जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत, रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकला था… अब कभी लौटकर नहीं आएगा, बिलाईगढ़ के छुईहा गांव का रहने वाला था मृतक
कुलगाम आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के मजदूर की मौत, रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकला था… अब कभी लौटकर नहीं आएगा, SP ने Chhattisgarh Talk को क्या बताया?
बलौदाबाजार/सारंगढ़-बिलाईगढ़
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले ने छत्तीसगढ़ के एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गए सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव निवासी एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हमले में गंभीर रूप से घायल हुआ था। मृतक भूपेंद्र कुमार भैना पिता दशरथ भैना उम्र करीब 28 वर्ष मूल रूप से बिलाईगढ़ थाना क्षेत्र के छुईहा गांव का रहने वाला था। यह गांव पहले बलौदाबाजार जिले का हिस्सा था, लेकिन जिले के पुनर्गठन के बाद अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में शामिल है।
छह महीने पहले कमाने निकला था
परिजन मृतक की बहन के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण मृतक अपनी पत्नी के साथ करीब छह महीने पहले जम्मू-कश्मीर मजदूरी करने गया था। दोनों ईंट-भट्ठे में काम कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। लेकिन परिवार की बेहतर जिंदगी का सपना उस समय टूट गया जब कुलगाम में हुए आतंकी हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
गांव में अब भी मातम से पहले सन्नाटा
घटना के बाद सबसे मार्मिक पहलू यह रहा कि गांव में मौजूद परिवार को तुरंत मौत की जानकारी नहीं दी गई। मृतक के घर में उसकी बुजुर्ग दादी, छोटी बहन और लगभग दो साल का मासूम बच्चा रह रहे हैं। माता-पिता रोजी-रोटी की तलाश में हिमाचल प्रदेश में मजदूरी कर रहे हैं। गांव के सरपंच और कई ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआती समय तक गांव में आधिकारिक रूप से मौत की सूचना नहीं पहुंची थी।
पुलिस अधीक्षक ने chhattisgarhtalk.com से हुई खास बातचीत SP ने क्या बताया?
इस पूरे मामले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने Chhattisgarh Talk से विशेष बातचीत में बताया कि शुरुआत में घायल होने की सूचना मिली थी। देर रात पुलिस टीम मृतक के घर भी पहुंची थी, लेकिन उस समय परिवार को मौत की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि घर में बुजुर्ग दादी अकेली थीं। उनकी उम्र अधिक होने के कारण अचानक यह दुखद समाचार देने से उनकी तबीयत बिगड़ने या हार्ट अटैक जैसी स्थिति बनने की आशंका थी।
एसपी ने बताया कि मृतक के माता-पिता और भाई, जो हिमाचल प्रदेश में मजदूरी कर रहे हैं, उन्हें पूरी जानकारी दे दी गई है और वे जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो चुके हैं।
कुलगाम पुलिस से लगातार संपर्क
एसपी सुनील शर्मा ने बताया कि उनकी कुलगाम के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लगातार बातचीत हो रही है। उन्होंने कहा कि कुलगाम के एसएसपी उनके बैचमेट हैं और पूरे मामले में समन्वय किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस परिवार की हर संभव सहायता कर रहे हैं।
वहीं होगा अंतिम संस्कार
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक का अंतिम संस्कार जम्मू-कश्मीर में ही किए जाने की संभावना है। हालांकि प्रशासन परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और यदि कोई नया निर्णय होता है तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जिस परिवार ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपने बेटे और बहू को सैकड़ों किलोमीटर दूर मजदूरी के लिए भेजा था, आज उसी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में दो साल का मासूम अपने पिता का इंतजार कर रहा है, छोटी बहन भाई के लौटने की राह देख रही थी और बुजुर्ग दादी को अब तक पूरी तरह इस हादसे की जानकारी नहीं दी गई थी।
यह घटना एक बार फिर उन हजारों प्रवासी मजदूरों की कठिन परिस्थितियों को सामने लाती है, जो अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर से दूर जोखिम भरे इलाकों में काम करने को मजबूर हैं। इस बार आतंक की हिंसा ने ऐसे ही एक परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी।
























