मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितता का मामला विधानसभा में गूंजा, 16 शादियों में 33 लाख खर्च! कहां गया जनता का पैसा? कांग्रेस ने उठाया सवाल

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितता का मामला विधानसभा में गूंजा, 16 शादियों में 33 लाख खर्च! कहां गया जनता का पैसा? कांग्रेस ने उठाया सवाल (Chhattisgarh Talk)
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में अनियमितता का मामला विधानसभा में गूंजा, 16 शादियों में 33 लाख खर्च! कहां गया जनता का पैसा? कांग्रेस ने उठाया सवाल (Chhattisgarh Talk)

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में लाखों रुपये की गड़बड़ी का खुलासा! कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, जांच और कार्रवाई की मांग। जानिए पूरा मामला और इसके पीछे की सच्चाई।

सरकार की योजना में अनियमितता के आरोप, 16 शादियों पर खर्च हुए 33 लाख रुपये!

रायपुर/बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में गड़बड़ियों का बड़ा मामला उठा। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस योजना के तहत कई जगहों पर भारी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। विपक्ष ने सरकार से तत्काल जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

16 जोड़ों की शादी, लेकिन खर्च 33 लाख! कहां गया बाकी पैसा?

विधानसभा में कसडोल के कांग्रेस विधायक संदीप साहू ने बालोद जिले के एक विवाह समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 16 जोड़ों के विवाह में 33 लाख रुपये खर्च दिखाया गया, जबकि नियम के अनुसार प्रति जोड़ा 50,000 रुपये दिए जाने हैं। इस हिसाब से कुल खर्च 8 लाख रुपये होना चाहिए था, लेकिन बाकी 25 लाख रुपये कहां गए? उन्होंने सरकार से इस गड़बड़ी पर जवाब मांगा और कहा कि यह जनता के पैसे की खुली लूट है।

53 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप, अलग-अलग जिलों में अलग-अलग खर्च क्यों?

विधानसभा में ही कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी इस योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में शादी समारोहों पर अलग-अलग खर्च किए गए हैं, जबकि सरकारी नियम एक समान हैं। उनके अनुसार, अब तक 53 लाख रुपये की अनियमितता के प्रमाण मिले हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

मंत्री ने किया बचाव, पारदर्शिता का दिया हवाला

इन गंभीर आरोपों पर जवाब देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना पूरी पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रति जोड़ा 50,000 रुपये ही दिए जाते हैं और इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों को राहत देना है। उन्होंने कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच कराई जाएगी।

विपक्ष का हंगामा, सदन में गरमाई सियासत

सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार हंगामा किया और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की ऊपर से नीचे तक जांच कराने की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी तंत्र और बिचौलियों की मिलीभगत से यह योजना भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है।

क्या है मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना?

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत प्रति जोड़ा 50,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है, जिसमें विवाह सामग्री, आयोजनों का खर्च और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। सरकार इसे सामूहिक विवाह के रूप में आयोजित कराती है ताकि गरीब परिवारों को शादी के भारी खर्च से राहत मिल सके।

अब क्या होगा? जांच होगी या मामला दबा दिया जाएगा?

इस बड़े खुलासे के बाद सरकार पर दबाव बढ़ गया है। क्या सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी या फिर यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा? विपक्ष ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मुद्दे को जनता के बीच भी उठाएंगे।

अब देखना होगा कि क्या सरकार इस योजना में हुए घोटाले पर कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं? क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला सिर्फ बयानबाजी तक ही सीमित रहेगा? आगे की कार्रवाई पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है।

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