पंडित चक्रपाणी स्कूल में शिक्षक पर शराब के नशे में पहुंचने का आरोप, छात्राओं से गाली-गलौज और मारपीट की शिकायत

पंडित चक्रपाणी स्कूल में शिक्षक पर शराब के नशे में पहुंचने का आरोप, छात्राओं से गाली-गलौज और मारपीट की शिकायत

शिकायत के बाद स्कूल पहुंचे अधिकारी, कलेक्टर के निर्देश पर जांच शुरू; कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों से प्राचार्य की बदसलूकी का भी आरोप
बलौदाबाजार जिला मुख्यालय स्थित पंडित चक्रपाणी मल्टीपरपज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय एक बार फिर विवादों में है। इस बार स्कूल के एक शिक्षक पर कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने, छात्राओं से गाली-गलौज करने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद विद्यार्थियों में नाराजगी की स्थिति बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार स्कूल पहुंचे हैं। अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है। वहीं इस मामले की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ स्कूल की प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव के कथित व्यवहार को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। मीडियाकर्मियों का आरोप है कि प्राचार्य ने उन्हें अपने कक्ष से बाहर निकाल दिया और कहा कि स्कूल परिसर में मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित है।

शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल आने का आरोप

जानकारी के अनुसार, गुरुवार को स्कूल के शिक्षक नरेश तिवारी के कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने की बात सामने आई। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने छात्राओं के साथ गाली-गलौज की। बताया जा रहा है कि शिक्षक के व्यवहार से छात्राएं असहज हुईं और उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद विवाद बढ़ने और छात्राओं के साथ मारपीट किए जाने की शिकायत सामने आई है। हालांकि शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ मारपीट किए जाने और उनके शराब के नशे में होने के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 पहले भी लगते रहे हैं आरोप

स्कूल से जुड़े लोगों के अनुसार, शिक्षक नरेश तिवारी पर पहले भी शराब पीकर स्कूल आने के आरोप लगते रहे हैं। गुरुवार की घटना के बाद विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच इसको लेकर नाराजगी बताई जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिक्षक वास्तव में नशे की हालत में स्कूल पहुंचे थे तो स्कूल प्रबंधन की ओर से उस समय क्या कार्रवाई की गई और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए।

शिकायत लेकर प्राचार्य के पास पहुंचे विद्यार्थी

घटना के बाद छात्राएं और अन्य विद्यार्थी शिकायत लेकर स्कूल की प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव के पास पहुंचे। विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्होंने शिक्षक के व्यवहार और कथित मारपीट की जानकारी प्राचार्य को दी। हालांकि विद्यार्थियों की शिकायत पर तत्काल क्या कार्रवाई की गई, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच के लिए अधिकारी अब स्कूल पहुंच चुके हैं और संबंधित विद्यार्थियों तथा स्कूल स्टाफ से जानकारी ली जा रही है।

मीडिया कवरेज को लेकर भी विवाद

घटना की जानकारी मिलने के बाद जब मीडियाकर्मी स्कूल पहुंचे तो उन्होंने प्राचार्य वंदनी श्रीवास्तव से पूरे मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। मीडियाकर्मियों के अनुसार, प्राचार्य ने उन्हें अपने कक्ष से बाहर जाने के लिए कहा और यह कहते हुए मीडिया के प्रवेश पर आपत्ति जताई कि स्कूल परिसर में मीडिया का प्रवेश प्रतिबंधित है। इस दौरान प्राचार्य और मीडियाकर्मियों के बीच तीखी बहस होने की बात भी सामने आई है। मीडियाकर्मियों का कहना है कि उन्हें मीडिया के प्रवेश पर रोक से संबंधित कोई लिखित नियम अथवा सक्षम अधिकारी का आदेश मौके पर उपलब्ध नहीं कराया गया।

कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल पहुंचे अधिकारी

मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार स्कूल पहुंचे। अधिकारियों द्वारा विद्यार्थियों, स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षक से घटना की जानकारी लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। स्कूल परिसर में हुए घटनाक्रम की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी सच्चाई

फिलहाल इस पूरे मामले में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, लेकिन शराब के नशे में शिक्षक के स्कूल आने, छात्राओं से गाली-गलौज करने और मारपीट के आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रशासनिक अधिकारियों के स्कूल पहुंचने के बाद अब विद्यार्थियों और अभिभावकों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल की व्यवस्था पर उठे सवाल

पंडित चक्रपाणी स्कूल में सामने आया यह मामला सिर्फ एक शिक्षक पर लगे आरोपों तक सीमित नहीं है। इससे स्कूल में अनुशासन, विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल ऐसा स्थान होना चाहिए जहां उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले। ऐसे में किसी शिक्षक पर नशे की हालत में स्कूल आने और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगना गंभीर विषय है। अब प्रशासनिक जांच में यह सामने आना बाकी है कि गुरुवार को वास्तव में स्कूल में क्या हुआ था, शिक्षक की उस समय क्या स्थिति थी, विद्यार्थियों के साथ मारपीट हुई या नहीं और शिकायत मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने क्या कार्रवाई की। फिलहाल अधिकारियों की जांच जारी है और जांच के निष्कर्ष के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।
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