तुरतुरिया में वन विभाग का स्वच्छता अभियान, वनमंडलाधिकारी पंकज कमल की अगुवाई में चला अभियान, सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री जोन बनाने की दिशा में उठाया कदम
बलौदाबाजार/कसडोल: बलौदाबाजार जिले के प्रसिद्ध धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल मातागढ़ तुरतुरिया में वन विभाग की ओर से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित इस एक दिवसीय अभियान का उद्देश्य पर्यटन स्थल को स्वच्छ, सुंदर और पॉलिथीन मुक्त बनाना रहा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम की अगुवाई वनमंडलाधिकारी पंकज कमल ने की। अभियान में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ स्थानीय ग्रामीण, संयुक्त वन प्रबंधन एवं पर्यटन समितियों की महिलाएं और स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए।
श्रद्धालुओं की आवाजाही से बढ़ता है कचरा
मातागढ़ तुरतुरिया धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक और ऐतिहासिक महत्व का भी प्रमुख केंद्र है। यहां छत्तीसगढ़ के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की लगातार आवाजाही के कारण मंदिर परिसर और आसपास के वन क्षेत्र में कई बार प्लास्टिक बैग, डिस्पोजल और अन्य ठोस कचरा जमा हो जाता है। इससे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता प्रभावित होने के साथ पर्यावरण पर भी असर पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने स्थानीय समुदायों के सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया।
महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भी संभाली जिम्मेदारी
अभियान में बालदाकछार वन परिक्षेत्र के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा आसपास के पांच गांवों की संयुक्त वन प्रबंधन एवं पर्यटन समिति से जुड़ी महिलाओं ने हिस्सा लिया। स्थानीय स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। सुबह से ही अलग-अलग टीमों ने मंदिर परिसर, आश्रम क्षेत्र और आसपास के वन क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया। टीमों ने जगह-जगह बिखरे प्लास्टिक, पॉलिथीन, डिस्पोजल और अन्य ठोस कचरे को एकत्र किया और उसके सुरक्षित निपटान की व्यवस्था की।
तुरतुरिया को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री जोन बनाने की तैयारी
स्वच्छता अभियान के दौरान वनमंडलाधिकारी पंकज कमल ने कहा कि तुरतुरिया केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि जैव विविधता की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे स्थान को स्वच्छ और पॉलिथीन मुक्त रखना केवल वन विभाग की नहीं, बल्कि यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि वन विभाग तुरतुरिया को पूर्णतः सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री जोन बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएगा। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के साथ प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
पर्यटन सुविधाओं के विकास की भी योजना
वन विभाग की ओर से आने वाले समय में तुरतुरिया में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को बढ़ाने के साथ क्षेत्र के नियोजित विकास की दिशा में वृहद योजना तैयार करने की बात कही गई है। प्रस्तावित योजना में पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था तैयार करने और स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे एक ओर जहां पर्यटन स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय के अवसर भी बढ़ाए जा सकेंगे।
वन विभाग और ग्रामीणों की साझेदारी
तुरतुरिया जैसे संवेदनशील पर्यटन और वन क्षेत्र के संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वच्छता अभियान में ग्रामीण महिलाओं और युवाओं की भागीदारी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।
वन विभाग ने लोगों से अपील की कि वे पर्यटन स्थल पर आने के दौरान प्लास्टिक और अन्य कचरा इधर-उधर न फेंकें। साथ ही अपने साथ लाए प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट को निर्धारित स्थान पर ही डालें।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया हिस्सा
अभियान में वनमंडलाधिकारी पंकज कमल, वन एसडीओ निश्चल शुक्ला, एसडीओ बार अभयारण्य कृषाणु चंद्राकर, रेंजर राहुल उपाध्याय, रेंजर जीवन साहू, जय किशन यादव, नटवर वर्मा, डिप्टी रेंजर धरम सिंह बरिहा, नंद कुमार, तिलक पैकरा, गिरीश चंद्र सेन, संदीप देवांगन, सुरेंद्र यादव, विजय रात्रे, प्रकाश धृतलहरे और फॉरेस्ट गार्ड अश्वनी साहू सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
महिला समूह की सरस्वती, चंद्रावती, इतवारा बाई, बिंदा, पुष्पा, धरमीन, श्यामला, निर्मला, कुमारी और मीना सहित अन्य सदस्यों ने भी सफाई अभियान में भाग लिया। वहीं पुरुष वर्ग से पुरुषोत्तम, सरोज, रोहित, बिरसिंह, पुनाराम, नारायण, राजाराम, गजानंद, अलकराम, रूपसिंह, दयाराम, रामगोपाल और चंदेलाल सहित स्थानीय लोगों ने अभियान में सहयोग किया।
स्वच्छता से ही पर्यटन का संरक्षण
तुरतुरिया धार्मिक आस्था, इतिहास और प्रकृति का अनूठा संगम है। ऐसे पर्यटन स्थलों को लंबे समय तक संरक्षित रखने के लिए स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। वन विभाग के इस अभियान से जहां परिसर की सफाई हुई, वहीं लोगों के बीच स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त पर्यटन को लेकर जागरूकता का संदेश भी गया। अब वन विभाग की आगामी योजना और स्थानीय लोगों की भागीदारी से यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि तुरतुरिया को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र बनाने की पहल किस तरह जमीन पर लागू होती है।
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