बेखौफ होकर अवैध महुआ शराब की बिक्री करने वाले के खिलाफ़ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

बेखौफ होकर अवैध महुआ शराब की बिक्री करने वाले के खिलाफ़ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
बेखौफ होकर अवैध महुआ शराब की बिक्री करने वाले के खिलाफ़ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

बेखौफ होकर अवैध महुआ शराब की बिक्री करने वाले के खिलाफ़ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब का कारोबार अब सीधे-सीधे गांव की शांति, भाईचारे और सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। 

बलौदा बाजार। ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब का कारोबार अब सीधे-सीधे गांव की शांति, भाईचारे और सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। कसडोल विकासखंड के ग्राम पंचायत नवरंगपुर अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम दर्री से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां ग्रामीणों का सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। अवैध महुआ शराब के खुलेआम चल रहे काले कारोबार और शराब कोचियों की दबंगई के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने गिरौदपुरी पुलिस चौकी का घेराव करते हुए जोरदार नारेबाजी की और आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

दबंगई ऐसी कि विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी

​पूरा विवाद ग्राम दर्री का है, जहां भास्कर यादव नाम का व्यक्ति लंबे समय से बेखौफ होकर अवैध महुआ शराब की बिक्री कर रहा था। शराब के इस अवैध कारोबार से गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा था, जिससे तंग आकर जब ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपी अपनी हरकतों से बाज आने के बजाय उग्र हो गया।

​ग्रामीणों का आरोप है कि जब अवैध शराब बिक्री को बंद कराने की बात कही गई, तो शराब कोचिया भास्कर यादव ने गांव के सरपंच पति घासीराम मनहर को नेतागिरी न करने की नसीहत देते हुए सरेआम जातिसूचक गालियां दीं। आरोपी का दुस्साहस यहीं नहीं रुका; उसने और उसके साथी वीरेंद्र ने मिलकर गांव की उपसरपंच और उनके पति रामबिलास यादव को भी लगातार गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की सीधी धमकी तक दे डाली।

आक्रोश का विस्फोट: पुलिस चौकी पहुंचा जनसैलाब

​शराब कोचियों की इस गुंडागर्दी, अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। अपराधियों के हौसले पस्त करने और गांव की शांति बहाल करने के लिए सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा एकजुट हुए और गिरौदपुरी पुलिस चौकी की ओर कूच कर दिया।

​पुलिस चौकी पहुंचते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि अवैध शराब की आड़ में गांव में गुंडागर्दी चरम पर पहुंच चुकी है, और यदि ऐसे तत्वों पर वक्त रहते नकेल नहीं कसी गई तो गांव में कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।

थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा, कड़ी कार्रवाई का दिया आश्वासन

​चौकी परिसर में बढ़ते जनाक्रोश और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गिधौरी थाना प्रभारी संदीप बंजारे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना। थाना प्रभारी ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराते हुए आश्वस्त किया कि पुलिस इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।

​थाना प्रभारी संदीप बंजारे ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जातिसूचक गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने तथा अवैध शराब का कारोबार करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं लगाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस ठोस आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।

गांव में चर्चा और पुलिस के लिए चुनौती

​इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ग्रामीण अंचलों में पनप रहा अवैध शराब का नेटवर्क किस तरह कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहा है। आबकारी विभाग कुभाकर्णी नीद में सो रहे और पुलिस के  लिए सिरदर्दी बने हुए हैं। ग्रामीणों को दिए अपने आश्वासन पर कितनी जल्दी अमल होता है।

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