



बेमेतरा जिले के ग्राम नेवसा में अधेड़ व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने पुलिस पर प्रताड़ना और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया। आईजी ने जांच के आदेश दिए हैं।
अरुण पुरेना, बेमेतरा: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के ग्राम नेवसा में आत्महत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। 50 वर्षीय कुमार साहू ने आधी रात को अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन यह कोई साधारण आत्महत्या नहीं थी – परिजनों और समाज के लोगों का आरोप है कि इसकी असली वजह पुलिस की प्रताड़ना और धमकी थी।
घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। साहू समाज के सैकड़ों लोग नवागढ़ थाने पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका साफ कहना है कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज होगा।
बेमेतरा आत्महत्या मामला: जाने पूरा मामला?
घटना होली के दिन की है, जब कुमार साहू अपने धान की बिक्री का बकाया पैसा लेने व्यापारी रिंकू साहू के पास गए थे। परिजनों का आरोप है कि वहां पैसे मांगने पर व्यापारी और उसके साथियों ने उनके साथ जमकर मारपीट की और उन्हें बेइज्जत करके घर भेज दिया।
अगले ही दिन रिंकू साहू ने उल्टा कुमार साहू के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी, जिसमें छेड़छाड़ और घर में तोड़फोड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
पुलिस की धमकी बनी आत्महत्या की वजह?
मृतक के परिजनों का आरोप है कि थाने में कुमार साहू और उनके परिवार को घंटों तक बिठाकर प्रताड़ित किया गया।
- पुलिस ने धमकी दी कि अगर 25,000 रुपये और 2 क्विंटल अरहर नहीं दिए, तो उन्हें चोरी और अन्य झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा।
- परिजनों को डराया गया कि अगर वे पैसा नहीं देंगे, तो पूरा परिवार जेल में होगा।
- थाने में घंटों बिठाने के बाद उन्हें देर शाम जाने दिया गया, लेकिन धमकी की वजह से कुमार साहू पूरी रात परेशान रहे।
बेमेतरा आत्महत्या मामला: रातभर तनाव में रहे, फिर उठा लिया खौफनाक कदम
थाने से लौटने के बाद कुमार साहू बुरी तरह परेशान और डरे हुए थे। परिजनों का कहना है कि उन्होंने पूरी रात ठीक से खाना तक नहीं खाया और चुपचाप बैठे रहे। देर रात जब सभी सो गए, तब उन्होंने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बलौदाबाजार हिंसा मामले में AAP नेता समेत 3 गिरफ्तार, अब तक 191 गिरफ्तारी!
सुबह जब परिवार के लोगों ने उन्हें लटका हुआ देखा, तो घर में कोहराम मच गया। देखते ही देखते गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई और लोगों में जबरदस्त आक्रोश पनपने लगा।
बेमेतरा आत्महत्या मामला में आईजी ने दिया जांच का आश्वासन
मामला गर्माता देख आईजी राम गोपाल गर्ग ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए।
- मृतक के परिजन: “हमारे भाई ने कभी किसी का बुरा नहीं किया। पुलिस ने उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। उसे इतना डरा दिया कि उसने अपनी जान ले ली। हमें न्याय चाहिए!”
- साहू समाज के प्रतिनिधि: “हम दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन और बड़ा होगा!”
- राम गोपाल गर्ग, आईजी दुर्ग: “मामले की जांच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अब सवाल यह उठता है कि…
- क्या पुलिस पर लगाए गए आरोप सही साबित होंगे?
- क्या दोषी पुलिसकर्मियों को सजा मिलेगी या मामला दबा दिया जाएगा?
- क्या प्रशासन और सरकार इस तरह की प्रताड़ना को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएंगे?
फिलहाल, पूरा मामला जांच के दायरे में है, लेकिन अगर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज हो सकता है। मृतक के परिजन और समाज के लोग न्याय के इंतजार में हैं।
📢 छत्तीसगढ़ टॉक डॉट कॉम (Chhattisgarh Talk) अपडेट देता रहेगा!
व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े- Join Now
- विज्ञापन के लिए संपर्क करे: 9111755172
-टीम छत्तीसगढ़ टॉक न्यूज़ (Chhattisgarh Talk News)
कृषि योजनाओं का लाभ चाहिए? बिना देरी के कराएं फार्मर रजिस्ट्रेशन, जानें पूरी प्रक्रिया!
बलौदाबाजार नगर पालिका शपथ ग्रहण विवाद: भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, अलग-अलग स्थानों पर हुआ शपथ समारोह!
बलौदाबाजार में भाजपा कार्यालय बना रणभूमि: ताले टूटे, नारे गूंजे! जानें क्यों भाजपा में मचा बवाल!
आप किस जेनरेशन का हिस्सा हैं? जानिए हर पीढ़ी की विशेषताएँ और योगदान