UltraTech Cement Rawan CSR की पहल से बलौदाबाजार क्षेत्र के 7 शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में 275 बेंच-डेस्क वितरित किए गए। अब 1000 से अधिक विद्यार्थियों को जमीन की जगह डेस्क पर बैठकर पढ़ाई करने की बेहतर सुविधा मिलेगी।
बलौदाबाजार क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। UltraTech Cement के रावन संयंत्र की सीएसआर पहल के तहत सात शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में कुल 275 बेंच-डेस्क सेट वितरित किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना और शिक्षा के प्रति उनके उत्साह को बढ़ाना है। कई स्कूलों में लंबे समय से विद्यार्थी जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर थे। बेंच और डेस्क की कमी के कारण बच्चों को असुविधा होती थी, जिससे पढ़ाई का माहौल भी प्रभावित होता था। इस स्थिति को देखते हुए कंपनी की सीएसआर इकाई ने पहल करते हुए स्कूलों में बेंच-डेस्क उपलब्ध कराए, जिससे अब बच्चों को आरामदायक वातावरण में बैठकर पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी।
UltraTech Cement Rawan CSR: सात विद्यालयों में 275 बेंच-डेस्क का वितरण
सीएसआर के तहत विभिन्न गांवों के सात प्राथमिक विद्यालयों को बेंच-डेस्क सेट प्रदान किए गए। सरसेनी विद्यालय को 50 सेट, छिराही विद्यालय को 65 सेट, तिल्दाबांधा विद्यालय को 40 सेट, पड़कीडीह विद्यालय को 40 सेट, रवेली प्राथमिक विद्यालय को 30 सेट, खपराडीह विद्यालय को 35 सेट और गुमा विद्यालय को 15 सेट दिए गए। इस प्रकार कुल मिलाकर सात स्कूलों में 275 बेंच-डेस्क सेट वितरित किए गए। इन बेंच-डेस्क के मिलने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान आरामदायक बैठने की सुविधा मिल सकेगी।
पहले भी हो चुका है बड़ा वितरण
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी की सीएसआर इकाई ने शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया है। इससे पहले भी विभिन्न गांवों के स्कूलों में बेंच-डेस्क सेट वितरित किए जा चुके हैं। पूर्व में रावन विद्यालय को 26 सेट, झीपन विद्यालय को 35 सेट, गुमा विद्यालय को 44 सेट, पेन्ड्री विद्यालय को 50 सेट और चुचरूंगपुर विद्यालय को 48 सेट प्रदान किए गए थे। यदि इन सभी वितरणों को जोड़कर देखा जाए तो अब तक कार्यक्षेत्र के 15 गांवों में से 11 प्राथमिक विद्यालयों में कुल 478 बेंच-डेस्क सेट उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
UltraTech Cement Rawan CSR: हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
इन 11 शासकीय प्राथमिक विद्यालयों में कुल 1054 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पहले इनमें से अधिकांश बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। कई बार बच्चे टाट-पट्टी या चटाई पर बैठते थे, जिससे लंबे समय तक पढ़ाई करना उनके लिए असुविधाजनक हो जाता था। अब बेंच-डेस्क मिलने से न केवल उनकी बैठने की व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि पढ़ाई का माहौल भी बेहतर होगा। शिक्षक भी मानते हैं कि जब बच्चों को सुविधाजनक माहौल मिलता है तो उनका ध्यान पढ़ाई में अधिक लगता है।
ग्रामीण स्कूलों में बदलेगा माहौल
ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। बैठने की व्यवस्था ठीक न होने के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है और पढ़ाई में भी बाधा आती है। बेंच-डेस्क मिलने से कक्षाओं का स्वरूप भी बदलेगा। अब बच्चों को कॉपी-किताब रखने के लिए उचित जगह मिलेगी और लिखने-पढ़ने में आसानी होगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
स्कूलों और ग्रामीणों ने जताया आभार
बेंच-डेस्क वितरण के दौरान संबंधित विद्यालयों के शिक्षक और ग्रामीण भी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल के लिए कंपनी की सीएसआर टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।
विद्यालयों के शिक्षकों का कहना है कि यह सहयोग विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे बच्चों को बेहतर वातावरण मिलेगा और वे अधिक ध्यान से पढ़ाई कर पाएंगे।
ग्रामीणों ने भी माना कि ऐसी पहल से गांवों के स्कूलों की स्थिति में सुधार आता है और बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं।
शिक्षा के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी
कंपनियों द्वारा सीएसआर के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में सहयोग दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी पहल का विशेष महत्व होता है क्योंकि वहां संसाधनों की कमी अधिक होती है। बेंच-डेस्क जैसे छोटे दिखने वाले संसाधन भी विद्यार्थियों के लिए बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं। इससे बच्चों में स्कूल आने की रुचि बढ़ती है और शिक्षकों को भी पढ़ाने में सुविधा होती है।
सीएसआर टीम की सक्रिय भूमिका
इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने में कंपनी की सीएसआर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम के प्रयासों से स्कूलों की जरूरतों का आकलन किया गया और उसी के आधार पर बेंच-डेस्क का वितरण किया गया। इस पहल के पीछे संयंत्र स्तर पर मार्गदर्शन और समन्वय भी महत्वपूर्ण रहा, जिसके चलते यह योजना जमीन पर सफलतापूर्वक लागू हो सकी। वितरण के दौरान सीएसआर टीम के सदस्य भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे और उन्होंने विद्यालय प्रबंधन के साथ मिलकर पूरी प्रक्रिया को संपन्न कराया।
शिक्षा के लिए सकारात्मक संकेत
ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना शिक्षा के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। बेंच-डेस्क की व्यवस्था होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जब स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होती हैं तो बच्चों की उपस्थिति भी बढ़ती है और पढ़ाई के परिणामों में भी सुधार देखने को मिलता है।
UltraTech Cement Rawan CSR: भविष्य में और भी पहल की उम्मीद
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में भी इसी तरह शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में ऐसे प्रयास जारी रहेंगे। यदि इसी तरह योजनाएं आगे बढ़ती रहीं तो ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर यह पहल सिर्फ बेंच-डेस्क वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब इन स्कूलों के सैकड़ों बच्चे बेहतर माहौल में बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।
📍बलौदाबाजार से चंदू वर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट
चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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