अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 16 राज्यों तक फैला जाल, 16 आरोपी गिरफ्तार…आईपीएस भावना गुप्ता ने किया बड़ा खुलासा

अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 16 राज्यों तक फैला जाल, 16 आरोपी गिरफ्तार...आईपीएस भावना गुप्ता ने किया बड़ा खुलासा
अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 16 राज्यों तक फैला जाल, 16 आरोपी गिरफ्तार...आईपीएस भावना गुप्ता ने किया बड़ा खुलासा

अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश: 16 राज्यों तक फैला जाल, 16 आरोपी गिरफ्तार…आईपीएस भावना गुप्ता ने किया बड़ा खुलासा,हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ और नेपाल तक फैले नेटवर्क का भंडाफोड़ .ऑनलाइन ठगी और संगठित अपराध से जुड़ा मामला, पुलिस की महीनों की मेहनत लाई रंग…

बलौदा बाजार। एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसकी जड़ें एक-दो शहरों तक सीमित नहीं थीं, बल्कि कई राज्यों और देश की सीमा पार तक फैली हुई थीं। इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए आईपीएस अधिकारी भावना गुप्ता ने बताया कि पुलिस की सतत निगरानी, तकनीकी जांच और जमीनी कार्रवाई के बाद 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई केवल एक आपराधिक घटना का खुलासा नहीं, बल्कि उस संगठित तंत्र को तोड़ने की कोशिश है, जो लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था।
कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बने एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में सक्रिय रहकर संगठित तरीके से आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पुलिस की लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से इस नेटवर्क का भंडाफोड़ संभव हो सका। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और इसके सदस्य एक-दूसरे के संपर्क में रहकर योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम देते थे। गिरफ्तार आरोपियों में हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़ और नेपाल के निवासी शामिल हैं, जिससे इस गिरोह की व्यापक पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अलग-अलग राज्यों से जुड़े आरोपी

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अंकित राज (29) निवासी मॉडल टाउन हिसार, सदाम हुसैन (25) निवासी अम्बिकापुर, लवप्रीत सिंह (26) निवासी पटियाला, अजिबुल रहमान (25) निवासी बैकुंठपुर, अनिकेत त्यागी (28) निवासी संभल और दीपक उर्फ दीपू चौहान (29) निवासी मुरादाबाद शामिल हैं। इसके अलावा रमन कुमार (37), मुकेश सोनी (24), राकेश कुमार (42), मनु (24), करणदीप सिंह (29), दीपक कुमार पौडेल (27) निवासी नेपाल, रितिक कुमार (24), राहुल सरमाल (28), शिवम (30) और गुलशन कुमार (30) को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी आरोपियों का संबंध अलग-अलग राज्यों और शहरों से है, लेकिन अपराध की योजना बनाते समय ये एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे।

कैसे काम करता था गिरोह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य सोशल नेटवर्क, मोबाइल कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। अलग-अलग क्षेत्रों में रहने के बावजूद ये लोग जरूरत के अनुसार स्थान बदलते रहते थे ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। गिरोह का मुख्य उद्देश्य त्वरित आर्थिक लाभ प्राप्त करना था, जिसके लिए ये लोग विभिन्न आपराधिक तरीकों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने कई राज्यों में घटनाओं को अंजाम दिया है और अब इन सभी मामलों को जोड़कर जांच की जा रही है।

पुलिस की रणनीति से टूटा नेटवर्क

इस पूरे मामले में पुलिस की रणनीति अहम रही। लगातार मिल रही सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। कई दिनों तक चली गुप्त निगरानी के बाद पुलिस ने एक साथ कार्रवाई करते हुए आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न राज्यों में समन्वय बनाकर ऑपरेशन को सफल बनाया।

अहम सबूत और पूछताछ जारी

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। जानकारी के अनुसार आरोपियों के पास से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद की गई है, जिनकी जांच की जा रही है। इन सबूतों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क और उसके काम करने के तरीके को और गहराई से समझने की कोशिश की जा रही है।

कई राज्यों की पुलिस के संपर्क में जांच

चूंकि मामला अंतरराज्यीय है, इसलिए संबंधित राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मामलों की जानकारी जुटाकर यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने कहां-कहां वारदातों को अंजाम दिया है। नेपाल से जुड़े आरोपी के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जानकारी साझा की जा रही है। इससे साफ है कि यह गिरोह केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी गतिविधियां सीमाओं के पार तक फैली हुई थीं।
  • कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता 
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी कानून-व्यवस्था के लिहाज से बड़ी सफलता है। लंबे समय से सक्रिय इस नेटवर्क के पकड़े जाने से आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस रिमांड लेकर उनसे और गहन पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच एजेंसियां इस गिरोह से जुड़े बैंक खातों, लेन-देन और अन्य आर्थिक पहलुओं की भी जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल कहां और कैसे किया जा रहा था।
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