



ग्राम पंचायत धाराशिव में सरपंच सम्मे बाई पटेल ने शराबबंदी लागू कर गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। रैली निकालकर कोचियों को सख्त चेतावनी दी गई!
बालगोविंद मार्कण्डेय, बलौदाबाजार: जनपद के ग्राम पंचायत धाराशिव में नवनिर्वाचित सरपंच सम्मे केशव पटेल ने अपने कार्यकाल की शुरुआत एक बड़े और ऐतिहासिक फैसले के साथ की है। उन्होंने गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेते हुए शराब, गांजा, जुआ-सट्टा और अन्य अवैध कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। इस निर्णय के बाद गांव में जागरूकता और बदलाव की एक नई लहर दौड़ गई है।
सरपंच के इस फैसले को न केवल ग्रामवासियों का पूरा समर्थन मिल रहा है, बल्कि इस कदम की चर्चा अब आसपास के गांवों में भी होने लगी है। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने इस अभियान को अपना पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया है।
नशामुक्त गांव: चार दिन पहले हुई मुनादी, फिर निकली रैली, शराब कारोबारियों को दी गई चेतावनी
सरपंच सम्मे पटेल ने अपने पहले ही पंचायत बैठक में गांव को नशामुक्त समाज बनाने की बात पर जोर दिया। उन्होंने अवैध शराब बेचने और खरीदने पर पूरी तरह से रोक लगाने का सख्त फैसला लिया।
इस फैसले के बाद, कोटवार के माध्यम से गांव में चार दिन पहले ही मुनादी करवाई गई, जिसमें शराब और अन्य नशे का कारोबार करने वालों को सख्त चेतावनी दी गई कि वे जल्द से जल्द अपना अवैध धंधा बंद कर दें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Exclusive News: टोकन सिस्टम अवैध वसूली की खबर के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप! एक्शन में बलौदाबाजार कप्तान (SP), लेकिन क्या बच निकलेंगे बड़े खिलाड़ी?
इसके बाद, रविवार 23 मार्च को गांव में एक विशाल नशाबंदी जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में सरपंच, उपसरपंच, पंचगण, महिला समिति की सदस्य, युवा, बुजुर्ग और गांव के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
गांव के हर गली-मोहल्ले में गूंजे नारे:
- “नशा छोड़ो, जीवन संवारो!”
- “दारू, जुआ बंद करो – गांव को खुशहाल करो!”
- “नशा मुक्त समाज – खुशहाल परिवार!”
रैली के दौरान, लोगों ने गांव के उन इलाकों में पहुंचकर अवैध शराब कारोबारियों को चेतावनी दी, जहां इस तरह के गलत काम हो रहे थे।
गांव में शराब के कारण बर्बाद हो रहे परिवार, महिलाओं ने लिया ठोस कदम
गांव में अवैध शराब बिक्री के कारण कई गरीब परिवार आर्थिक और सामाजिक संकटों से जूझ रहे हैं। नशे की लत के कारण घरों में झगड़े, घरेलू हिंसा और कलह बढ़ रहे हैं।
इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं और बच्चे हैं। महिलाओं ने सरपंच की इस पहल का जोरदार समर्थन किया और कहा कि यदि गांव से शराब की दुकानें और अवैध बिक्री बंद हो जाए, तो उनके परिवारों में शांति और खुशहाली लौटेगी।
गांव की एक महिला ने कहा:
“हम वर्षों से इस समस्या को सह रहे थे। अब हमें उम्मीद है कि गांव में नशामुक्ति से माहौल बदलेगा और हमारे बच्चे सुरक्षित रहेंगे।”
नशामुक्त गांव: ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
ग्राम पंचायत ने नशामुक्ति के लिए एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें सरपंच सम्मे बाई पटेल, सरपंच प्रतिनिधि केशव पटेल, उपसरपंच सुनीता बाई चेलक, पंचगण, महिला समिति की सदस्यगण और वरिष्ठ ग्रामीणों ने भाग लिया।
इस बैठक में सभी ने गांव में दारू बंद करने पर सहमति जताई और पंचायत के निर्देशों का पालन करने का संकल्प लिया।
सरपंच सम्मे पटेल ने स्पष्ट किया:
“हम किसी भी कीमत पर अपने गांव को नशे से बर्बाद नहीं होने देंगे। अगर कोई शराब बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
कोचियों को चेतावनी: पंचायत के आदेश को न करें नजरअंदाज, वरना होगी कानूनी कार्रवाई
गांव में अवैध शराब बेचने वालों की पहचान की जा रही है। यदि कोई पंचायत के आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सरपंच ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे प्रशासन और पुलिस का सहयोग लेकर सख्त कार्रवाई करेंगे और गांव से नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म कर देंगे।
गांव की नई शुरुआत: नशा मुक्त वातावरण के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर
सरपंच सम्मे पटेल ने बताया कि यह केवल एक शुरुआत है। आगे वे गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए लगातार निगरानी रखेंगी।
बलौदा बाजार पलारी में दर्दनाक हादसा! दुकान के अंदर आग, युवक जिंदा जला, FSL टीम मौके पर
इसके साथ ही, गांव में:
✔ युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
✔ नशे से दूर रखने के लिए खेलकूद और शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।
✔ सरकारी योजनाओं के तहत महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने पर जोर दिया जाएगा।
ग्रामवासियों को इस पहल से गांव में सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है।
गांव में शराबबंदी की पहल बनी मिसाल, आसपास के गांवों में भी उठ रही मांग
धाराशिव गांव में लागू की गई शराबबंदी की पहल अब एक मिसाल बन गई है। आसपास के गांवों के लोगों ने भी इस मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई है।
प्यासे तेंदुए का कहर: किसान पर हमला, गांव में दहशत! वन विभाग सो रहा?
गांव के वरिष्ठ नागरिक मानु जायसवाल ने कहा:
“यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और इससे पूरे क्षेत्र में नशा मुक्त समाज के निर्माण में मदद मिलेगी।”
गांव के युवा और महिला समिति की सदस्य भी इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
निष्कर्ष: धाराशिव ने दिखाई नई राह, क्या अन्य गांव भी उठाएंगे ऐसा कदम?
ग्राम पंचायत धाराशिव में शराबबंदी लागू करने का यह निर्णय केवल एक कानूनी कदम नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत है।
✔ सरपंच सम्मे बाई पटेल की इस पहल से गांव में नई उम्मीद जगी है।
✔ गांव में जागरूकता बढ़ी है, और नशे के खिलाफ एकजुटता देखी जा रही है।
✔ गांव की महिलाएं, युवा और बुजुर्ग इस फैसले को लेकर बेहद उत्साहित हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि धाराशिव के इस साहसिक फैसले से अन्य गांव क्या प्रेरणा लेंगे? क्या यह पहल एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का कारण बनेगी?
📢 छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम (Chhattisgarh Talk) अपडेट देता रहेगा!
व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े- Join Now
- विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 9111755172
-टीम छत्तीसगढ़ टॉक न्यूज़ (Chhattisgarh Talk News)
ट्रैफिक पुलिस बनी वसूली एजेंसी: टोकन दिखाओ, चालान से बचो! जानिए इस गुप्त वसूली खेल की सच्चाई!
Exclusive News: टोकन सिस्टम अवैध वसूली की खबर के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप! एक्शन में बलौदाबाजार कप्तान (SP), लेकिन क्या बच निकलेंगे बड़े खिलाड़ी?
कृषि योजनाओं का लाभ चाहिए? बिना देरी के कराएं फार्मर रजिस्ट्रेशन, जानें पूरी प्रक्रिया!
बलौदाबाजार नगर पालिका शपथ ग्रहण विवाद: भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, अलग-अलग स्थानों पर हुआ शपथ समारोह!
बलौदाबाजार में भाजपा कार्यालय बना रणभूमि: ताले टूटे, नारे गूंजे! जानें क्यों भाजपा में मचा बवाल!
आप किस जेनरेशन का हिस्सा हैं? जानिए हर पीढ़ी की विशेषताएँ और योगदान