बेसहारा मवेशी और हादसों का सफर
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज न तो गांवों में और न ही शहरों में मवेशियों के लिए कोई सुरक्षित छाया है। बेजुबान जानवर कड़कती धूप और खुले आसमान के नीचे सड़कों के किनारे बैठने को मजबूर हैं। इसके चलते आए दिन दर्दनाक हादसे हो रहे हैं। कभी तेज रफ्तार वाहन इन मवेशियों को कुचल देते हैं, तो कभी सड़क पर बैठे इन मवेशियों को बचाने के चक्कर में इंसानों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। चिंताजनक बात यह है कि दिनों-दिन मवेशियों की संख्या घटती जा रही है, जो एक गंभीर संकट का संकेत है। अब वक्त आ गया है कि शासन-प्रशासन के साथ-साथ आम जनता भी मवेशियों के संरक्षण के लिए आगे आए।
26 सालों का संघर्ष, पर हाथ खाली
गौ धाम योजना से बंधी नई उम्मीद
संघ ने पुरजोर मांग की है कि वर्तमान विष्णुदेव साय सरकार ने मवेशियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए जो महत्वाकांक्षी गौ धाम योजना शुरू की है, उसमें इन अनुभवी और प्रशिक्षित गौ सेवकों को प्राथमिकता दी जाए। योजना के तहत होने वाली नियुक्तियों में शत-प्रतिशत प्रशिक्षित गौ सेवकों को शामिल कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ा जाए, ताकि मवेशियों की बेहतर देखभाल हो सके और गौ सेवकों को रोजगार मिल सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित
इस प्रदेश स्तरीय बैठक और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से संघ के प्रदेश महामंत्री कैलाश साहू, प्रदेश महामंत्री, केशव साहू प्रदेश मीडिया प्रभारी,हीरा यादव, राकेश वर्मा, ज़िला अध्यक्ष, गोविंद भगत, प्रेम कुमार बोस, रामप्रसाद, देवी प्रसाद, अघनु राम, भरत सिंह, रामावतार, संतोष वर्मा, शिवकुमार, आजूराम, सूर्यकांत, विनोद सिंह, छोटन राम भगत, नानसाय पैकरा, जोधन भगत, यशवंत साव,शिवनाथ साय, लाजरूस, गोविन्द भगत, प्रभात प्रजापति,सुखसागर, महेश निषाद, सेवक राम, डाकेश साहू, परमानंद साहू, जयकुमार, ओमप्रकाश, कुशाल सिंह, नंद कुमार, गोवर्धन लाल, श्यामाचरण, झंकार पडवार महेश निषाद, भागवत प्रसाद,जगदीश रजक, सुनिल कुमार, जीतराम बनर्जी, मकरध्वज सोनवानी, मोहित साहू, सुरेश कुमार, कुशाल सिंग, ओमप्रकाश साहू जयकुमार मिरी, परमानंद साहू सहित भारी संख्या में प्रदेशभर के प्रशिक्षित गौ सेवक और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
























