अवैध रेत माफिया पर बड़ी कार्रवाई: राजस्व टीम ने 4 ट्रैक्टर जब्त किए, कसडोल और पलारी में सख्ती…
केशव साहू बलौदा बाजार। बलौदाबाजार जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अवैध रूप से रेत परिवहन करते 4 ट्रैक्टर जब्त किए। यह कार्रवाई जिले में लगातार बढ़ रही अवैध रेत गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध खनन और परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। हाल के दिनों में रेत घाटों पर निगरानी और औचक निरीक्षण की संख्या बढ़ाई गई है, जिसका असर अब दिखाई देने लगा है।
कसडोल में कार्रवाई: ग्राम दर्रा से पकड़ा गया ट्रैक्टर
प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील कसडोल अंतर्गत ग्राम दर्रा क्षेत्र से अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा था। सूचना मिलने पर राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर एक ट्रैक्टर को रेत लोड करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान संबंधित चालक के पास वैध परिवहन दस्तावेज नहीं पाए गए। मौके पर ही ट्रैक्टर को जब्त कर थाना कसडोल के सुपुर्द किया गया। प्रशासन अब संबंधित वाहन मालिक और चालक के खिलाफ खनिज नियमों के तहत आगे की कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक वाहन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी।
पलारी में तीन ट्रैक्टर जब्त
इसी तरह तहसील पलारी क्षेत्र में भी अवैध रेत परिवहन की सूचना पर कार्रवाई की गई। यहां तीन ट्रैक्टर अलग-अलग स्थानों से अवैध रूप से रेत ले जाते हुए पाए गए। राजस्व टीम ने मौके पर दस्तावेजों की जांच की, लेकिन वैध अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किए जा सके। तीनों ट्रैक्टरों को जब्त कर थाना पलारी के सुपुर्द किया गया है। पुलिस अब वाहन मालिकों से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि रेत कहां से निकाली गई और किस स्थान पर पहुंचाई जा रही थी।
अवैध रेत कारोबार पर सख्ती
जिले में अवैध रेत उत्खनन लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। नदी घाटों से बिना अनुमति रेत निकालना और रात के अंधेरे में उसका परिवहन करना आम बात बनती जा रही थी। इससे न केवल शासन को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंचती है। कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर रेत घाटों की कड़ी निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में अवैध उत्खनन की शिकायतें मिलेंगी, वहां तत्काल छापेमारी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला टास्क फोर्स की सक्रियता
अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए जिला टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टास्क फोर्स में पुलिस, राजस्व विभाग और खनिज विभाग के अधिकारी शामिल हैं। संयुक्त टीम द्वारा समय-समय पर औचक छापेमारी की जाती है, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। टास्क फोर्स की यह संयुक्त कार्रवाई अवैध रेत माफिया के लिए स्पष्ट संदेश है कि अब नियमों की अनदेखी करना आसान नहीं होगा। प्रशासन का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो रात में भी विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
पर्यावरणीय असर भी गंभीर
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध रेत उत्खनन से नदी की धारा प्रभावित होती है, जलस्तर गिरता है और आसपास के गांवों में भू-क्षरण की समस्या बढ़ती है। बिना वैज्ञानिक तरीके से रेत निकालने से पुल-पुलियों और सड़क संरचनाओं पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल वैध स्वीकृत घाटों से निर्धारित मात्रा में ही रेत निकाली जा सकती है। इसके बाहर किसी भी प्रकार की गतिविधि को गैरकानूनी माना जाएगा।
राजस्व नुकसान पर भी फोकस
अवैध रेत परिवहन से शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान होता है। वैध रेत परिवहन के लिए रॉयल्टी और अन्य शुल्क जमा करना अनिवार्य होता है। जब बिना अनुमति रेत निकाली और बेची जाती है, तो सरकारी खजाने को सीधा नुकसान पहुंचता है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जब्त किए गए ट्रैक्टरों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और पुनरावृत्ति होने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित वाहन मालिकों के खिलाफ खनिज अधिनियम और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों की भूमिका अहम
अक्सर देखा गया है कि अवैध रेत परिवहन ग्रामीण क्षेत्रों से होकर गुजरता है। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में अवैध उत्खनन या परिवहन की गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल सूचना दें। कई मामलों में स्थानीय सूचना के आधार पर ही कार्रवाई संभव हो पाती है। कुछ ग्रामीणों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि अवैध उत्खनन से खेतों और नदी किनारे की जमीन को नुकसान पहुंचता है। इसलिए सख्ती जरूरी है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान?
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान एक दिन की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। जिले के विभिन्न तहसीलों में लगातार निगरानी रखी जाएगी। जहां भी संदेह होगा, वहां तत्काल जांच और कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए और मौके पर जाकर सत्यापन किया जाए। पुलिस और खनिज विभाग के साथ समन्वय बनाकर अभियान को और तेज करने की रणनीति तैयार की गई है।
संदेश साफ: अवैध कारोबार पर शून्य सहनशीलता
शनिवार की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अवैध रेत माफिया पर शिकंजा कसने के लिए प्रतिबद्ध है। चार ट्रैक्टरों की जब्ती केवल शुरुआत मानी जा रही है। आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
अवैध रेत उत्खनन और परिवहन केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण, विकास और शासन व्यवस्था के लिए भी खतरा है। ऐसे में प्रशासन की यह सख्ती आवश्यक और समयोचित मानी जा रही है। बलौदाबाजार जिले में चल रही इस मुहिम से यह उम्मीद की जा रही है कि अवैध रेत कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगेगा और वैध व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों के विरुद्ध काम करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।






















