तारगांव के दशहरे में कुम्भकर्ण का नौका विहार बना आकर्षण का केंद्र, हजारों की उमड़ी भीड़
अनूठी रामलीला और रावण की सेना के आकर्षक अभिनय को देखने जिलेभर से पहुंचे दर्शक, हर साल बढ़ रहा उत्साह
रामकुमार भारद्वाजकोंडागांव :- जिले के ग्राम तारगांव का बहुचर्चित दशहरा अपनी अनूठी रामलीला और विशेष प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध है। यहां दशहरा पर्व का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि रामलीला के दौरान रावण की सेना के कलाकारों द्वारा किए जाने वाले नए-नए अभिनय और आकर्षक झांकियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। यही वजह है कि इस आयोजन को देखने के लिए जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग तारगांव पहुंचते हैं। ग्राम पंचायत तारगांव के तत्वावधान में शनिवार, 24 अक्टूबर को आयोजित दशहरा उत्सव में हजारों की संख्या में दर्शक उमड़ पड़े।
_कुम्भकर्ण को जगाने का प्रसंग देखने उमड़ते हैं दर्शक
तारगांव के दशहरे में कुम्भकर्ण का प्रसंग सबसे खास आकर्षण रहता है। रामलीला के दौरान जब रावण की सेना कुम्भकर्ण को नींद से जगाने पहुंचती है, तो कलाकारों का अनूठा अभिनय दर्शकों को रोमांचित कर देता है। इसके बाद कुम्भकर्ण का तालाब के बीचोंबीच नौका विहार करते हुए रावण से मिलने पहुंचना आयोजन को और भी खास बना देता है। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए तालाब के चारों ओर हजारों दर्शक अपनी जगह बनाकर डटे रहते हैं। हर साल इस विशेष प्रस्तुति को देखने के लिए लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
_वर्षों से धूमधाम से मनाया जा रहा दशहरा
ग्राम तारगांव कुम्भकर्ण दशहरा समिति के अध्यक्ष युवा नरेंद्र नेताम ने बताया कि गांव में पिछले कई वर्षों से दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। खासकर कुम्भकर्ण के अभिनय को देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। जब रावण की सेना कुम्भकर्ण को नींद से जगाकर लाती है और वह तालाब के बीचोंबीच नौका विहार करते हुए रावण से मिलने पहुंचता है, तो यह दृश्य दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन जाता है। इसी अनूठी प्रस्तुति के कारण तारगांव का दशहरा जिले में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
_सुरक्षा व्यवस्था में महिलाएं भी निभाती हैं अहम भूमिका
दशहरा उत्सव के दौरान तालाब के चारों ओर हजारों लोगों की भीड़ जुटती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव के महिला और पुरुष मिलकर जिम्मेदारी निभाते हैं। सुरक्षा व्यवस्था संभालने में महिलाएं भी बढ़-चढ़कर भागीदारी करती हैं। समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास से आयोजन को व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलता है।
_समिति सदस्यों और ग्रामवासियों का रहता है विशेष योगदान
दशहरा उत्सव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और ग्रामवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भगवती महेश नेताम, जनपद पंचायत सदस्य विद्या नरेंद्र नेताम, समिति के उपाध्यक्ष राजेंद्र चौहान, कोषाध्यक्ष बलराम यादव, संरक्षक माधव नेताम, सारंग नेताम, बलराम पम्हार, आशा राम शोरी तथा सदस्य किशोर पम्हार, ज्वाला मरकाम, देवलाल मरकाम, हरीश मरकाम, हीरा मरकाम, कन्हैया मरकाम, पवन यादव, अर्जुन मरकाम, राहुल मरकाम, मुकेश नेताम, शरद नेताम, मदन चौहान और लोमेश साहू सहित ग्रामवासी आयोजन को सफल बनाने में भरपूर सहयोग करते हैं।
तारगांव का दशहरा अपनी अनूठी रामलीला, कुम्भकर्ण के नौका विहार और ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी के कारण जिले में अलग पहचान बना चुका है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा और ग्रामीण एकता का भी प्रतीक है।































