स्कूल विदाई समारोह बना खतरनाक स्टंट का मंच: कसडोल में वायरल वीडियो के बाद पुलिस की सख्त कार्रवाई, 16 लोग पकड़े गए…

स्कूल विदाई समारोह बना खतरनाक स्टंट का मंच: कसडोल में वायरल वीडियो के बाद पुलिस की सख्त कार्रवाई, 16 लोग पकड़े गए…

बलौदा बाजार। शाला विदाई जैसे भावनात्मक और यादगार कार्यक्रम को कुछ युवाओं और नाबालिग छात्रों द्वारा खतरनाक स्टंट और उपद्रव का रूप देने का मामला कसडोल में सामने आया है। स्वामी आत्मानंद स्कूल कसडोल में आयोजित शाला विदाई कार्यक्रम के दौरान सड़क और स्कूल परिसर में चलते चारपहिया वाहनों में स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 04 वाहन चालक और 12 अवयस्क बालकों सहित कुल 16 लोगों को पकड़ा है। साथ ही 04 चारपहिया वाहनों को जब्त कर, वाहन चालकों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं।
यह घटना न केवल यातायात नियमों की खुलेआम अवहेलना का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह किस तरह युवाओं और बच्चों को जानलेवा जोखिम उठाने के लिए उकसा रही है।

वायरल वीडियो से खुला मामला

पिछले सप्ताह सोशल मीडिया और विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में स्वामी आत्मानंद स्कूल कसडोल के कुछ छात्र शाला विदाई समारोह के दौरान स्कॉर्पियो और कार जैसे चारपहिया वाहनों में सवार होकर खतरनाक स्टंट करते दिखाई दे रहे थे। कोई वाहन की खिड़की से बाहर झुककर चीखता नजर आया, तो कोई चलती गाड़ी की छत और दरवाजों पर बैठकर संतुलन बिगाड़ते हुए स्टंट करता दिखा।
वीडियो में यह भी साफ दिखाई दिया कि इन वाहनों में कई अवयस्क छात्र सवार थे, जो न तो वाहन चलाने की उम्र में थे और न ही उन्हें यातायात नियमों की परवाह थी। सड़क पर इस तरह के स्टंट से किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई

वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा कसडोल थाना प्रभारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्देश स्पष्ट थे कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
इन निर्देशों के तहत कसडोल पुलिस ने वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और स्थानीय जानकारी के आधार पर जांच शुरू की। वाहनों की पहचान, नंबर प्लेट और वीडियो में दिख रहे चेहरों के आधार पर संबंधित लोगों तक पुलिस पहुंची।

16 लोग पकड़े गए, 12 नाबालिग शामिल

जांच के बाद 10 फरवरी 2026 को कसडोल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 04 वाहन चालक और मालिकों को पकड़ा। इनके साथ ही वीडियो में नजर आ रहे 12 अवयस्क बालकों को भी चिन्हित कर थाने बुलाया गया। इस तरह कुल 16 लोगों को पकड़ा गया।
पूछताछ के दौरान सभी ने स्वीकार किया कि शाला विदाई कार्यक्रम के उत्साह में उन्होंने स्कॉर्पियो और कार में सवार होकर खतरनाक स्टंट किए थे। किसी ने यह नहीं सोचा कि इस दौरान एक छोटी सी चूक किसी की जान भी ले सकती थी।

नाबालिगों को परिजनों के सामने कड़ी फटकार

मामले में शामिल सभी 12 अवयस्क बालकों के परिजनों को थाना कसडोल बुलाया गया। पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में बच्चों को कड़ी फटकार लगाई और समझाइश दी। उन्हें बताया गया कि इस तरह की हरकतें न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि उनके अपने जीवन और दूसरों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं। परिजनों ने भी बच्चों को भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल न होने की सख्त चेतावनी दी। पुलिस ने यह स्पष्ट किया कि यदि दोबारा इस तरह की घटना सामने आती है, तो कानूनी कार्रवाई और अधिक सख्त होगी।

04 चारपहिया वाहन जब्त

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान घटना में प्रयुक्त 04 चारपहिया वाहनों को जब्त किया है। इनमें स्कॉर्पियो और अन्य कारें शामिल हैं, जिनका उपयोग स्टंट और लापरवाह वाहन चालन के लिए किया गया था। वाहनों को जब्त कर थाने में खड़ा किया गया है और आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि वाहन मालिकों की जिम्मेदारी होती है कि वे अपने वाहन किसे और किस उद्देश्य से दे रहे हैं, इस पर नजर रखें।

वाहन चालकों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज

मामले में अग्रिम कार्रवाई करते हुए कसडोल पुलिस ने 04 वाहन चालक और मालिकों के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने की धाराओं के तहत कुल 04 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत भी कार्रवाई की गई है। धारा 184 के तहत खतरनाक और लापरवाह वाहन चालन को गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि समाज में एक स्पष्ट संदेश देना है।

आरोपी वाहन चालकों के नाम

पुलिस द्वारा जिन अनावेदक वाहन चालकों को पकड़ा गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं—

1. शुभम चेलक, उम्र 19 वर्ष, निवासी कसडोल, थाना कसडोल
2. आदित्य कुमार कश्यप, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम भदरा, थाना कसडोल
3. विकास साहू, उम्र 22 वर्ष, निवासी कसडोल, थाना कसडोल
4. गजाधर साहू, उम्र 45 वर्ष, निवासी कसडोल, थाना कसडोल

पुलिस इन सभी के खिलाफ दर्ज मामलों की विवेचना कर रही है।

सोशल मीडिया बना जोखिम की वजह

इस पूरे मामले में एक अहम पहलू सोशल मीडिया का प्रभाव भी सामने आया है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि आजकल बच्चे और युवा सोशल मीडिया रील्स और वीडियो देखकर तेज रफ्तार बाइक चलाने, खतरनाक स्टंट करने और कानून को हल्के में लेने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। कई बार यह दिखावे और लाइक्स की होड़ उन्हें ऐसे जोखिम उठाने पर मजबूर कर देती है, जिसका परिणाम गंभीर दुर्घटना या जानलेवा हादसा हो सकता है। कसडोल की यह घटना इसी मानसिकता का उदाहरण है।

पुलिस की युवाओं से अपील

बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद युवाओं से खास अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के खतरनाक स्टंट, रैश ड्राइविंग या नियमों के उल्लंघन से दूर रहें। पुलिस का कहना है कि सड़क पर किया गया एक गलत निर्णय न केवल आपकी जान ले सकता है, बल्कि आपके परिवार के लिए जीवन भर का दुख बन सकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे इसमें कोई भी शामिल हो।

परिजनों की भूमिका सबसे अहम

पुलिस ने बच्चों के परिजनों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखें। नाबालिग बच्चों को किसी भी प्रकार से बाइक, कार या अन्य वाहन चलाने की अनुमति न दें। यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बेहद खतरनाक है। परिजनों को चाहिए कि वे बच्चों को अच्छे और बुरे की समझ दें, उन्हें यातायात नियमों के महत्व के बारे में बताएं और सोशल मीडिया पर दिखने वाली खतरनाक चीजों से दूर रहने की सीख दें।

स्कूल और समाज की जिम्मेदारी

इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और समाज की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। शाला विदाई जैसे कार्यक्रमों के दौरान अनुशासन और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और अभिभावक मिलकर यह सुनिश्चित करें कि खुशी के नाम पर कोई भी छात्र कानून और सुरक्षा से समझौता न करे।

कसडोल में हुई यह कार्रवाई एक चेतावनी है कि शौक और दिखावे के नाम पर किया गया जोखिम कितना भारी पड़ सकता है। पुलिस की त्वरित और सख्त कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे नाबालिग हों या वयस्क। अब जरूरत है कि युवा वर्ग, परिजन और समाज मिलकर यह समझें कि असली साहस और समझदारी नियमों का पालन करने में है, न कि सड़क को स्टंट का मैदान बनाने में।

 

📍बलौदाबाजार से केशव साहू की ग्राउंड रिपोर्ट 9691693646

चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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