ऑनलाइन ठगी से सावधान! क्रेडिट कार्ड और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर कैसे लूटा जा रहा है आपका पैसा? ASP हेमसागर सिदार ने किया खुलासा

ऑनलाइन ठगी से सावधान! क्रेडिट कार्ड और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर कैसे लूटा जा रहा है आपका पैसा? ASP हेमसागर सिदार ने किया खुलासा (Chhattisgarh Talk)
ऑनलाइन ठगी से सावधान! क्रेडिट कार्ड और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर कैसे लूटा जा रहा है आपका पैसा? ASP हेमसागर सिदार ने किया खुलासा (Chhattisgarh Talk)

ऑनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश! क्रेडिट कार्ड बकाया, CBI जांच और कोर्ट वारंट का डर दिखाकर ₹3.48 लाख की ठगी करने वाले 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार। पढ़ें पूरी खबर।

सीबीआई अधिकारी बनकर डराने और म्यूल अकाउंट से ठगी करने वाले साइबर अपराधी पुलिस के शिकंजे में

बलौदाबाजार जिले के थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी कर ₹3,48,000 की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने क्रेडिट कार्ड बकाया होने, मनी लॉन्ड्रिंग केस, सीबीआई जांच और कोर्ट वारंट का डर दिखाकर लोगों को ठगा।

धनबाद (झारखंड) और नयागढ़ (उड़ीसा) से हिरासत में लिए गए इन आरोपियों ने फर्जी कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को धमकाया और क्यूआर कोड स्कैन करवाकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।


ऑनलाइन ठगी: कैसे हुआ खुलासा?

पीड़िता ने 15 जनवरी 2025 को थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे एक अनजान नंबर से कॉल आया, जिसमें खुद को सीबीआई अधिकारी बताया गया।

आरोपियों ने पीड़िता को बताया कि—

  1. उसका क्रेडिट कार्ड का बैलेंस बकाया है
  2. वह मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है
  3. अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया, तो कोर्ट से वारंट जारी हो जाएगा

आरोपियों ने फर्जी कोर्ट वारंट की प्रति व्हाट्सएप पर भेजकर डराया और फिर एक क्यूआर कोड भेजकर उस पर पैसा जमा करने को कहा।

डर के कारण पीड़िता ने 15 जनवरी से 22 जनवरी 2025 के बीच अलग-अलग ट्रांजैक्शनों में कुल ₹3,48,000 यूपीआई के माध्यम से आरोपियों को भेज दिए।

इसके बाद भी आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल कर धमकियां जारी रखीं।


पुलिस ने ऐसे दबोचा साइबर ठगों को!

पीड़िता की शिकायत के बाद थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 121/2025 दर्ज किया।

तत्काल कार्रवाई करते हुए साइबर सेल और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी जुटाई गई।

पुलिस टीम ने झारखंड के धनबाद और उड़ीसा के नयागढ़ में दबिश देकर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


ऑनलाइन ठगी के गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

क्रमांक आरोपी का नाम उम्र निवासी
1 भोला उर्फ रोहित कुमार 22 वर्ष धनबाद, झारखंड
2 देवनाथ विसोई 20 वर्ष नयागढ़, उड़ीसा
3 कालूचरण बारीक 23 वर्ष नयागढ़, उड़ीसा
4 शिबाशंकर अचारी 23 वर्ष नयागढ़, उड़ीसा

कैसे काम करता था गिरोह?

1. भोला उर्फ रोहित कुमार (मुख्य साजिशकर्ता)

  • बीए फाइनल का छात्र है।
  • ऑनलाइन फर्जी कॉलिंग, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी से पैसा कमाने में माहिर।
  • ICICI बैंक, इंडसइंड बैंक, PNB, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, SBI सहित कई बैंकों में फर्जी खाते खुलवाए।
  • मनी लॉन्ड्रिंग केस, क्रेडिट कार्ड बकाया, सीबीआई जांच का डर दिखाकर लोगों से पैसे ऐंठता था।

2. म्यूल अकाउंट धारक (देवनाथ, कालूचरण, शिबाशंकर)

  • इन तीनों आरोपियों ने साइबर फ्रॉड के लिए अपने नाम से बैंक खाते खुलवाए।
  • ठगी के पैसे इन खातों में आते थे, और यह लोग पैसा निकालकर मुख्य आरोपी को देते थे।
  • बदले में इन्हें हर ट्रांजैक्शन पर ₹500 से ₹1000 का कमीशन मिलता था।

ऑनलाइन ठगी: कौन हैं “म्यूल अकाउंट धारक” और कैसे करते हैं ठगी?

म्यूल अकाउंट धारक वे लोग होते हैं जो अपने बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए करवाते हैं।

  • जब कोई फ्रॉड किया जाता है, तो पैसे सीधे आरोपी के अकाउंट में नहीं जाते, बल्कि पहले म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर किए जाते हैं।
  • वहां से कई अन्य खातों में पैसे घुमाकर ठगी के पैसों को निकाल लिया जाता है।
  • इस तरह पुलिस के लिए असली आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर का बयान

“यह साइबर ठग लोगों को डराने-धमकाने के जरिए ठगी कर रहे थे। हमारी टीम ने तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग से आरोपियों को दबोच लिया। हमें शक है कि इस गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है, जिसकी जांच जारी है। जनता से अपील है कि ऐसे किसी भी कॉल पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।”

अब आगे क्या होगा?

  • चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
  • पुलिस साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
  • आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबर की जांच कर अन्य पीड़ितों का पता लगाया जाएगा।
  • अगर आप भी किसी ऐसे ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

पुलिस की अपील: सावधान रहें, सुरक्षित रहें!

  • कोई भी अनजान कॉल या व्हाट्सएप मैसेज में बैंक, पुलिस, या सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो सतर्क रहें।
  • किसी भी क्यूआर कोड को बिना जांचे-परखे स्कैन न करें।
  • कोई भी कॉल आपको डराने या धमकाने की कोशिश करे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
  • साइबर फ्रॉड से बचने के लिए पुलिस की हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करें।

थाना सिटी कोतवाली पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई कर इस संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया गया। आगे की जांच जारी है।

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