साइबर ठगी से बचने ASP खोमन सिन्हा की खास अपील, बोले- डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा

साइबर ठगी से बचने ASP खोमन सिन्हा की खास अपील, बोले- डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा
साइबर ठगी से बचने ASP खोमन सिन्हा की खास अपील, बोले- डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा
साइबर ठगी से बचने ASP खोमन सिन्हा की खास अपील, बोले- डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा
Chhattisgarhtalk.com से विशेष बातचीत में बताए साइबर ठगी से बचने के तरीके, बोले- OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें
डिजिटल दौर में ऑनलाइन लेनदेन और इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध का खतरा भी लगातार बना हुआ है। ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।
इसी को लेकर बलौदाबाजार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खोमन सिन्हा ने chhattisgarhtalk.com से विशेष बातचीत की और लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की। ASP खोमन सिन्हा ने लोगों को क्रिकेट का उदाहरण देते हुए समझाया कि जिस तरह बल्लेबाज मैदान में हेलमेट, पैड और ग्लव्स के बिना नहीं उतरता, उसी तरह डिजिटल दुनिया में भी बिना सावधानी के कदम नहीं रखना चाहिए। उनका कहना है कि साइबर अपराधियों से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा है।

 फर्जी कॉल से रहें सावधान

साइबर ठगी के मामलों में अपराधी अक्सर फोन करके लोगों को डराने या लालच देने की कोशिश करते हैं। कभी बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी बनकर फोन किया जाता है तो कभी किसी इनाम या ऑफर का लालच दिया जाता है। ASP ने लोगों से अपील की कि अनजान नंबरों से आने वाली कॉल पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। यदि कोई व्यक्ति फोन पर डराकर या लालच देकर तत्काल पैसे भेजने के लिए कहता है तो सावधान हो जाएं।

संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी

साइबर ठग SMS, WhatsApp या सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लिंक भेजकर लोगों को निशाना बनाते हैं। इन लिंक पर क्लिक करने के बाद व्यक्ति से बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा सकती है। ASP खोमन सिन्हा  ने कहा कि किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से ऐसे संदेशों से सावधान रहें जिनमें तुरंत लिंक खोलने, KYC अपडेट करने या इनाम प्राप्त करने की बात कही गई हो।

लॉटरी और सस्ते लोन के लालच से बचें

साइबर अपराधियों का एक सामान्य तरीका लोगों को लॉटरी, इनाम, नौकरी या बेहद कम ब्याज पर लोन देने का लालच देना है। ऐसे मामलों में ठग पहले छोटी रकम की मांग कर सकते हैं और बाद में अलग-अलग शुल्क के नाम पर लगातार पैसे मांगते हैं। ASP ने कहा कि बिना मांगे मिलने वाली लॉटरी या अविश्वसनीय रूप से सस्ते लोन के झांसे में नहीं आना चाहिए। किसी भी ऑफर की वास्तविकता की जांच किए बिना पैसा ट्रांसफर न करें।

OTP और UPI PIN कभी साझा न करें

ऑनलाइन बैंकिंग से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण सावधानी बताते हुए ASP खोमन सिन्हा ने कहा कि OTP, UPI PIN, ATM PIN और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या कोई जिम्मेदार संस्था फोन करके आपसे UPI PIN या OTP मांगती है, ऐसी स्थिति में विशेष सावधानी बरतें। किसी को भी अपना PIN बताने की जरूरत नहीं है।

साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत करें ये काम

यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी हो जाती है तो उसे घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
ASP खोमन सिन्हा ने बताया कि साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा साइबर अपराध की शिकायत cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी दर्ज की जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी ही जल्दी संबंधित एजेंसियों को रकम के ट्रांजैक्शन पर कार्रवाई करने का अवसर मिल सकता है।

डिजिटल दुनिया में सावधानी ही सुरक्षा

ASP खोमन सिन्हा ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए किसी विशेष तकनीकी ज्ञान से ज्यादा जरूरी सतर्कता है। उन्होंने क्रिकेट के उदाहरण के जरिए कहा कि जिस तरह बल्लेबाज सुरक्षा उपकरणों के बिना मैदान में नहीं उतरता, उसी तरह इंटरनेट और डिजिटल लेनदेन करते समय भी सुरक्षा के नियमों का पालन करना चाहिए। अनजान कॉल से सावधान रहें, संदिग्ध लिंक से बचें, लालच में न आएं और OTP या UPI PIN कभी साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में समय गंवाए बिना 1930 पर शिकायत करें। जागरूकता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
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