



बेमेतरा संडी सिद्धि माता मंदिर में बलि प्रथा पर लगी रोक, अब लगेगा जुर्माना,
अरुण पुरेना, बेमेतरा। जिले के ग्राम देवरबीजा के परमेश्वरी भवन में संडी सिद्धि माता मंदिर में बलि प्रथा को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सपाद लक्षेश्वर धाम ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी महाराज ने की, जिसमें संडी सामाजिक संगठन, ग्राम संडी सरपंच, सरहदी ग्रामों के सरपंच, प्रशासन और पुलिस के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस बैठक में सभी सदस्यों ने बलि प्रथा पर पूर्ण रोक लगाने पर सहमति जताई और इसे प्रतिबंधित करने के लिए लिखित पत्र सौंपने का सामूहिक निर्णय लिया।
मंदिर की ऐतिहासिक मान्यता
ग्राम संडी बेमेतरा से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां सिद्धि माता मंदिर स्थापित है। मान्यता के अनुसार सन 1965 में किसान जीवनलाल साहू को माता ने स्वप्न में दर्शन दिए, जिसके बाद खेत में माता की मूर्ति प्रकट हुई। जीवनलाल ने माता से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी, जो पूरी होने पर उन्होंने बकरे की बलि दी। तब से हर साल होली के बाद 13 दिनों तक बलि देने की परंपरा चली आ रही थी।
बलि देते पाए जाने लगेगा जुर्माना
बलि प्रथा को लेकर लगातार विरोध हो रहा था वही आरोप था कि इसके आड़ में जमकर अवैध शराब बिक्री की जा रही थी। जिससे आसपास पूरी तरह दूषित हो गया था। बाद बैठक में पूरी तरह इस सर्वसम्मति से रोक लगाया गया है। वही सपाद लक्षेश्वर धाम ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि बलि प्रथा बन्द करने के लिए आज बैठक किया गया और यह निर्णय लिया गया है कि आज के बाद कोई बलि नहीं की जाएगी। अगर उसमें कोई लिप्त पाया जाता है चाहे कोई खेत वाले या कोई शासकीय भूमि में पंडाल लगा करके उनके लिए उचित कार्यवाही की जाएगी दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी और यह हमेशा के लिए यह लागू रहेगा। वही ग्राम सरपंचों में भी इस पर सहमति जताई और इसके परिपालन में रोक लगाने के लिए गांव में मुनादी कराने की बात कही है। इस अवसर पर रामकुमार साहू अध्यक्ष मंदिर समिति संडी, सेवाराम सरपंच, हेमलाल देवांगन सरपंच देवरबीजा, जितेंद्र शुक्ला जिला अध्यक्ष ब्राह्मण समाज, सियाराम सरपंच सलधा, गणेश साहू सरपंच ग्राम पंचायत डंगनिया, रोमन पांडे, सुशील कुमार साहू सोंढ कबीर पंथी समाज, डोमार दास, वेद कुमार, बिल्लू दास, संतु, किशुन साहू, अजय, रोशनदान, टुम्मनदास, ब्रम्हपटेल, कबीरधाम, लेखमणि पांडे व मोहित राम उपस्थित रहे।