित तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।


तहसील कार्यालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा

तहसील कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर ने सबसे पहले राजस्व मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित प्रकरणों की फाइलें मंगवाकर देखा कि किस स्तर पर मामलों का निराकरण रुका हुआ है। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ प्रकरणों में आरआई का प्रतिवेदन आने के बाद भी लंबे समय से ऑर्डर शीट पूरी नहीं की गई थी। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि राजस्व मामलों में अनावश्यक देरी से ग्रामीणों को परेशानी होती है और प्रशासन की छवि भी प्रभावित होती है।

उन्होंने साफ कहा कि सरकारी कामकाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लंबित मामलों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए।


ग्रामीणों से सीधे संवाद

निरीक्षण के दौरान तहसील कार्यालय में मौजूद ग्रामीणों से भी कलेक्टर ने सीधे बातचीत की। उन्होंने पूछा कि राजस्व से जुड़े कामों में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी तो नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताईं, जिनमें जमीन से जुड़े प्रकरण, नकल प्राप्त करने की प्रक्रिया और अन्य राजस्व कार्य शामिल थे। कलेक्टर ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और लोगों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य लोगों को राहत देना है, इसलिए हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए काम करना चाहिए।


नकल शाखा की व्यवस्था का लिया जायजा

तहसील कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नकल शाखा भी पहुंचे। यहां उन्होंने लिपिक से पूछा कि प्रतिदिन कितने आवेदन प्राप्त हो रहे हैं और कितने आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने नकल प्राप्त करने वाले एक ग्रामीण आकाश शर्मा से फोन पर बात कर यह जानने की कोशिश की कि प्रक्रिया में कोई दिक्कत तो नहीं आई। ग्रामीण ने बताया कि उन्हें समय पर नकल मिल गई और किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। इस बातचीत के बाद कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नकल वितरण की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि ग्रामीणों को परेशानी न उठानी पड़े।


लोक सेवा केंद्र और भुइया कक्ष का निरीक्षण

तहसील कार्यालय के भीतर स्थित लोक सेवा केंद्र और भुइया कक्ष का भी निरीक्षण किया गया। यहां उपलब्ध सुविधाओं और कार्यप्रणाली का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता और सुव्यवस्था होना जरूरी है क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम के लिए आते हैं। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय परिसर को व्यवस्थित और साफ रखा जाए।


स्वामी आत्मानंद स्कूल में परीक्षा का जायजा

तहसील कार्यालय के निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। उस समय स्कूल में कक्षा दसवीं की गणित विषय की परीक्षा संचालित हो रही थी। कलेक्टर ने परीक्षा केंद्र के अंदर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और केंद्राध्यक्ष से परीक्षा संचालन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परीक्षा कक्षों की व्यवस्था, विद्यार्थियों की उपस्थिति और सुरक्षा संबंधी इंतजामों के बारे में विस्तार से पूछा। परीक्षा में कुल 450 विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी, जिनमें से 436 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए।


पारदर्शी परीक्षा आयोजन पर जोर

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने परीक्षा से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित माहौल में आयोजित की जाए।

उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में प्रशासन और स्कूल प्रबंधन दोनों की जिम्मेदारी होती है कि सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि विद्यार्थियों को शांत और अनुकूल वातावरण मिल सके।


प्रशासनिक टीम रही मौजूद

निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या अग्रवाल, एसडीएम प्रकाश कोरी, तहसीलदार पेखन टोंड्रे सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने कलेक्टर के साथ निरीक्षण में भाग लिया और आवश्यक निर्देश प्राप्त किए।


प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने की पहल

इस निरीक्षण को प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों से अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि काम में ढिलाई अब स्वीकार नहीं की जाएगी। तहसील कार्यालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा और नोटिस जारी करने के निर्देश से यह भी संकेत मिला है कि प्रशासन कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर है और जवाबदेही तय की जाएगी।


कुल मिलाकर लवन में हुए इस निरीक्षण ने प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि जिम्मेदारी से काम करना ही अब अधिकारियों के लिए एकमात्र विकल्प है। तहसील कार्यालय में लंबित प्रकरणों पर कार्रवाई और स्कूल में परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा ने यह दिखाया कि प्रशासनिक तंत्र अब मैदान में उतरकर व्यवस्था सुधारने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।


📍बलौदाबाजार से केशव साहू की ग्राउंड रिपोर्ट

चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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