



छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में टोकन सिस्टम के नाम पर अवैध वसूली का खुलासा हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के बाद पुलिस महकमे में मचा हड़कंप और जांच शुरू हुई। जानिए पूरी खबर!
रायपुर/बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुलिस विभाग के ‘टोकन सिस्टम’ के नाम पर अवैध वसूली का मामला सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स के खुलासे के बाद पुलिस विभाग में बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से लेकर पुलिस हेडक्वार्टर तक हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बलौदाबाजार पुलिस कप्तान (SP) विजय अग्रवाल ने इसे संज्ञान में लेकर पुछताछ भी प्रारंभ कर दिया है आशा है जल्द ही इसके नतीजे सामने आयेंगे और इस तरह का सिस्टम रूकेगा।
इस अवैध वसूली का खुलासा सबसे पहले भाटापारा में 9 मार्च 2025 को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित रिपोर्ट में हुआ। एएसपी हेमसागर सिदार के अनुसार एसपी विजय अग्रवाल ने 10 मार्च को भाटापारा के यातायात प्रभारी और एक आरक्षक को लाईन अटेच किया गया। इस पर जब और पता किया गया तो पता चला कि बलौदाबाजार जिला मुख्यालय में भी यह खेल चल रहा है।
टोकन सिस्टम अवैध वसूली की खबर के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप!
मीडिया रिपोर्ट्स आने के बाद बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से लेकर पुलिस हेडक्वार्टर तक इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई से बचाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में जांच जारी है, और पुलिस विभाग के भीतर भी कई स्तरों पर चर्चा हो रही है। चर्चा है कि कार्रवाई की आंच से बचने के लिए ट्रांसपोर्टरों और पुलिस अधिकारियों के बीच भागदौड़ जारी है।
पत्रकारों पर दबाव और खुलेआम धमकियां!
बुधवार शाम को एक ट्रांसपोर्टर और भाजपा नेता ने खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकारों को फोन पर धमकाया। हैरानी की बात यह रही कि यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पत्रकार लगातार समझाने की कोशिश कर रहे थे कि खबर में ट्रांसपोर्टरों का सीधा नाम नहीं लिया गया है, फिर भी उन्हें धमकाया गया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
यह सवाल उठना लाज़मी है कि आखिर ट्रांसपोर्टर खुद इस मामले में क्यों कूद रहे हैं? क्या वे टोकन सिस्टम का लाभ उठाते रहे हैं, या फिर पुलिस उन पर किसी दबाव में काम कर रही है?
पहली खबर भाटापारा से: ‘टोकन सिस्टम’ अवैध वसूली का खुलासा 9 मार्च 2025 को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित रिपोर्ट में हुआ। 👉 पुलिस और यातायात विभाग की अवैध वसूली पर उठा सवाल, बना चर्चा का विषय
दूसरी खबर बलौदाबाजार से: 10 मार्च को हरिभूमि डॉट कॉम में प्रकाशित 👉 यातायात विभाग की अवैध वसूली : परिवहन विभाग चालान की बजाय टोकन से कर रहा वसूली, लोगों ने उठाए सवाल
तीसरी खबर बलौदाबाजार से: भाटापारा के बाद बलौदाबाजार में ‘टोकन सिस्टम’ अवैध वसूली का खुलासा 16 मार्च 2025 को ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ में प्रकाशित हुआ। 👉छत्तीसगढ़ में ट्रैफिक पुलिस का खेल: खोज लिया वसूली का नया फॉर्मूला? ये है टोकन का कोडवर्ड
इसके अलावा छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम और दैनिक अखबार आज की जनधारा ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। 👉ट्रैफिक पुलिस बनी वसूली एजेंसी: टोकन दिखाओ, चालान से बचो! जानिए इस गुप्त वसूली खेल की सच्चाई!
पत्रकार ने सच्चाई उजागर की, तो उसे ही भेज दिया नोटिस!
भाटापारा में 9 मार्च 2025 को ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित रिपोर्ट में भाटापारा यातायात पुलिस द्वारा माल वाहक वाहनों से गुप्त परमिट (टोकन) के नाम पर अवैध वसूली का खुलासा हुआ।
हालांकि, जब पत्रकार तुलसी जायसवाल ने इस घोटाले को उजागर किया, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तो पुलिस ने खुद को बचाने के लिए उन्हीं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद पत्रकार को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया, हालांकि बाद में यह नोटिस वापस ले लिया गया।
कैसे चलता था ‘टोकन सिस्टम’ का खेल?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाहन चालकों को पुलिस द्वारा गुप्त परमिट (टोकन) जारी किया जाता था, जिससे वे बेरोकटोक जिले में आ-जा सकते थे। इस टोकन के बदले उनसे एक निश्चित राशि की वसूली की जाती थी।
वाहन चालकों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि, इस सिस्टम के चलते उन्हें भी परेशान नहीं किया जाता था और वे बिना किसी रोक-टोक के अपना माल लाने-ले जाने में सक्षम थे।
भाटापारा में पहली कार्रवाई, बलौदाबाजार में भी जांच जारी
इस खुलासे के बाद जिला पुलिस अधीक्षक (SP) विजय अग्रवाल ने 10 मार्च 2025 को कार्रवाई करते हुए भाटापारा यातायात प्रभारी और एक प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया।
इसके बाद जब इस मामले की जांच बलौदाबाजार जिला मुख्यालय तक पहुंची, तो पता चला कि वहीं पर भी इसी तरह का खेल जारी है। जिसके बाद ‘टोकन सिस्टम’ का बलौदाबाजार से जानकारी लेकर रिपोर्ट लल्लूराम डॉट कॉम और छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम ने उजागर किया।
जब लल्लूराम डॉट कॉम ने यातायात डीएसपी अमृत कुजुर से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने इस तरह की जानकारी से इंकार किया पर जब भाटापारा यातायात पर कार्यवाही की बात पूछी गयी तो कहा कि जांच चल रही है जिससे खबर को बल मिला कि कहीं न कहीं यह खेल जारी है। इससे यह तो स्पष्ट हो गया कि यह टोकन सिस्टम का खेल बड़े स्तर पर चल रहा था।
जांच जारी, कितने पर गिरेगी गाज?
पुलिस विभाग के सूत्रों से पता चला कि पुलिस हेडक्वार्टर तक हडकंप मचा हुआ है और जांच की जा रही है। खबर प्रसारण के बाद बलौदाबाजार जिला मुख्यालय से लेकर पुलिस हेडक्वार्टर तक हड़कंप मचा हुआ है।
वही सूत्र यह भी बता रहे हैं कि वाहन चालकों यह बोला जा रहा है कि इस तरह की टोकन की जानकारी नहीं है पर खबर ने खलबली मचा दी है।

टोकन घोटाले का पर्दाफाश या दबाव की राजनीति?
इस पूरे घटनाक्रम से साफ संकेत मिलते हैं कि टोकन सिस्टम में गड़बड़ी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अब देखना होगा कि क्या इस घोटाले की परतें खुलेंगी, या फिर दबाव की राजनीति के चलते यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? आने वाले समय में इसका खुलासा जरूर होगा!
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