नक्सलियों के गढ़ में आईटीबीपी की एंट्री! पदमकोट में नया कैंप, स्थानीय लोग खुश

नक्सलियों के गढ़ में आईटीबीपी की एंट्री! पदमकोट में नया कैंप, स्थानीय लोग खुश (Chhattisgarh Talk)
नक्सलियों के गढ़ में आईटीबीपी की एंट्री! पदमकोट में नया कैंप, स्थानीय लोग खुश (Chhattisgarh Talk)

आईटीबीपी ने छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में नया पदमकोट कैंप स्थापित किया, जिससे नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास को बढ़ावा मिलेगा। ‘कगार-2026’ मिशन के तहत अबूझमाड़ में नक्सलियों पर कड़ा प्रहार जारी है।

नक्सल उन्मूलन मिशन ‘कगार-2026’: अबूझमाड़ में आईटीबीपी का बढ़ता दबदबा, पदमकोट में नया कैंप स्थापित

रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव: छत्तीसगढ़ के सबसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में से एक अबूझमाड़ में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अपने कदम मजबूती से बढ़ा रही है। नक्सल उन्मूलन मिशन ‘कगार-2026’ के तहत सामरिक क्षेत्रीय मुख्यालय (भुवनेश्वर) आईटीबीपी, कोण्डागांव के नेतृत्व में लगातार नए कैंप स्थापित किए जा रहे हैं।

इसी कड़ी में 41वीं वाहिनी, आईटीबीपी ने हाल ही में बेडमाकोटी कैंप से 5 किमी आगे पदमकोट में एक नया कैंप स्थापित किया है। यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस कैंप की स्थापना से स्थानीय ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और नक्सलियों का प्रभाव कमजोर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।


आईटीबीपी के बढ़ते कदम: ‘कगार-2026’ मिशन के तहत नया मोर्चा

आईटीबीपी के डी.आई.जी. राणा युद्धवीर सिंह नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में खतरनाक और दूरस्थ इलाकों में खुद जवानों के साथ रहकर ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। पदमकोट में कैंप स्थापित करने के दौरान उन्होंने फ्रंट से मोर्चा संभाला और जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।

इस मिशन में सेंट्रल फ्रंटियर मुख्यालय के आई.जी. ओ.पी. यादव का मार्गदर्शन मिल रहा है, जिससे आईटीबीपी लगातार नए इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।


आईटीबीपी कैंप से ग्रामीणों को मिलेगी सुरक्षा

नक्सल गतिविधियों के गढ़ रहे पदमकोट में आईटीबीपी कैंप की स्थापना से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

  • अब ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं मिलने लगेंगी।
  • आईटीबीपी जवानों द्वारा स्थानीय लोगों से संवाद कर विश्वास बहाली का काम किया जा रहा है।
  • नक्सलियों के डर से बाहर आकर ग्रामीण मुख्यधारा से जुड़ने लगे हैं।

डी.आई.जी. राणा युद्धवीर सिंह ने कहा,
“हमारी प्राथमिकता है कि इस क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत किया जाए और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं दी जाएं। इस कैंप के जरिए नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।”


तेजी से आगे बढ़ रहा ‘कगार-2026’ मिशन

आईटीबीपी के अभियान को राज्य पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों का पूरा सहयोग मिल रहा है।

  • आईजी सुंदरराज पी. (बस्तर रेंज), डीआईजी अमित कामले (कांकेर रेंज), एसपी प्रभात कुमार (नारायणपुर) सहित डीआरजी और छत्तीसगढ़ पुलिस की टीमों ने इस ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभाई।
  • आईटीबीपी की 53वीं वाहिनी के सेनानी अमित भाटी और 45वीं वाहिनी के सेनानी राजीव गुप्ता भी अभियान के दौरान मौजूद रहे।

41वीं वाहिनी के सेनानी नरेंद्र सिंह और उनकी टीम को कम समय में पदमकोट में कैंप स्थापित करने के लिए सराहा गया।


क्या है ‘कगार-2026’ मिशन?

नक्सल प्रभावित इलाकों से उग्रवाद को खत्म करने और विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने ‘कगार-2026’ मिशन शुरू किया है।

  • इस मिशन के तहत नक्सल प्रभावित गांवों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
  • नई सड़कें, अस्पताल, स्कूल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
  • स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

अबूझमाड़ में आईटीबीपी की यह नई रणनीति नक्सलियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।


स्थानीय लोगों का समर्थन बढ़ा

आईटीबीपी कैंप की स्थापना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने जवानों के प्रति अपना समर्थन जताया है।

  • ग्रामीणों का कहना है कि अब वे नक्सलियों के डर से बाहर आकर खुलकर विकास की बात कर सकते हैं।
  • नक्सली गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
  • पुलिस और प्रशासन भी अब इन इलाकों तक आसानी से पहुंच बना सकते हैं।

नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम

छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्रीय सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से अबूझमाड़ और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव हो रहा है।

  • आईटीबीपी और राज्य पुलिस के लगातार ऑपरेशन से नक्सलियों की कमर टूट रही है
  • नए कैंपों की स्थापना से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है
  • स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है

पदमकोट कैंप की स्थापना के बाद अब आईटीबीपी के जवान अगले चरण की तैयारियों में जुट गए हैं। नक्सल उन्मूलन मिशन ‘कगार-2026’ के तहत आने वाले समय में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


निष्कर्ष: अबूझमाड़ में आईटीबीपी की ऐतिहासिक उपलब्धि

पदमकोट में आईटीबीपी कैंप की स्थापना न केवल सुरक्षा बलों की एक बड़ी सफलता है, बल्कि यह स्थानीय जनता के लिए भी एक नई उम्मीद लेकर आई है।

आईटीबीपी और छत्तीसगढ़ पुलिस के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का नया दौर शुरू हो रहा है। आने वाले दिनों में अबूझमाड़ का पूरा क्षेत्र सुरक्षा बलों की मजबूत पकड़ में होगा, जिससे नक्सलियों की गतिविधियों पर पूर्ण विराम लग सकेगा।

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