धनतेरस पर बलौदाबाजार में दो दर्दनाक हादसे, छह लोगों की मौत से दहला जिला: कहीं करंट ने उजाड़ा परिवार, कहीं ट्रक ने पिता और दो बच्चों को कुचला
नेहरू चौक में कारोबारी राकेश गुप्ता, बेटे ईशान और पत्नी वर्षा की मौत; रवान-मंसा चौक पर रामचंद्र ध्रुव और उनके दो मासूम बच्चों ने गंवाई जान, त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
धनतेरस का दिन बलौदाबाजार जिले के लिए कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गया। जिस दिन घरों में दीप जलने थे, बाजारों में रौनक थी और परिवार त्योहार की तैयारियों में जुटे थे, उसी दिन दो अलग-अलग दर्दनाक हादसों ने छह जिंदगियां छीन लीं। एक हादसा शहर के नेहरू चौक में हुआ, जहां घर के बेहद करीब से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से कारोबारी राकेश गुप्ता, उनके बेटे ईशान और उपचार के दौरान पत्नी वर्षा गुप्ता की भी मौत हो गई। वहीं दूसरे हादसे में ग्राम रवान के मंसा चौक के पास कोयले से भरे तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार एक परिवार को कुचल दिया। इस दुर्घटना में रामचंद्र ध्रुव और उनके बेटे-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। एक ही दिन में दो परिवारों के छह सदस्यों की मौत से पूरे जिले में शोक की लहर है।
नेहरू चौक में करंट का कहर, एक ही परिवार के तीनों सदस्यों की मौत
बलौदाबाजार शहर के नेहरू चौक में धनतेरस के दिन बिजली करंट ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। यहां कारोबारी राकेश गुप्ता के घर के बाहर से हाईटेंशन बिजली की लाइन गुजर रही थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह लाइन घर से महज पांच फीट की दूरी पर बताई जा रही है। हादसे के दौरान राकेश गुप्ता करंट की चपेट में आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में उनकी पत्नी वर्षा गुप्ता और बेटा ईशान भी करंट की चपेट में आ गए। घटना के बाद तीनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में राकेश गुप्ता और उनके बेटे ईशान की मौत हो गई, जबकि वर्षा गुप्ता गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उनकी हालत गंभीर होने के कारण बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया। लेकिन जिंदगी बचाने की कोशिशें काम नहीं आईं और उपचार के दौरान वर्षा गुप्ता ने भी दम तोड़ दिया। इसके साथ ही एक ही परिवार के तीनों सदस्यों की मौत की खबर से शहर में मातम छा गया।
घर से पांच फीट की दूरी पर हाईटेंशन लाइन, बिजली विभाग की जवाबदेही पर सवाल
इस हादसे ने रिहायशी इलाकों से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि घर से महज पांच फीट की दूरी पर हाईटेंशन लाइन गुजर रही थी, तो वहां निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किसने सुनिश्चित किया था? क्या लाइन के आसपास पर्याप्त सुरक्षा दूरी थी? क्या तारों की स्थिति और आसपास के मकानों का समय-समय पर निरीक्षण किया गया था? क्या परिवार या स्थानीय लोगों ने पहले कभी इस संबंध में बिजली विभाग को शिकायत दी थी? ये सवाल जांच का विषय हैं। पुलिस और बिजली विभाग की तकनीकी जांच से ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। यह भी जांच जरूरी है कि करंट सीधे हाईटेंशन लाइन से फैला या किसी अन्य विद्युत उपकरण अथवा वायरिंग के माध्यम से दुर्घटना हुई। जब तक तकनीकी जांच पूरी नहीं होती, हादसे की जिम्मेदारी तय करना जल्दबाजी होगी। लेकिन एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत के बाद बिजली विभाग की जवाबदेही और रिहायशी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग उठना स्वाभाविक है।
रवान-मंसा चौक पर ट्रक ने बाइक को कुचला, पिता और दो बच्चों की मौके पर मौत
दूसरा हादसा बलौदाबाजार-भाटापारा मार्ग पर ग्राम रवान के मंसा चौक के पास हुआ। यहां कोयले से भरे भारी ट्रक ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे ट्रक क्रमांक CG 08 AX 6011 और मोटरसाइकिल क्रमांक MP 18 M 1744 के बीच दुर्घटना हुई। मोटरसाइकिल पर ग्राम खैरताल निवासी रामचंद्र ध्रुव अपने बेटे और बेटी के साथ सवार थे।
परिवार बलौदाबाजार पोस्ट ऑफिस से पैसे निकालकर अपने गांव खैरताल लौट रहा था। इसी दौरान ग्राम रवान के पास भारी ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार तीनों लोग ट्रक के पहियों के नीचे आ गए। हादसा इतना भीषण था कि रामचंद्र ध्रुव और उनके दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान रामचंद्र ध्रुव, उम्र 39 वर्ष, उनके बेटे तोमेश ध्रुव, उम्र 12 वर्ष और बेटी हारिका ध्रुव के रूप में हुई है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में बेटी की उम्र 14 वर्ष बताई गई है, जबकि शुरुआती जानकारी में 16 वर्ष का उल्लेख सामने आया था। इस संबंध में आधिकारिक रिकॉर्ड से उम्र की पुष्टि जरूरी है। तीनों ग्राम खैरताल के निवासी थे। हादसे के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बलौदाबाजार लाया गया।
पुलिस ने ट्रक चालक को किया गिरफ्तार, ट्रक और ड्राइविंग लाइसेंस जब्त
इस भीषण दुर्घटना के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देश पर थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कराया। सीन ऑफ क्राइम यूनिट की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से परीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
पुलिस के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ट्रक चालक द्वारा वाहन को तेज गति और लापरवाहीपूर्वक चलाने की बात सामने आई। इसी आधार पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 926/2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक संतोष कुमार चन्द्रवंशी, उम्र 26 वर्ष, पिता राजकुमार, निवासी ग्राम पाण्डेय पट्टी, थाना धोला, जिला बक्सर, बिहार, वर्तमान पता घासीदास नगर, जामुल, भिलाई को 7 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दुर्घटना में प्रयुक्त कोयले से भरा ट्रक क्रमांक CG 08 AX 6011 और आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।
पोस्ट ऑफिस से पैसे निकालकर लौट रहा था परिवार, रास्ते में छिन गई जिंदगी
इस हादसे की सबसे पीड़ादायक बात यह है कि रामचंद्र ध्रुव अपने दोनों बच्चों के साथ रोजमर्रा के काम से बलौदाबाजार आए थे। पोस्ट ऑफिस से पैसे निकालकर वे अपने गांव लौट रहे थे। लेकिन घर पहुंचने से पहले ही रवान के मंसा चौक के पास तेज रफ्तार ट्रक ने पूरे परिवार की जिंदगी छीन ली। एक पिता के साथ उसके बेटे और बेटी की एक साथ मौत की खबर ने ग्राम खैरताल को गहरे सदमे में डाल दिया। त्योहार के दिन जिस परिवार को घर लौटकर खुशियां बांटनी थीं, वहां अब मातम पसरा है।
एक दिन, दो हादसे और छह मौतें, आखिर जवाबदेही किसकी?
धनतेरस के दिन हुए इन दोनों हादसों ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर दो अलग-अलग मोर्चों पर सवाल खड़े किए हैं। नेहरू चौक की घटना में रिहायशी इलाके के पास हाईटेंशन बिजली लाइन की स्थिति और विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की जांच जरूरी है। वहीं रवान की दुर्घटना में भारी वाहनों की गति, सड़क पर सुरक्षित आवागमन और यातायात नियमों के पालन का मुद्दा सामने आया है।
एक तरफ घर के बाहर बिजली लाइन के कारण एक परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई, तो दूसरी तरफ सड़क पर भारी ट्रक की चपेट में आने से पिता और उनके दो बच्चों की जिंदगी खत्म हो गई। दोनों घटनाओं में छह लोगों की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। अब नेहरू चौक के करंट हादसे में बिजली विभाग की तकनीकी जांच, लाइन की स्थिति, सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की पड़ताल जरूरी है। वहीं रवान हादसे में पुलिस की विवेचना के साथ सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की निगरानी को लेकर भी ठोस कदम उठाने होंगे। धनतेरस पर बलौदाबाजार में छह लोगों की मौत केवल दुर्घटनाओं का आंकड़ा नहीं है। यह छह जिंदगियों का अंत और दो परिवारों के टूटने की कहानी है। त्योहार की रोशनी के बीच जिले ने ऐसा अंधेरा देखा, जिसकी टीस लंबे समय तक बनी रहेगी।




























