बलौदाबाजार में PITNDPS प्रीवेंटिव डिटेंशन इन एनडीपीएस 1988 के तहत हुई कार्यवाही, पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम क्या है? जानिए

बलौदाबाजार में PITNDPS प्रीवेंटिव डिटेंशन इन एनडीपीएस 1988 के तहत हुई कार्यवाही, पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम क्या है? जानिए
बलौदाबाजार में PITNDPS प्रीवेंटिव डिटेंशन इन एनडीपीएस 1988 के तहत हुई कार्यवाही, पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम क्या है? जानिए

बलौदाबाजार में PITNDPS प्रीवेंटिव डिटेंशन इन एनडीपीएस 1988 के तहत हुई कार्यवाही, पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम क्या है? जानिए

PITNDPS प्रीवेंटिव डिटेंशन इन एनडीपीएस 1988 के तहत जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर 2 आरोपियों के विरुद्ध निवारक निरोध का आदेश किया गया पारित, संभाग आयुक्त रायपुर श्री महादेव कावरे द्वारा दो आरोपियों के खिलाफ 03 महीने का निवारक निरोध का आदेश किया गया है पारित, दोनों आरोपी बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के हैं निवासी तथा निरंतर मादक द्रव्यों के व्यापार में रहते हैं संलग्न, PITNDPS के तहत प्रथम निवारक निरोध आदेश जारी किया गया है, जेल वारंट बनने के उपरांत दोनों आरोपियों को किया गया जेल दाखिल

11 सितंबर को PITNDPS Act के तहत 02 आरोपी एजाज खान एवं ज्वाला प्रसाद को आयुक्त रायपुर संभाग रायपुर द्वारा 03-03 माह जेल में निरुद्ध करने का आदेश पारित किया गया है। उक्त दोनों आरोपियों के विरुद्ध PITNDPS प्रीवेंटिव डिटेंशन इन एनडीपीएस 1988 के तहत जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर, महादेव कावरे आयुक्त रायपुर संभाग रायपुर द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ 03 महीने का निवारक निरोध का आदेश पारित किया गया।

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आदेश पारित होने उपरांत दोनों आरोपियों को उप जेल बलौदाबाजार में जेल दाखिल किया गया है। नशीले पदार्थ, टैबलेट, नशीले इंजेक्शन आदि की तस्करी एवं बिक्री के अवैध व्यापार में शामिल आरोपियों को PITNDPS एक्ट के तहत आयुक्त न्यायालय द्वारा निवारक निरोध आदेश प्रथम बार जारी किया गया है।

आरोपियों के नाम

  1. ज्वाला चतुर्वेदी पिता इंदरमन उम्र 42 साल निवासी भैसापसरा बलौदाबाजार थाना सिटी कोतवाली बलौदाबाजार
  2. एजाज खान पिता अहमद खान उम्र 23 वर्ष निवासी भवानी नगर सिमगा थाना सिमगा

पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम क्या है जाने

देश में मादक दवाओं और मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार को रोकने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा 1988 में स्वापक औषधियों और मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम (PITNDPS अधिनियम) लागू किया गया था। यह अधिनियम ऐसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को हिरासत में लेने की अनुमति देता है। इसमें एक सलाहकार बोर्ड की स्थापना का प्रावधान है, जिसका काम अधिनियम के तहत हिरासत के मामलों की समीक्षा करना और यह सिफारिश करना है कि हिरासत जारी रखी जानी चाहिए या व्यक्ति को रिहा किया जाना चाहिए।

PITNDPS अधिनियम में परिकल्पित सलाहकार बोर्ड में एक अध्यक्ष होता है जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होता है या रह चुका होता है और दो अन्य सदस्य होते हैं जो उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के योग्य होते हैं।

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