भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी और बिक्री करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया। 7 आरोपी गिरफ्तार, सप्लाई चेन टूटी।
बलौदाबाजार-भाटापारा: भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गांव-गांव तक फैले देसी मसाला शराब के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने सात सदस्यीय संगठित गिरोह को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में चोरी-छिपे शराब की सप्लाई कर रहा था और पुलिस की नजर से बचकर अपना नेटवर्क चला रहा था।
इस कार्रवाई की शुरुआत ग्राम तरेंगा से हुई, जहां एक आरोपी को अवैध शराब बेचते रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस ने जिस तरह से पूछताछ, तकनीकी जानकारी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी सप्लाई चेन को उजागर किया, वह भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे अहम कार्रवाई मानी जा रही है।
मुखबिर की सूचना से खुला अवैध शराब का राज
थाना भाटापारा ग्रामीण पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम तरेंगा में एक युवक चोरी-छिपे देसी मसाला शराब की बिक्री कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की और घेराबंदी कर आरोपी अमर यदू को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 40 पाव देसी मसाला शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4600 रुपये बताई गई। आरोपी के खिलाफ थाना भाटापारा ग्रामीण में अपराध क्रमांक 25/2026, धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया।
सिर्फ विक्रेता नहीं, सप्लाई करने वाले तक पहुंचना था जरूरी
पुलिस के सामने असली चुनौती यहीं खत्म नहीं हुई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे एक पूरी सप्लाई चेन काम करती है। पुलिस के लिए यह जानना जरूरी था कि तरेंगा गांव तक शराब आखिर कहां से आ रही थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।
इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में सक्रिय अवैध शराब माफिया के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, एसडीओपी तारेश साहू और थाना प्रभारी हेमंत पटेल को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि इस गिरोह के हर सदस्य तक पहुंचकर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पूछताछ में सामने आई पूरी सप्लाई चेन
गिरफ्तार आरोपी अमर यदू से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने कई अहम खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि वह अपने गांव में लुक-छिपकर शराब बेचता था और उसे यह शराब पटपर भाटापारा में चाय दुकान चलाने वाले नितेश रात्रे से मिलती थी।
जानकारी मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए नितेश रात्रे को हिरासत में ले लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई। यहीं से पूरा नेटवर्क धीरे-धीरे सामने आने लगा।
संगठित गिरोह की परतें खुलती गईं
पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि यह कोई अलग-अलग लोग नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह था, जो आपस में तालमेल बनाकर अवैध शराब की तस्करी और बिक्री कर रहा था। पूछताछ और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य पांच सदस्यों को भी हिरासत में लिया।
इन सभी आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अवैध रूप से लाभ कमाने के उद्देश्य से संगठित होकर भाटापारा ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों में शराब की सप्लाई और बिक्री कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और गांवों में चोरी-छिपे शराब पहुंचा रहा था।
गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र के लोग शामिल हैं, जो नेटवर्क को मजबूत बनाए हुए थे।
- अमर यदू (29 वर्ष) निवासी गोगिया पारा, ग्राम तरेंगा
- नितेश रात्रे (22 वर्ष) निवासी ग्राम गुर्रा
- दुर्गेश गुजरतिया (21 वर्ष) निवासी शक्ति वार्ड, भाटापारा
- हरिचंद देवांगन (38 वर्ष) निवासी वार्ड नंबर 4, ग्राम तरेंगा
- रवि कुमार निषाद (35 वर्ष) निवासी ग्राम तरेंगा
- अजय मारकंडेय (30 वर्ष) निवासी भगत सिंह वार्ड, भाटापारा
- गोपी गेण्डरे (29 वर्ष) निवासी महासती वार्ड, भाटापारा
संगठित अपराध की धाराओं में कार्रवाई की तैयारी
भाटापारा ग्रामीण टीआई हेमंत पटेल के अनुसार, यह मामला केवल आबकारी एक्ट तक सीमित नहीं रहेगा। चूंकि आरोपी संगठित रूप से अवैध कारोबार कर रहे थे, इसलिए इनके खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
ग्रामीण इलाकों में शराब माफिया पर सख्ती का संकेत
भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश देती है कि अवैध शराब कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे गिरोह न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती देते हैं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
ग्रामीण इलाकों में अवैध शराब के कारण घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं और अपराध बढ़ने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश प्रशासन और पुलिस दोनों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
भाटापारा ग्रामीण टीआई हेमंत पटेल ने साफ किया है कि यह कार्रवाई यहीं खत्म नहीं होगी। भाटापारा ग्रामीण क्षेत्र में अवैध शराब तस्करी और बिक्री से जुड़े अन्य नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है। मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया गया है, ताकि समय रहते ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि अब गांवों में छिपकर शराब बेचने वाले माफियाओं के दिन गिने-चुने रह गए हैं। कानून की पकड़ धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से हर उस दरवाजे तक पहुंच रही है, जहां से अवैध कारोबार चल रहा था।
📍बलौदाबाजार से केशव साहू की ग्राउंड रिपोर्ट
चंद्रकांत वर्मा, संपादक – ChhattisgarhTalk.com
✉️ chhattisgarhtalk@gmail.com | ☎️ +91 9111755172
हमारे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े- Join Now
- विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 9111755172
-टीम छत्तीसगढ़ टॉक न्यूज़ (Chhattisgarh Talk News)
महिला प्रधानपाठिका निलंबित: Chhattisgarh Talk की खबर का असर
आप किस जेनरेशन का हिस्सा हैं? जानिए हर पीढ़ी की विशेषताएँ और योगदान
https://chhattisgarhtalk.com/the-collector-made-a-big-impact-of-the-news-of-chhattisgarh-talk-the-inquiry-committee-became-the-voice-of-the-villagers-struggling-with-water-crisis/


















