उडेला–पौसरी मार्ग पर मौत की रफ्तार: ट्रेलर की टक्कर से दो आरक्षकों की दर्दनाक मौत

 

ड्यूटी पर जा रहे दो जवानो को जोरदार टक्कर, एक की मौके पर मौत, दूसरे ने रायपुर ले जाते वक्त तोड़ा दम पुलिस महकमे में शोक की लहर… 

बलौदा बाजार। रफ्तार की कहर ने ड्यूटी पर जा रहे दोनों जवान, की ली जान एक की मौके पर मौत, दूसरे ने रायपुर ले जाते वक्त तोड़ा दम, पुलिस महकमे में शोक, लापरवाह ड्राइविंग पर फिर उठे सवाल….बुधवार की सुबह थाना हथबंद क्षेत्र के उडेला–पौसरी मार्ग पर ऐसा मंजर दिखा, जिसने पूरे जिले को झकझोर दिया। करीब 11 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो आरक्षकों को पीछे से ऐसी टक्कर मारी कि दोनों की जिंदगी कुछ ही पलों में खत्म हो गई। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि पुलिस महकमे के लिए गहरा आघात बन गया।

 

जानकारी के अनुसार आरक्षक क्रमांक 377 धर्मेंद्र यादव, जो साइबर सेल में पदस्थ थे और ग्राम परसबोड़ थाना साजा जिला बेमेतरा के निवासी थे, अपने साथी आरक्षक क्रमांक 809 प्रशांतधर दीवान के साथ मोटरसाइकिल से बलौदाबाजार की ओर जा रहे थे। प्रशांतधर दीवान थाना हथबंद में पदस्थ थे और नवागढ़ थाना नवागढ़ जिला बेमेतरा के रहने वाले थे। दोनों जवान ड्यूटी के सिलसिले में निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उडेला–पौसरी मार्ग पर पीछे से आ रहे ट्रेलर ने तेज रफ्तार में बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों जवान सड़क पर दूर जा गिरे। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सड़क पर अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन तब तक हादसा अपना काम कर चुका था। धर्मेंद्र यादव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनका शरीर सड़क पर लहूलुहान पड़ा था। वहीं गंभीर रूप से घायल प्रशांतधर दीवान को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर किया गया। एंबुलेंस तेजी से रायपुर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन धरसीवा के पास रास्ते में ही उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। एक ही दिन में, एक ही हादसे में, पुलिस विभाग ने अपने दो जवान खो दिए। यह खबर जैसे ही फैली, महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। साथी जवानों की आंखें नम हो गईं। कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

 

ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन जब्त कर लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसा केवल तेज रफ्तार का नतीजा था या चालक की लापरवाही और भी गंभीर थी। उडेला–पौसरी मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पहले भी चिंता का विषय रही है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल और सख्त निगरानी की मांग करते रहे हैं। धर्मेंद्र यादव और प्रशांतधर दीवान दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र में कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते थे। धर्मेंद्र यादव साइबर सेल में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और कई मामलों में तकनीकी सहयोग दे चुके थे। वहीं प्रशांतधर दीवान थाना हथबंद में तैनात रहते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय थे।

 

दोनों जवानों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर घर में रोज की तरह ड्यूटी पर निकले बेटे और भाई, दूसरी ओर कुछ ही घंटों बाद आई मौत की खबर। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और साथियों ने दिवंगत आरक्षकों को श्रद्धांजलि दी और परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भी घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे बड़ी क्षति बताया और भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

यह हादसा एक बार फिर बताता है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। ड्यूटी पर जा रहे दो जवान, जो कानून और व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध थे, खुद सड़क की लापरवाही का शिकार हो गए।

अब सवाल यह है कि क्या इस दर्दनाक घटना के बाद संबंधित मार्ग पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम होंगे? क्या भारी वाहनों की गति पर निगरानी बढ़ेगी? क्या स्पीड गवर्नर और नियमित चेकिंग को गंभीरता से लागू किया जाएगा? फिलहाल जिले की फिजा गमगीन है। पुलिस लाइन में शोक का माहौल है। दो वर्दियां अब हमेशा के लिए खामोश हो गईं। उडेला–पौसरी मार्ग की वह सुबह, जिसने दो जिंदगियां छीन लीं, लंबे समय तक याद की जाएगी।

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