SDM कार्यालय में बंदरों का मस्तीभरा उत्पात, सरकारी गाड़ी के शीशे तक चढ़े और पेड़ों पर झूलते नजर आए, स्थानीय प्रशासन की चुप्पी

SDM कार्यालय में बंदरों का मस्तीभरा उत्पात, सरकारी गाड़ी के शीशे तक चढ़े और पेड़ों पर झूलते नजर आए, स्थानीय प्रशासन की चुप्पी
SDM कार्यालय में बंदरों का मस्तीभरा उत्पात, सरकारी गाड़ी के शीशे तक चढ़े और पेड़ों पर झूलते नजर आए, स्थानीय प्रशासन की चुप्पी

बलौदाबाजार-भाटापारा/अमृत साहू/ SDM कार्यालय में बंदरों का मस्तीभरा उत्पात: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा में स्थित एसडीएम (SDM) (सहायक जिला मजिस्ट्रेट) कार्यालय परिसर इन दिनों एक अनोखे दृश्य का गवाह बन रहा है। कार्यालय परिसर और एसडीएम (SDM) साहब की सरकारी गाड़ी में घूमते बंदरों का झुंड, बिना किसी डर के उछल-कूद करता हुआ नजर आ रहा है। यह दृश्य न केवल कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन चुका है, बल्कि आसपास के लोगों और फरियादियों के लिए भी एक असामान्य मनोरंजन का स्रोत बन गया है। इस बार तो बंदर SDM साहब की गाड़ी के शीशे तक पहुँच गए हैं, जिस नज़ारे को आप खुद देख सकते हैं।

एसडीएम कार्यालय के बाहर खड़ी गाड़ियों को भी बंदरों से खतरा है। बंदर अक्सर गाड़ियों के बोनट, विंडशील्ड या साइड मोल्डिंग पर चढ़ जाते हैं, जिससे गाड़ियों की बाहरी सतहों को खरोंचें और डेंट्स लग जाते हैं।

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बंदरों का शहर में आगमन

एसडीएम (SDM) कार्यालय परिसर में बंदरों का झुंड दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में विचरण करने वाले ये बंदर, अब कार्यालय परिसर के भीतर भी घुसने लगे हैं। कर्मचारी और आगंतुकों का कहना है कि बंदरों का यह झुंड अब सिर्फ पार्किंग स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकारी गाड़ी पर चढ़कर, पेड़ों पर झूलते हुए मस्ती कर रहा है। ये बंदर न केवल उछल-कूद करते हैं, बल्कि एसडीएम (SDM) कार्यालय की छत और खिड़कियों तक भी पहुँच जाते हैं, जहां से वे कर्मचारियों के काम में खलल डालते हैं।

SDM कार्यालय में अनोखा नजारा

एसडीएम (SDM) कार्यालय के आसपास के लोग इस स्थिति को मनोरंजन के रूप में देख रहे हैं। एसडीएम साहब की सरकारी गाड़ी पर बंदरों का चढ़ना और उस पर मस्ती करना, अब यहां के आम दृश्य बन गए हैं। बंदर गाड़ियों के बोनट पर चढ़कर लुड़कते हैं, खिड़कियों से बाहर झांकते हैं और यहां तक कि कार की साइड मोल्डिंग पर भी चढ़ जाते हैं। इससे गाड़ियों को छोटे-मोटे नुकसान तो हो ही रहे हैं, साथ ही इस घटना ने कार्यालय आने वाले फरियादियों को हंसी का मौका भी दे दिया है।

देखिए वीडियो: SDM साहब की गाड़ी में कैसे उछल-कूद कर रहे बंदर

बंदरों की बढ़ती समस्या “कहीं ये बंदर किसी से आक्रामक न हो जाएं”

स्थानीय लोग और कार्यालय कर्मचारी इस बढ़ती समस्या को लेकर परेशान हैं। कार्यालय में काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया, “बंदरों का घुसना अब एक आम बात हो गई है। वे खाने-पीने की चीजों को चुराते हैं, कभी-कभी कार्यालय के सामान को नुकसान भी पहुंचाते हैं। हम डरते हैं कि कहीं ये बंदर किसी से आक्रामक न हो जाएं।” एक अन्य कर्मचारी ने कहा, “बंदरों के आ जाने से काम में रुकावटें आ रही हैं और उनका उत्पात भी बढ़ रहा है।”

स्थानीय प्रशासन की चुप्पी

जब इस समस्या पर अधिकारियों से सवाल किया गया, तो उनका कहना था कि बंदरों की बढ़ती संख्या एक बड़ी समस्या बन चुकी है, लेकिन इसके समाधान के लिए किसी ठोस कदम की योजना अभी तक तैयार नहीं की गई है। स्थानीय प्रसासन के अधिकारी भी इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन बंदरों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाने में नाकाम रहा है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।

बंदरों की उछलकूद से कर्मचारियों में असुविधा

एसडीएम कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं कि बंदर अक्सर कार्यालय की छतों, खिड़कियों और दरवाजों से भीतर घुस जाते हैं। ये बंदर लंच ब्रेक के दौरान खाने-पीने की चीजों को चुराते हैं और कभी-कभी कार्यालय के सामान को भी नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं, जब कोई कर्मचारी बंदरों को रोकने की कोशिश करता है, तो वे आक्रामक हो जाते हैं, जिससे डर और असुविधा का माहौल बना रहता है।

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