



cheating in board exam: परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर छात्रों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाता। साथ ही सामूहिक नकल का मामला सामने आने पर परीक्षा को स्थगित कर दिया जाता हैं। नकलचियों पर लगाम लगाने के लिए शासन ने फैसला लिया है। पर क्या गुरुजी खुद मुन्नाभाई की तरह नकल कराए तो क्या होगा?? शिक्षकों द्वारा ऐसे ही नक़ल करवा कर मुन्ना भाई बनाये जाएँगे तो भारत का भविष्य कहलाने वाले ये प्रतिभाशाली बच्चे देश में कहाँ अपनी जगह बना पायेंगे??
अमित पांडेय/खैरागढ़ न्यूज़: छत्तीसगढ़ राज्य के खैरागढ़ ज़िले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां 10वीं बोर्ड की परीक्षा में मुन्नाभाई के तर्ज पर गुरुजी अपने चहेते छात्रो को नकल करवा रहे हैं जिसकी शिकायत आज तीसरे पेपर के दिन बच्चों ने ज़िला शिक्षा अधिकारी से उनके कार्यालय पहुँच कर की। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्र छात्राओं को बोर्ड परीक्षा के लिए टिप्स देते हुए “परीक्षा पे चर्चा” करते हैं तो वहीं खैरागढ़ के स्वामी आत्मानंद आदर्श कन्या विद्यालय में शिक्षक अपने चहेते छात्रों को 10 वीं के बोर्ड परीक्षा में धड़ल्ले से नकल करवा रहे हैं। धड़ल्ले से हो रही नक़ल से आहत छात्र छात्राएं आज परीक्षा के बाद शिकायत करने ज़िला कार्यालय पहुँचे जहां उन्होंने ज़िला शिक्षा अधिकारी को कलेक्टर के नाम शिकायत पत्र दिया और अपनी आप बीती बताई।
छात्र ने खोली पोल
पीड़ित छात्र बताते है कि पहले हुए दो परीक्षाओं में भी शिक्षक द्वारा कुछ विशेष छात्रो को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा। दसवी की परीक्षा का आज तीसरा पेपर है आज भी उन्हीं छात्रो को शिक्षक द्वारा नक़ल के पर्चे दिये गये । छात्रो की माने तो शिक्षक को किसी का फ़ोन आता है और वो फ़ोन पर बच्चे के पेपर के बारे में पूछता है जिसके बाद तुरंत शिक्षक बच्चों की उत्तर पुस्तिका देखता है अगर बच्चे ने कुछ नहीं लिखा है तो शिक्षक उसे लिखने के लिये पर्चे देता है। छात्रो के इस आरोप से शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े होते हैं?
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cheating in board exam: अगर शिक्षकों द्वारा ऐसे ही नक़ल करवा कर मुन्ना भाई बनाये जाएँगे तो भारत का भविष्य कहलाने वाले ये प्रतिभाशाली बच्चे देश में कहाँ अपनी जगह बना पायेंगे??
cheating in board exam: फ़िलहाल ज़िला शिक्षा अधिकारी ने केंद्राध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है और जाँच करवाने की बात की है लेकिन क्या केंद्राध्यक्ष को हटाने मात्र से शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था का सुधार हो पाएगा या आरोपीयो की जाँच कर कठोर कार्यवाही करना ही छात्रो को न्याय दिला पाएगा।