खाद की कालाबाजारी पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: 48 बोरी अवैध उर्वरक जब्त, दुकान सील,उड़नदस्ता दल की ताबड़तोड़ कार्रवाई, तीन उर्वरक विक्रेताओं को थमाया नोटिस, किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती
बलौदा बाजार। खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने और उर्वरकों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 48 बोरी अवैध उर्वरक जब्त कर एक दुकान को सील कर दिया। कार्रवाई के बाद जिले के उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में खाद की कृत्रिम कमी, अधिक कीमतों पर बिक्री और अवैध भंडारण जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया है।
कैलाशगढ़ में पकड़ा गया अवैध भंडारण
उड़नदस्ता दल के नोडल अधिकारी एन.के. भारद्वाज के नेतृत्व में विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम कैलाशगढ़ स्थित अतुल ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण में पाया गया कि विक्रय केंद्र में बिना पीओएस मशीन के 48 बोरी उर्वरक का भंडारण किया गया था। इसके अलावा दुकान में आवश्यक दस्तावेजों का उचित संधारण नहीं किया गया था। उपलब्ध स्टॉक और मूल्य सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई थी, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश के नियमों का उल्लंघन माना जाता है। अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए उड़नदस्ता दल ने मौके पर मौजूद 48 बोरी उर्वरक जब्त कर दुकान को सील कर दिया। साथ ही संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को राहत, व्यापारियों में बढ़ी बेचैनी
कृषि सीजन के दौरान किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने और कालाबाजारी की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर उर्वरक विक्रेताओं के बीच निरीक्षण अभियान को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। कई किसानों का कहना है कि कुछ व्यापारी कृत्रिम संकट पैदा कर खाद की कीमत बढ़ाने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि जरूरतमंद किसानों को उचित दर पर उर्वरक मिल सके।
लवन में भी मिली अनियमितताएं
उड़नदस्ता दल ने ग्राम लवन में संचालित श्री पांडे ट्रेडर्स और मेसर्स सुनील कुमार तिवारी के प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों केंद्रों में उपलब्ध स्टॉक और मूल्य सूची अद्यतन नहीं थी। नियमों के अनुसार प्रत्येक विक्रेता को प्रतिदिन स्टॉक और मूल्य सूची अपडेट कर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि किसानों को उपलब्ध उर्वरक और उसकी कीमत की जानकारी मिल सके। नियमों का पालन नहीं करने पर दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पलारी में भी कार्रवाई जारी
उधर विकासखंड पलारी में उर्वरक निरीक्षक सुचिन कुमार वर्मा ने विभिन्न उर्वरक केंद्रों का निरीक्षण किया। पलारी स्थित कृषि सेवा केंद्र में स्टॉक सूची अद्यतन नहीं पाई गई, जिसके चलते संचालक को नोटिस जारी किया गया। इसी तरह किसान सेवा केंद्र द्वारा विभाग को उर्वरक भंडारण और वितरण की अपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा रही थी। इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए संबंधित संचालक को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
सहकारी समिति को दिए गए निर्देश
निरीक्षण अभियान के दौरान ग्राम ओड़ान की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का भी निरीक्षण किया गया। यहां अधिकारियों ने उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की और समिति प्रबंधन को शासन के निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही उर्वरक विक्रय करने के निर्देश दिए। उप संचालक कृषि विभाग दीपक कुमार नायक ने स्पष्ट किया कि किसानों को खाद वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खरीफ सीजन में बढ़ाई गई निगरानी
जिले में खरीफ फसल की बुआई शुरू होने वाली है। ऐसे समय में खाद और बीज की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी अवधि में कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। उड़नदस्ता दल को जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने उर्वरक विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि वे सभी रिकॉर्ड अद्यतन रखें, पीओएस मशीन के माध्यम से ही बिक्री करें और स्टॉक एवं मूल्य सूची का नियमित प्रदर्शन सुनिश्चित करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जब्ती, लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उप संचालक कृषि विभाग दीपक कुमार नायक का कहना है कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और किसी भी स्थिति में खाद की कालाबाजारी या कृत्रिम संकट पैदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
किसानों से भी अपील
उप संचालक कृषि विभाग दीपक कुमार नायक ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें, रसीद अवश्य लें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें। खरीफ सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता और वितरण पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। सोमवार की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई तय है।
























