कलेक्टर कुलदीप शर्मा की अपील: इस दीपावली मिट्टी के दीये जलाएं, हरित पटाखों से मनाएं सुरक्षित त्योहार
Chhattisgarhtalk.com से बातचीत में जिलेवासियों से की अपील, स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों से खरीदारी कर उनकी आजीविका को दें सहारा; गोवर्धन पूजा और भाई दूज की भी दी शुभकामनाएं
दीपावली का पर्व केवल घरों को रोशनी से सजाने और आतिशबाजी करने का अवसर नहीं, बल्कि खुशियां बांटने, परंपराओं को सहेजने और समाज के हर वर्ग के साथ उत्सव की खुशियां साझा करने का भी संदेश देता है। इसी भावना के साथ बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जिलेवासियों से इस दीपावली मिट्टी के दीये जलाने और स्थानीय कुम्हारों एवं शिल्पकारों से खरीदारी करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से हरित पटाखों को प्राथमिकता देने तथा आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने का आग्रह किया है।
Chhattisgarhtalk.com से बातचीत में कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने दीपावली के साथ गोवर्धन पूजा और भाई दूज के अवसर पर जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि ये पर्व हर परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आएं। उन्होंने कहा कि दीपावली अंधकार से प्रकाश और निराशा से आशा की ओर बढ़ने की प्रेरणा देने वाला त्योहार है। इसे आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए।
मिट्टी के दीये खरीदकर स्थानीय कारीगरों को दें प्रोत्साहन
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि इस बार दीपावली पर घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट में मिट्टी के दीयों का अधिक से अधिक उपयोग करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय कुम्हार और शिल्पकार त्योहारों के लिए लंबे समय से मिट्टी के दीये और पारंपरिक सजावटी सामग्री तैयार करते हैं। ऐसे में उनसे सीधे खरीदारी करना उनके पारंपरिक व्यवसाय को सहारा देने और उनकी आजीविका को मजबूत करने में मददगार हो सकता है। दीपावली के बाजार में बिजली की झालरों और अन्य सजावटी वस्तुओं के बीच मिट्टी के दीयों का अपना सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व है। स्थानीय स्तर पर बने दीये खरीदने से त्योहार की परंपरा भी बनी रहती है और स्थानीय कारीगरों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिलने का अवसर भी मिलता है।
हरित पटाखों को प्राथमिकता, सुरक्षा का रखें ध्यान
कलेक्टर शर्मा ने पटाखों के उपयोग को लेकर भी नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने हरित पटाखों को प्राथमिकता देने और आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की बात कही। त्योहार की खुशियां किसी दुर्घटना या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का कारण न बनें, इसके लिए सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के साथ उत्सव मनाना चाहिए।
प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं त्योहार
कलेक्टर ने जिलेवासियों से दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज को आपसी सद्भाव के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी है, जब खुशियां समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचें और सभी लोग मिल-जुलकर उत्सव में शामिल हों। उन्होंने आशा जताई कि जिलेवासी मिट्टी के दीयों के उपयोग, स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए स्वच्छ, सुरक्षित एवं खुशहाल दीपावली मनाएंगे।




























