सेवा संकल्प अभियान के तहत कोसागांव जलाशय का तकनीकी निरीक्षण, जल संरक्षण पर दिया जोर

सेवा संकल्प अभियान के तहत कोसागांव जलाशय का तकनीकी निरीक्षण, जल संरक्षण पर दिया जोर
सेवा संकल्प अभियान के तहत कोसागांव जलाशय का तकनीकी निरीक्षण, जल संरक्षण पर दिया जोर
सेवा संकल्प अभियान के तहत कोसागांव जलाशय का तकनीकी निरीक्षण, जल संरक्षण पर दिया जोर
जनभागीदारी से जलाशय परिसर में की गई साफ-सफाई, बांध और नहरों की स्थिति का लिया जायजा
रामकुमार भारद्वाज फरसगांव :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश के प्रति सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्टर के निर्देशानुसार फरसगांव विकासखंड के ग्राम कोसागांव स्थित जलाशय में जल स्रोत जांच एवं सुधार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र, बांध, सीपेज क्षेत्र तथा नहरों का तकनीकी निरीक्षण कर जल संसाधन संरचनाओं की स्थिति का जायजा लिया। वहीं, जनभागीदारी से जलाशय परिसर में साफ-सफाई एवं संरक्षण संबंधी कार्य भी किए गए।

प्रबंधन और रखरखाव को बढ़ावा

कार्यक्रम का आयोजन जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.एल. धीवर के मार्गदर्शन एवं अनुविभागीय अधिकारी पी.एल. सोनवानी के नेतृत्व में किया गया। निरीक्षण के दौरान जलाशय की संरचनात्मक स्थिति, जल प्रवाह की व्यवस्था तथा जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का बारीकी से अवलोकन किया गया। इस पहल का उद्देश्य जलाशय की उपयोगिता बनाए रखने के साथ जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और रखरखाव को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में ग्राम कोसागांव के सरपंच मोतीराम नेताम, काबोंगा के सरपंच शिवराम शोरी, बांध अध्यक्ष बाकुराम नेताम, पुजारी धनाजी मंडावी, फरसगांव के सब इंजीनियर संतोष तमो सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण में सामूहिक सहभागिता के महत्व पर जोर दिया।

जल संरक्षण में जनभागीदारी महत्वपूर्ण

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, जलाशय परिसर की स्वच्छता तथा जल संसाधन संरचनाओं के बेहतर रखरखाव के प्रति लोगों को जागरूक करना है। जलाशयों एवं नहरों का समय-समय पर निरीक्षण और उनकी साफ-सफाई जल संसाधनों के दीर्घकालीन उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है। जनभागीदारी से किए जाने वाले ऐसे प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय जल संसाधनों के संरक्षण में समुदाय की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
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