विष्णु देव साय का बड़ा संदेश: योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाना, बलौदा बाजार में राज्यस्तरीय कार्यक्रम, हजारों हितग्राही बने साक्षी करीब 5 लाख भूमिहीन परिवारों के खातों में 495 करोड़ से अधिक की राशि सीधे अंतरित, हितग्राहियों से सीधा संवाद भी किया…
बलौदा बाजार। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विष्णु देव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन परिवारों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख रुपए से अधिक की राशि सीधे अंतरित की। यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में भेजी गई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित हुई। इस योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है।
बलौदाबाजार में भव्य आयोजन, पारंपरिक स्वागत
राज्यस्तरीय इस कार्यक्रम का आयोजन बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणी शुक्ल हायर सेकेण्डरी स्कूल मैदान में किया गया, जहां बड़ी संख्या में हितग्राही, ग्रामीणजन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खुम्हरी पहनाकर स्वागत किया गया, जिसने पूरे आयोजन को स्थानीय संस्कृति से जोड़ दिया। कार्यक्रम में उत्साह और विश्वास का माहौल साफ नजर आया।
बलौदाबाजार जिले को मिला बड़ा लाभ..
इस योजना का सीधा फायदा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को भी मिला है। जिले के 23 हजार 568 हितग्राहियों के खातों में 23 करोड़ 56 लाख रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई। यह राशि उन परिवारों के लिए संबल बनी है जो जमीन के अभाव में मजदूरी पर निर्भर हैं। इससे उनके दैनिक जीवन, शिक्षा और छोटे व्यवसायों को सहारा मिलने की उम्मीद है।
विशेष समुदाय को फायदा ?
योजना में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवारों को भी शामिल किया गया है। यह कदम दर्शाता है कि सरकार समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है।
“हर जरूरतमंद तक पहुंचे योजना का लाभ”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता देकर उन्हें आर्थिक मजबूती देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी इस योजना के तहत राशि दी गई थी, जिसका हितग्राहियों ने बेहतर उपयोग किया। इस बार भी उम्मीद है कि यह राशि उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
सरकार के वादों और योजनाओं का जिक्र!
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे लाखों परिवारों को पक्के घर मिल रहे हैं। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। किसानों से धान की खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदा जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष धान की अंतर की राशि होली से पहले किसानों के खातों में जमा कर दी गई, ताकि वे त्योहार खुशी से मना सकें।
सिंचाई और पशुपालन पर भी जोर…
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने दो वर्षों में 10 हजार 500 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, जिससे अधिक से अधिक किसानों के खेतों तक पानी पहुंच सके। सुरभि गोधन योजना के तहत हर जिले में 10-10 गोधन केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहां मवेशियों के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे सड़कों पर पशुओं के विचरण में कमी आएगी और दुर्घटनाएं भी घटेंगी।
बिजली बिल और नक्सलवाद पर भी बयान…
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बिजली बिल नहीं चुका पाने वाले उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए विशेष योजना चलाई जा रही है। लोग मोबाइल एप के माध्यम से पंजीयन कर इसका लाभ ले सकते हैं। उन्होंने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी कहा कि प्रदेश में यह समस्या अब समाप्ति की ओर है और जल्द ही बस्तर क्षेत्र में विकास की नई धारा बहेगी।
राजस्व मंत्री का संबोधन…
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में भेजी जाती है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नेतृत्व की खासियत यह है कि वह जमीनी स्तर से जुड़ा हुआ है और गरीबों की समस्याओं को समझता है।
सामग्री और लाभों का वितरण!
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और करीब 60 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरित किए। महिला एवं बाल विकास विभाग के 13 समूहों को 15 लाख रुपए के चेक दिए गए। मछली पालन विभाग ने 6 हितग्राहियों को महाजाल और आइस बॉक्स प्रदान किए। इसके अलावा 10 लोगों को स्वामित्व कार्ड, 27 युवाओं को “हम होंगे कामयाब” योजना के तहत नियुक्ति पत्र, 4 किसानों को स्प्रेयर पंप और समाज कल्याण विभाग द्वारा 4 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्रायसिकल दी गई।
हितग्राहियों से सीधा संवाद…
कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा वह रहा जब मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग जिलों के हितग्राहियों से सीधा संवाद किया।
जशपुर जिले के कन्हैया ने बताया कि राशि उनके खाते में तुरंत पहुंच गई। उन्होंने पिछले साल मिली राशि से बकरी पालन शुरू किया और इस बार की राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास निर्माण में करने की बात कही।
जांजगीर-चांपा के राजेंद्र कुमार ने कहा कि वे इस राशि से अपनी किराना दुकान को आगे बढ़ाएंगे। बालोद जिले के यादव राम निषाद ने भावुक होते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी।
गरियाबंद के नरेश निर्मलकर ने बताया कि पिछले वर्ष की राशि से उन्होंने घर निर्माण और बच्चों की पढ़ाई में मदद ली थी। इस वर्ष भी वे इसका उपयोग सही दिशा में करेंगे।
कोंडागांव के एक अन्य हितग्राही ने भी योजना के प्रति संतोष जताते हुए कहा कि यह राशि उनके लिए बड़ी राहत है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। तकनीकी शिक्षा मंत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, डीएफओ और अन्य अधिकारियों ने आयोजन की व्यवस्थाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सामाजिक-आर्थिक बदलाव की ओर कदम
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना को प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के एक मजबूत आधार के रूप में देखा जा रहा है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता देती है, बल्कि गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब पैसा सीधे हितग्राहियों के खाते में पहुंचता है, तो उसका असर तुरंत स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखता है। छोटे व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उम्मीदों से भरा माहौल?
बलौदाबाजार में आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह हजारों परिवारों के लिए उम्मीद और विश्वास का प्रतीक बन गया। लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ नजर आई। यह साफ है कि जब योजनाएं सही तरीके से लागू होती हैं, तो उनका असर सीधे लोगों के जीवन में दिखता है।
विष्णु देव साय की यह पहल प्रदेश के भूमिहीन परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई है। बलौदाबाजाजार में हुआ यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि योजना, नीयत और क्रियान्वयन सही हो, तो बदलाव संभव है। अब आगे की चुनौती यह होगी कि इस तरह की योजनाओं का लाभ लगातार जरूरतमंदों तक पहुंचता रहे और प्रदेश के विकास की गति इसी तरह बनी रहे।
चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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