अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले अनिमेष को मिली बधाइयां बलौदा बाजार पुलिस ने जताई खुशी
छत्तीसगढ़ के धावक अनिमेष कुजूर की कामयाबी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अनिमेष और उनके माता-पिता से की मुलाकात, दी बधाई; बलौदाबाजार पुलिस ने भी जताया गर्व, पिता बोले- आज बेटे के रिकॉर्ड से पहचाने जाने लगे हैं हम
अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में अपनी प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाले धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश में गर्व और उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अनिमेष और उनके माता-पिता से मुलाकात कर उनकी सफलता पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। अनिमेष की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि छत्तीसगढ़ के खेल जगत और पुलिस परिवार में भी खुशी की लहर है।
मुख्यमंत्री साय ने बढ़ाया हौसला
अनिमेष कुजूर की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हासिल उपलब्धि को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनकी मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की। अनिमेष और उनके माता-पिता से मुलाकात के दौरान उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। उनकी उपलब्धि प्रदेश के उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो खेल के क्षेत्र में देश और दुनिया में अपनी पहचान बनाने का सपना देखते हैं।
बेटे की सफलता पर भावुक हुए पिता, बोले- इससे बड़ी खुशी कुछ नहीं
अनिमेष के पिता अमृत कुजूर के लिए बेटे की उपलब्धि सिर्फ एक रिकॉर्ड या पदक तक सीमित नहीं है। यह उस सपने के पूरा होने जैसा है, जिसे उन्होंने कभी अपने लिए देखा था, लेकिन सही मार्गदर्शन और अवसर नहीं मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ा सके। अमृत कुजूर बताते हैं कि कॉलेज के दिनों में उनकी भी खेलों में गहरी रुचि थी। वह लगातार चार वर्षों तक कॉलेज की चैंपियनशिप में हिस्सा लेते रहे, लेकिन उचित मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण खेल के क्षेत्र में आगे नहीं बढ़ पाए। उन्होंने अपने अनुभव से सीख लेते हुए बेटे को उसकी पसंद के खेल में आगे बढ़ने की पूरी स्वतंत्रता दी।
अमृत कुजूर कहते हैं, “मैं भी खेल के क्षेत्र में कॉलेज तक काफी अच्छा था। कॉलेज में लगातार चार साल चैंपियनशिप खेला, लेकिन सही मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण खेल में आगे नहीं बढ़ पाया। जो हम नहीं कर पाए, उसे देखते हुए बच्चे को उसके मनपसंद खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की छूट दी। इसी का नतीजा है कि बेटा खेल के क्षेत्र में लगातार अच्छा कर रहा है।” बेटे की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उनकी आवाज में गर्व और भावुकता दोनों झलकने लगते हैं। एक पिता के लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी कि जिस रास्ते पर वह खुद आगे नहीं बढ़ सके, उसी रास्ते पर उनका बेटा नई पहचान बना रहा है और देश-प्रदेश का नाम रोशन कर रहा है।
बलौदाबाजार पुलिस ने भी दी बधाई
अनिमेष की शानदार सफलता पर बलौदाबाजार पुलिस ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए उनके माता-पिता को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। पुलिस विभाग ने उनकी उपलब्धि को मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रेरक उदाहरण बताया। अनिमेष की सफलता ने जिले के पुलिस परिवार को भी गौरवान्वित किया है।
अब बेटे के रिकॉर्ड से होने लगी है पिता की पहचान
अमृत कुजूर बताते हैं कि अनिमेष की सफलता ने पूरे परिवार को नई पहचान दी है। पहले लोग उन्हें उनके कार्यों और जिम्मेदारियों के कारण जानते थे, लेकिन अब बेटे की उपलब्धियों के कारण भी उन्हें पहचान मिलने लगी है। उन्होंने कहा, “जितना लोग मुझे मेरे कामों से नहीं जानते, उससे ज्यादा बेटे अनिमेष के रिकॉर्ड बनाने से लोग जानने लगे हैं। पूरे देश में अलग-अलग जगह रहने वाले हमारे परिजनों ने मुझसे संपर्क किया। एक बाप होने के नाते मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। बच्चे के नाम से माता-पिता और पूरे परिवार का नाम रोशन हो, इससे बड़ी बात और हो ही नहीं सकती।” पिता के इन शब्दों में उस भावना को महसूस किया जा सकता है, जो हर माता-पिता अपने बच्चे को सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचते देखकर अनुभव करते हैं। अनिमेष की उपलब्धि उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है, वहीं उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
बलौदाबाजार से जुड़ा है अनिमेष का परिवार
अनिमेष कुजूर के परिवार का बलौदाबाजार जिले से गहरा जुड़ाव रहा है। उनके पिता अमृत कुजूर पुलिस विभाग में पदस्थ थे और बलौदाबाजार जिले में लंबे समय तक डीएसपी यातायात के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उनकी माता भी पुलिस विभाग में कार्यरत रही हैं। स्थानांतरण के बाद परिवार का जुड़ाव जशपुर जिले से हो गया, जहां वर्तमान में उनके पिता पदस्थ हैं। बलौदाबाजार में सेवाएं देते हुए अमृत कुजूर ने जिले में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। ऐसे में उनके बेटे अनिमेष की अंतरराष्ट्रीय खेल उपलब्धि जिले के पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए भी गर्व का विषय बन गई है।
युवाओं के लिए प्रेरणा बनी उपलब्धि
अनिमेष कुजूर की सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया जा सकता है। उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य तय करने की प्रेरणा देगी। एक ओर मुख्यमंत्री की बधाई और मुलाकात ने अनिमेष का उत्साह बढ़ाया है, वहीं बलौदाबाजार पुलिस की शुभकामनाएं उनके परिवार के साथ जिले के जुड़ाव को भी दर्शाती हैं। अनिमेष की कामयाबी अब केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सम्मान और गौरव का विषय बन गई है।































