बसंत पंचमी के जश्न में खून, स्कूल बना रणक्षेत्र, भाटापारा के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला, एक घंटे तक प्रबंधन अनजान

बसंत पंचमी के जश्न में खून, स्कूल बना रणक्षेत्र भाटापारा के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला 9वीं के छात्र पर गंभीर आरोप, एक घंटे तक प्रबंधन अनजान मीडिया की सूचना पर हरकत में आए शिक्षा अधिकारी और पुलिस (Chhattisgarh Talk)
बसंत पंचमी के जश्न में खून, स्कूल बना रणक्षेत्र भाटापारा के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला 9वीं के छात्र पर गंभीर आरोप, एक घंटे तक प्रबंधन अनजान मीडिया की सूचना पर हरकत में आए शिक्षा अधिकारी और पुलिस (Chhattisgarh Talk)

भाटापारा के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में बसंत पंचमी समारोह के दौरान 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला, स्कूल सुरक्षा पर उठे सवाल।


भाटापारा: जिस स्कूल परिसर में बच्चों का भविष्य गढ़ा जाना चाहिए, जहां किताबें, अनुशासन और संस्कार सबसे अहम होते हैं, उसी परिसर में अगर चाकू निकल आए और खून बहने लगे, तो यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह जाती। यह पूरी शिक्षा व्यवस्था, स्कूल सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पर सीधा सवाल बन जाती है। बलौदाबाजार जिले के भाटापारा स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल में बसंत पंचमी के दिन जो हुआ, उसने हर अभिभावक को झकझोर कर रख दिया है।

बसंत पंचमी जैसे पावन पर्व और स्कूल के वार्षिक समारोह के बीच, 10वीं कक्षा के छात्र आशुतोष सोनी पर उसी स्कूल में पढ़ने वाले 9वीं कक्षा के एक छात्र ने चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले ने कुछ ही मिनटों में खुशी के माहौल को चीख-पुकार और दहशत में बदल दिया।


भाटापारा स्कूल चाकूबाजी: खुशी का माहौल बदला अफरा-तफरी में

जानकारी के मुताबिक, बसंत पंचमी के अवसर पर स्कूल परिसर में वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, स्कूल स्टाफ और कई अभिभावक मौजूद थे। मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी चल रही थी और परिसर में उत्सव का माहौल था। इसी दौरान अचानक 9वीं कक्षा के एक छात्र ने 10वीं के छात्र आशुतोष सोनी पर चाकू से हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आशुतोष पर पेट, सीने और पीठ के हिस्से में कई वार किए गए। अचानक हुए इस हमले से मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। कुछ देर के लिए कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। छात्र सहम गए, कुछ बच्चे डर के मारे रोने लगे। शिक्षक और स्टाफ हालात संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन तब तक आरोपी छात्र मौके से हट चुका था।


गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, निजी अस्पताल में चल रहा इलाज, रायपुर बालाजी जाने की तैयारी

हमले के बाद घायल आशुतोष को तत्काल परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से भाटापारा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, चाकू के वार गंभीर थे और छात्र की हालत नाजुक बनी हुई थी। समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच सकी, लेकिन अभी भी वह चिकित्सकीय निगरानी में है। और स्थिति को देखते हुए परिजन रायपुर के बालाजी हॉस्पिटल लेजाने की तैयारी कर रहे है। अस्पताल में आशुतोष के परिजन बदहवास हालत में मौजूद हैं। उनका कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान में इस तरह की घटना ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया है।


भाटापारा स्कूल चाकूबाजी: एक घंटे तक स्कूल प्रबंधन अनजान, मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू

इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर तथ्य यह सामने आया कि घटना के करीब एक घंटे बाद तक स्कूल प्रबंधन को ही इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। जब मीडिया मौके पर पहुंचा और स्कूल प्राचार्य व शिक्षकों से सवाल किए, तो कई लोग घटना से अनभिज्ञ नजर आए।

इसके बाद मीडिया कर्मियों ने स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) डॉ. संजय को फोन कर घटना की जानकारी दी। मीडिया की सूचना के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। इसके बाद बीईओ और अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायल छात्र का हालचाल जाना।

यह स्थिति अपने आप में कई सवाल खड़े करती है कि इतने बड़े आयोजन के दौरान स्कूल में निगरानी व्यवस्था कैसी थी और इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रबंधन को समय पर जानकारी क्यों नहीं मिली।


परिजनों का आरोप, स्कूल के आसपास नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा

पीड़ित छात्र के परिजनों ने स्कूल प्रशासन और स्थानीय व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि स्कूल के आसपास अक्सर असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा रहता है। इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

परिजनों का यह भी आरोप है कि हमला करने वाला छात्र नशे की हालत में था, हालांकि इस दावे की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों का साफ कहना है कि अगर समय रहते स्कूल प्रशासन सतर्क होता, तो इस घटना को टाला जा सकता था।


भाटापारा स्कूल चाकूबाजी: स्कूल परिसर में हथियार कैसे पहुंचा?

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल परिसर में चाकू जैसा खतरनाक हथियार आखिर पहुंचा कैसे।

  • क्या स्कूल में प्रवेश के समय किसी तरह की जांच होती है?क्या वार्षिक समारोह जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे?

पीएम श्री स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल को जिले के बेहतर सरकारी स्कूलों में गिना जाता है, लेकिन इस घटना ने उसकी सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।


पुलिस जांच में जुटी, आरोपी छात्र पर कार्रवाई की तैयारी

घटना की सूचना मिलने के बाद भाटापारा शहर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस स्कूल परिसर, कार्यक्रम स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। आरोपी छात्र की पहचान कर ली गई है और उससे पूछताछ की जा रही है।

भाटापारा शहर थाना प्रभारी अमित पतले का कहना है कि मामले में आपसी विवाद, पुरानी रंजिश और नशे के एंगल सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभी शिकायत प्राप्त हुए है परिजन और स्कूल प्रबंधन के तरफ से लिखित आवेदन के बाद नाबालिग आरोपी होने के कारण जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।


पीड़ित छात्र के चाचा शंकर लाल सोनी ने कहा,“हमारा भतीजा सिर्फ कार्यक्रम देखने गया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि स्कूल के अंदर ही उस पर जानलेवा हमला हो जाएगा। यह सीधी-सीधी लापरवाही है। अगर समय पर इलाज नहीं मिलता, तो कुछ भी हो सकता था। हम आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रशासन की उदासीनता और सुरक्षा में भारी चूक इस घटना की बड़ी वजह है।


स्कूल के प्राचार्य अशोक सिंह परिहार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा,“घटना बेहद दुखद है। हमें मीडिया के माध्यम से जैसे ही जानकारी मिली, हम पीड़ित को देखने अस्पताल पहुंचे। मामले की जांच चल रही है। हम हर तरह से सहयोग करेंगे और चाकू से हमला करने वाले छात्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”हालांकि, घटना के एक घंटे बाद तक जानकारी न होने को लेकर प्राचार्य का जवाब कई सवालों के घेरे में है। -अशोक सिंह परिहार, प्राचार्य


शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, क्या वाकई सुरक्षित हैं स्कूल?

इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारे स्कूल वास्तव में बच्चों के लिए सुरक्षित हैं। सरकारी स्तर पर स्कूलों को मॉडल, स्मार्ट और इंग्लिश मीडियम बनाया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। बसंत पंचमी जैसे सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजन के दिन स्कूल परिसर में चाकू चलना, पूरे सिस्टम की विफलता की ओर इशारा करता है।


भाटापारा के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की यह घटना सिर्फ दो छात्रों के बीच का विवाद नहीं है। यह स्कूल सुरक्षा, प्रशासनिक निगरानी और शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा मामला है। अब निगाहें पुलिस जांच और शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस घटना से सबक लिया जाएगा या यह भी अन्य मामलों की तरह समय के साथ भुला दी जाएगी।


📍भाटापारा से चंदु वर्मा की ग्राउंड रिपोर्ट

चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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