राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम: दवा सेवन अभियान में सहभागिता की कलेक्टर ने की अपील

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में बड़ा कदम: दवा सेवन अभियान में सहभागिता की कलेक्टर ने की अपील

केशव साहू बलौदा बाजार।राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में एक बार फिर व्यापक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचकर पात्र लोगों को उम्र और वजन के अनुसार दवाइयां वितरित करेंगे। खास बात यह है कि दवा का सेवन स्वास्थ्यकर्मी के सामने करना अनिवार्य होगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवा सही तरीके से ली गई है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए कलेक्टर दीपक सोनी ने जिलेवासियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए समाज के हर व्यक्ति का सहयोग जरूरी है।

क्या है फाइलेरिया और क्यों है यह खतरनाक

फाइलेरिया, जिसे आम बोलचाल में हाथीपांव कहा जाता है, एक गंभीर संक्रामक रोग है। यह बीमारी मच्छरों के माध्यम से फैलती है और धीरे-धीरे शरीर के लिम्फेटिक सिस्टम को नुकसान पहुंचाती है। शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन समय के साथ हाथ, पैर, जननांग या शरीर के अन्य हिस्सों में असामान्य सूजन हो जाती है। यह सूजन केवल शारीरिक कष्ट तक सीमित नहीं रहती, बल्कि व्यक्ति को सामाजिक, मानसिक और आर्थिक रूप से भी प्रभावित करती है। फाइलेरिया से पीड़ित कई लोग जीवनभर विकलांगता जैसी स्थिति में जीने को मजबूर हो जाते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह बीमारी एक बार गंभीर अवस्था में पहुंच जाए, तो इसका इलाज बेहद कठिन हो जाता है। हालांकि राहत की बात यह है कि फाइलेरिया पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है। समय पर और नियमित रूप से दवा का सेवन कर इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है।

दवा सेवन अभियान का उद्देश्य

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले से फाइलेरिया संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है। इसके लिए सामूहिक दवा सेवन बेहद जरूरी है। जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ दवा लेते हैं, तो शरीर में मौजूद परजीवी नष्ट हो जाते हैं और मच्छरों के माध्यम से बीमारी फैलने की संभावना खत्म हो जाती है। इसी लक्ष्य को लेकर 10 से 25 फरवरी तक यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर घर तक पहुंचेंगी और पात्र व्यक्तियों को दवा देंगी।

घर-घर जाकर दी जाएगी दवा

अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्य स्वयंसेवक घर-घर जाकर लोगों को दवा देंगे। दवा व्यक्ति की उम्र और वजन के अनुसार तय की जाएगी, ताकि इसका सही असर हो और किसी तरह की परेशानी न हो। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि दवा का सेवन मौके पर ही करना जरूरी है। ऐसा इसलिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवा वास्तव में ली गई है और किसी भ्रम या डर के कारण छोड़ी नहीं गई।

कलेक्टर की अपील: अफवाहों से बचें, दवा जरूर लें

कलेक्टर दीपक सोनी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है। यदि समय पर दवा नहीं ली गई, तो यह बीमारी आजीवन विकलांगता का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान दी जा रही दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित हैं और इन्हें वर्षों से देशभर में करोड़ों लोग ले चुके हैं। कुछ लोग मामूली दुष्प्रभावों की अफवाह फैलाते हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ऐसे में अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए केवल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग का प्रयास पर्याप्त नहीं है। इसमें आम जनता की भागीदारी सबसे अहम है।

परिवार और समाज को करें प्रेरित

कलेक्टर ने अपील की कि लोग स्वयं दवा सेवन करें और अपने परिवार, पड़ोसियों व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। कई बार जानकारी के अभाव या डर के कारण लोग दवा लेने से हिचकते हैं, लेकिन सामूहिक प्रयास से इस सोच को बदला जा सकता है।उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और अभियान में सहयोग करे, तो बलौदाबाजार-भाटापारा जिला जल्द ही फाइलेरिया मुक्त घोषित किया जा सकता है

स्वास्थ्य विभाग की पूरी तैयारी

स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और सभी स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। अभियान के दौरान विशेष ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा सेवन से वंचित न रहे। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी विशेष दल तैनात किए जाएंगे, ताकि वहां रहने वाले लोग भी अभियान से जुड़ सकें। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक स्थलों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

पहले भी मिले हैं सकारात्मक परिणाम

पिछले वर्षों में जिले में चलाए गए फाइलेरिया दवा सेवन अभियानों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कई क्षेत्रों में संक्रमण की दर में उल्लेखनीय कमी आई है। यही वजह है कि इस बार भी प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लगातार कुछ वर्षों तक उच्च स्तर पर दवा सेवन सुनिश्चित किया जाए, तो फाइलेरिया जैसी बीमारी को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।

एक स्वस्थ जिले की ओर कदम

फाइलेरिया उन्मूलन केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। यह अभियान न केवल बीमारी से बचाव का माध्यम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में एक ठोस कदम है। कलेक्टर दीपक सोनी ने अंत में कहा कि लोगों की सहभागिता से ही बलौदाबाजार-भाटापारा जिला फाइलेरिया मुक्त बन सकेगा। आइए, हम सभी मिलकर एक स्वस्थ, सशक्त और रोगमुक्त जिले की ओर कदम बढ़ाएं। यह अभियान हर नागरिक के सहयोग से ही सफल होगा और यही सहयोग जिले की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।

📍बलौदाबाजार से केशव साहू की  रिपोर्ट

चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
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